जैसी करनी, वैसी भरनी, कहावत आपने जरूर सुनी होगी. हाल ही में एक शख्स को इसी का परिणाम मिला. दरअसल, मुंबई की प्राइवेट कंपनी में अकाउंटेट की पोस्ट पर काम करने वाले व्यक्ति के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. शख्स पर आरोप है कि उसने 1.08 करोड़ रुपये का गबन किया है.
इसके बाद उसने इन सभी रुपयों को एक इंश्योरेंस स्कीम में इनवेस्टमेंट कर दिया. यह सभी रुपया उसने अपने नाम से इनवेस्ट किया था. लेकिन उसे पता ही नहीं था कि वह इनवेस्टमेंट असल में एक साइबर फ्रॉड है. ये जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है.
इलेक्ट्रिक और मैकेनिक वर्क्स नाम की कंपनी में वह शख्स साल 1992 से काम कर रहा था. उस पर आरोप है कि उसने 1.08 करोड़ रुपये का गबन किया और इसके बाद वह साइबर फ्रॉड का शिकार हो गया.
कंपनी में करीब तीन दशक से काम करने वाले शख्स ने कंपनी के मालिकों और बोर्ड मेंबर्स का भरोसा जीत लिया था. इसके बाद उसे बैंकिंग ट्रांजैक्शन के लिए OTP की अथॉरिटी मिल गई थी.
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, अकाउंटेंड के पोस्ट पर काम करने वाले आरोपी ने कंपनी के बैंक अकाउंट से अलग-अलग ट्रांजैक्शन कर 1.08 करोड़ रुपये निकाले थे.
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चार्जशीट में बताया है कि फोरेंसिक ऑडिट की रिपोर्ट में कंपनी के चार्टेड अकाउंटेड ने खुलासा किया कि 1.08 करोड़ रुपये का फ्रॉड हुआ है. यह फ्रॉड 2016 से 2023 के बीच हुआ है.
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पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए शख्स ने अपने आरोप को कबूल कर लिया है. साथ ही उसने बताया कि साल 2021 के दौरान उसे चार लोगों का कॉल आया और उन्होंने दावा किया था कि वे उसका रुपया डबल कर देगे. इसके बाद उसने कंपनी के रुपये उसमें लगा दिए. आरोपी ने यह रकम अलग -अलग पेमेंट के नाम से निकाली, जिसमें इनकम टैक्स और GST आदि के नाम शामिल हैं.