टेक इंडस्ट्री में एक नया ट्रेंड शुरू करने की कोशिश की जा रही है. ट्रेंड है बॉक्स में चार्जर नहीं देने का है. यह कोई पहला मौका नहीं जब बॉक्स में मिलने वाले किसी आइटम्स को एक्सेसरीज का पार्ट बनाने की कवायद चल रही हो. कुछ साल पहले तक आपको स्मार्टफोन के साथ बॉक्स में चार्जर, ईयरफोन, स्क्रीन प्रोटेक्टर फिल्म/ ग्लास, कवर और दूसरे छोटे आइटम्स मिलते थे.
धीरे-धीरे बॉक्स में से कई आइटम्स को रिमूव कर दिया गया और इन्हें एक्सेसरीज का पार्ट बना दिया गया. अब आपको बॉक्स में ईयरफोन और स्क्रीन प्रोटेक्टर नहीं मिलते हैं. वहीं मोबाइल कवर भी कुछ एक ब्रांड्स ही प्रोवाइड कर रहे हैं.
इन कंपनियों का अगला टार्गेट चार्जर है. यानी फोन के डिब्बे से अब चार्जर गायब होगा. ऐपल ने तो इसे कब का अपने बॉक्स से रिमूव कर दिया है. इसके बाद सैमसंग ने भी चुपके से कई डिवासेस के बॉक्स से चार्जर रिमूव किया है.
कुछ एक मॉडल्स के साथ कंपनी अभी भी चार्जर शायद 'भूलकर' दे देती है. इस लिस्ट में अगला नंबर शाओमी, रियलमी और ओपो का है. शाओमी के सब-ब्रांड Redmi ने हाल में ही एक फोन के साथ बॉक्स में चार्जर नहीं दिया है.
हालांकि, ब्रांड सेल में फोन के साथ चार्जर का बंडल जरूर ऑफर कर रहा है. इसके लिए कंज्यूमर्स को एक्स्ट्रा पैसे देने पड़ रहे हैं. रियलमी ने भी एक बजट फोन के साथ चार्जर नहीं दिया था. ऐसा लग रहा है कि सस्ते फोन्स के साथ चार्जर नहीं देकर टेक कंपनियों कोई प्रैक्टिस या मार्केट सेंटीमेंट चेक कर रही हैं.
अब Oppo ऐसा करने की प्लानिंग कर रहा है. कंपनी के ओवरसीज सेल्स और सर्विसेस के वाइस प्रेसिडेंट ने बताया कि कंपनी अगले साल से कुछ फोन्स के बॉक्स में से चार्जर रिमूव करने की प्लानिंग कर रही है.
उन्होंने ये तो नहीं बताया कि कंपनी किस सीरीज से चार्जर रिमूव करने की योजना बना रही है. ओपो उन ब्रांड्स में से एक है, जिसने फास्ट चार्जर को आम कंज्यूमर्स तक पहुंचाया था. आपने VOOC और SuperVOOC चार्जर का नाम सुना होगा, जो पिछले कई साल से मार्केट में मौजूद हैं.
ये ओपो के ही चार्जर हैं. सवाल ये है कि स्मार्टफोन कंपनियां ऐसा कर क्यों रही हैं. दरअसल, चार्जर बॉक्स से रिमूव करने के दो फायदे हो सकते हैं. एक तो कंपनियां सिर्फ फोन बेचेंगी, जिसकी कीमत कम रखी जा सकती है.
यानी 15 हजार वाले किसी फोन को हैंडसेट मैन्युफैक्चर्र्स 14 हजार रुपये में बेच सकेंगे. चूंकि बॉक्स में चार्जर नहीं होगा तो फोन की कीमत ऑटोमेटिक कम हो जाएगी. वहीं अगल से चार्जर बेचकर भी कंपनियां अच्छे पैसे कमा सकती हैं.