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ChatGPT और AI टूल यूज करने के लिए 2 करोड़ की जॉब, करना होगा ये काम

AI की वजह से सिर्फ जॉब कट्स नहीं हो रहे, बल्कि इससे जॉब्स तैयार भी हो रहे हैं. Prompt Engineer रोल के लिए कंपनियां 2 करोड़ तक का पैकेज दे रही हैं. लेकिन ये जॉब क्या है और Prompt Engineer क्या करते हैं? आइए जानते हैं.

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एक तरफ़ दुनिया भर AI की वजह से Job Cut की चर्चा है, लेकिन दूसरी तरफ़ इससे नए जॉब्स के रास्ते भी खुल रहे हैं. हाल ही में एक ख़बर आई कि 30 साल के एक शख़्स ने सिर्फ़ ChatGPT कोर्स के ज़रिए 3 महीने में क़रीब 28 लाख रुपये कमा लिए हैं. एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ AI और ChatGPT के लिए जो रोल्स बन रहे हैं उससे सालाना 2 करोड़ रुपये तक कमाए जा सकते हैं.

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ब्लूमबर्ग न्यूज़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स (Prompt Engineer) की जॉब्स तेज़ी से बढ़ रही हैं और इस जॉब से सालाना लगभग 2 करोड़ रुपये (335,000 डॉलर्स) कमाए जा सकते हैं.

प्रॉम्प्ट इंजीनियर के कोर्स भी कराए जा रहे हैं. दरअसल प्रॉमप्ट इंजीनियर्स का काम AI टूल्स को बेहतर तरीक़े से यूज करके इफेक्टिव रिज़ल्ट लाना होता है. प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स कंपनियों के वर्कलोड को कम करते हैं और कम समय में AI से ज्यादा काम करवाते हैं.

प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स किसी भी फ़ील्ड के हो सकते हैं. इसके लिए किसी ख़ास डिग्री की ज़रूरत नहीं होती है. इन्हें ये पता होता है कि AI से सवाल कैसे पूछा जाए जिससे सटीक जवाब मिले जिसका यूज कंपनियों के वर्कफोर्स को कम करने और ज़्यादा रेवेन्यू जेनेरेट करने के लिए किया जा सके.

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उदाहरण के तौर पर ChatGPT या Midjourney जैसे टूल तो आप भी यूज कर सकते हैं. लेकिन आपको इससे बेहतरीन और इफेक्टिव काम करवाने के लिए काफ़ी एफर्ट देना होगा, क्योंकि आपको कमांड्स नहीं पता होते हैं. कमांड्स पता न होने की वजह से आप इस पर घंटों लगा कर कुछ काम ही करा पाते हैं.

वहीं, दूसरी तरफ़ प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स को ChatGPT या Midoourney जैसे AI टूल के तमाम कमांड्स पता होते हैं. उन्हें ये पता होता है कि वो कैसे AI टूल को इफेक्टिवली यूज कर सकते हैं. प्रॉम्प्ट इंजीनियर इन टूल्स से फ़ास्ट और प्रेसासइज रिज़ल्ट्स हासिल करते हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक़ गूगल बैक्ड स्टार्टअप Anthropic जैसी कंपनियाँ प्रॉम्प्ट इंजीनियर जॉब के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये सालाना ऑफर कर रही हैं. वैसे ही कैलिफ़ोर्निया की डॉक्यूमेंट रिव्यूअर Klarity भी मशीन लर्निंग इंजीनियर को करोड़ों रुपये सालाना ऑफर कर रही है.

मशीन लर्निंग इंजीनियर पोस्ट पर काम वही करना होगा जो प्रॉम्प्ट इंजीनियर करते हैं. यहाँ जॉब डिस्क्रिप्शन में लिखा है कि वैसे इंजीनियर की ज़रूरत है जो प्रॉम्प्ट पर कमांड रखते हैं और AI टूल्स से कैसे बेस्ट रिज़ल्ट हासिल करें वो पता है.

अमेरिका में इन दिनों प्रॉम्प्ट इंजीनियर की जॉब्स तेज़ी से निकल रही हैं. इसके लिए अब महँगे कोर्स भी शुरू हो चुके हैं. हालाँकि इस रोल में ज़्यादा पैसे वही कमा सकते हैं जिन्होंने मशीन लर्निंग में PhD कर रखा है.

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इसके अलावा जिन लोगों ने AI बेस्ड कंपनी की शुरूआतें की है और वो AI की अच्छी स्किल रखते हैं, उनके लिए भी ये रोल अच्छा साबित हो सकता है.

ग़ौरतलब है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड Chatbots की बाढ़ आ गई है. हर दिन कोई नया चैटबॉट बना रहा है और बड़ी कंपनियाँ इस टूल पर काफ़ी पैसे इन्वेस्ट भी कर रही हैं.

माइक्रोसॉफ़्ट के बाद अब गूगल Bard लेकर आ रहा है जिसकी टेस्टिंग काफ़ी पहले से चल रही है. बीटा टेस्टिंग के बाद अब जल्द ही Bard को पब्लिक के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. ऐसे में ज़ाहिर सी बात है प्रॉम्प्ट इंजीनियर्स की जॉब भी तेज़ी से बढ़ेंगी.

 

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