साइबर ठगी के रोजाना नए-नए मामले और अनोखे तरीके सामने आ रहे हैं. गरीब से लेकर अमीर तक, इनके तरीकों से बच नहीं पा रहे हैं. नया मामला दिल्ली से सामने आया है, जहां गृह मंत्रालय से रिटायर अधिकारी को 48 लाख रुपये का चूना लगा दिया. फ्रॉड करने वालों ने इस ठगी के लिए एक मैजिक ऐप का इस्तेमाल किया, जिससे उन्होंने एक फर्जी लड़की की आवाज का इस्तेमाल किया.
Cyber crime के नए-नए तरीके, यहां पढ़ें डीटेल कवरेज
दरअसल, आरोपियों ने लड़की की आवाज निकालकर खुद को अधिकारी के बैचमेट की बेटी बताया और मदद मांगने के नाम पर ठगी कर ली. दरअसल, साउथ दिल्ली के साइबर सेल ने इस मामले में मुस्तैदी दिखाते हुए गिरोह का पर्दाफाश किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मुख्य आरोपी सुमन कुमार, आशीष कुमार, विवेक कुमार, अभिषेक कुमार और एक नाबालिग को गिरफ्त में लिया है. बताते चलें कि सुमन कुमार डाबर कंपनी के निदेशक से भी 11 करोड़ रुपये ठग चुका है.
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साउथ दिल्ली पुलिस उपायुक्त चंदन चौधरी ने बताया कि मालवीय नगर में रहने वाले गृह मंत्रालय के रिटायर अधिकारी देवेंद्र कुमार ठाकुर ने साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार वर्मा को 8 जुलाई को शिकायत की. उन्होंने कंप्लेंट में बताया कि उनके पास आरोही झा नाम की लड़की का कॉल आया और उसने खुद को उनके एक बैचमेट की बेटी बताया.
अधिकारी को जाल में फंसाने के लिए लड़की ने बताया कि उसकी मां बिहार के अस्पताल में भर्ती हैं. लड़की ने मां के लिए इलाज के लिए रुपये मांगे. इसके बाद वह विक्टिम से किसी ने किसी बहाने से रुपये मांगती रही. जानकारी के मुताबिक, गिरोह सरगना और बिहार निवासी सुमन कुमार (26) ने BCA किया है. इसने महिला को टेलीकॉलर के पोस्ट पर रखा था, जब उसे पता चला कि वे स्कैम करते हैं तो वह भी उसमें शामिल हो गई.
मैजिक कॉल ऐप असल में यूजर्स को अलग-अलग आवाज में बात करने की सुविधा देता है. इसके साथ ही एक ज्यादा बैकग्राउंड कॉल का इस्तेमाल किया जा सकता है. हाल ही में इस तरह के ऐप से कई लोगो को ठगने का काम किया जा रहा है.
आजकल ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीकों में AI का इस्तेमाल भी शामिल है, जहां वीडियो कॉल पर सामने वाला इंसान आपको अपना परिचित लग सकता है. इसके बाद वह रुपयो की डिमांड करता है. ऐसा ही एक मामले हाल ही में केरल में सामने आया था, जहां ठग ने वीडियो कॉलिंग के दौरान खुद को ऑफिस के कुलिग जैसा लुक दिखाया और व्यक्ति ने उसके अकाउंट में रुपये ट्रांसफर कर दिए थे.
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आजकल एक फर्जी पार्सल का फ्रॉड काफी चर्चा में बना है, जहां यूजर्स को एक अनजान नंबर से कॉल आती है. सामने वाला व्यक्ति खुद को पुलिस ऑफिसर या कस्टम ऑफिसर बताता है. इसके बाद वह बताता है कि विदेश से एक पार्सल आया है, जिसमें आपका नाम है और उसके अंदर ड्रग्स और कुछ फॉरेन करेंसी है. ऐसे में विक्टिम को डराया जाता है कि उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का भी केस लग सकता है.
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट ध्रुव शर्मा बताते हैं कि साइबर क्राइम से जुड़े मामले पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां दोनों देखती हैं. अगर आप किसी फ्रॉड के शिकार होते हैं, तो www.cybercrime.gov.in लिंक पर जाकर अपनी शिकायत रजिस्टर करा सकते हैं. इतना ही नहीं साइबर अपराधों से जुड़े मामलों की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 155260 पर की जा सकती है.
ध्रुव शर्मा बताते हैं कि बैंक अकाउंट से रुपये कटने के बाद तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन पर बैंकिंग अकाउंट और फ्रॉड करने वाले नंबर की सूचना दें . इसके बाद तुरंत बैंक अकाउंट के कस्टमर केयर को कॉल करके अपना अकाउंट डिएक्टिवेट करा दें. इसके बारे में डिटेल्स से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
ऑनलाइन फ्रॉड के आजकल अलग-अलग तरीके तैयार किए जा रहे हैं. इतना ही नहीं कई स्कैमर्स तो ठगी करने के लिए AI टूल्स का भी इस्तेमाल कर रहे हैं, वे AI की मदद से किसी परिचित व्यक्ति या महिला के जैसी आवाज को कॉपी कर लेते हैं. इसके बाद ठगी को अंजाम देते हैं.