Ukarine और रूस युद्ध में टेक कंपनियां एक प्रमुख भूमिका निभा रही हैं. यूक्रेन ने रूस को मात देने के लिए नया प्लान बनाया है, जिसमें टेक कंपनियां शामिल हैं. इसके साथ ही यूक्रेन की IT Army में 2.5 लाख से ज्यादा लोग रूस को टारगेट कर रहे हैं. इसकी जानकारी यूक्रेन के डिजिटल मिनिस्टर ने दी है.
दरअसल, यूक्रेन गेमिंग, ई-सपोर्ट और इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर समेत 50 टेक कंपनियों से रूस के खिलाफ एक्शन लेने की प्लानिंग कर रहा है. इस बात की जानकारी यूक्रेन सरकार के टेक अधिकारी ने दी है. हाल में ही सॉफ्टवेयर कंपनी Oracle Corp ने रूस के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है.
यूक्रेन के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेंशन मिनिस्टर के ट्वीट के महज कुछ ही घंटों में Oracle ने रूस में अपनी सर्विसेस बंद करने का ऐलान किया है. यूक्रेन के मिनिस्टर ने रूस के आक्रमण को रोकने के लिए कंपनी से अपना बिजनेस रूस में बंद करने के लिए कहा था. इसके अलावा EA Games ने भी रूस से किनारा कर लिया है. FIFA Soccer Games से EA ने रूस की टीम को हटा दिया है.
इस संबंध में यूक्रेन के डिप्टी डिजिटल मिनिस्टर Alexander Bornyakov ने कहा, 'जितने ज्यादा प्रतिबंध, उतनी जल्द शांति बहाल होगी.' Alexander Bornyakov ने बताया कि यूक्रेन ने लगभग 50 कंपनियों से रूस के खिलाफ सपोर्ट मांगा है. बता दें कि रूस पर Google, Meta और Apple ने भी कई प्रतिबंध लगाए हैं.
Bornyakov ने बताया कि 'IT Army' अपने घरों और विदेशों से काम कर रही है, जिसे डिजिटल मिनिस्ट्री मैसेजिंग ऐप Telegram से ऑर्गेनाइज कर रही है. इस आर्मी का काम रूस की सरकारी वेबसाइट्स के एक्सेस को बाधित करना है और 5 करोड़ रूसी नागरिकों से सोशल मीडिया, फोन और टेस्क्ट के जरिए कॉन्टैक्ट करना और रूसी हमले की जानकारी देना है. उन्होंने बताया कि इस ऑनलाइन फोर्स में 2,50,000 लोग जुड़े हुए हैं, जो अपने आइडिया पर भी काम कर रहे हैं.
हालांकि, Bornyakov ने रूस की ओर से होने वाले साइबर अटैक को लेकर चिंता भी जाहिर की है. उनका मानना है कि यूक्रेन का इंफ्रास्ट्रक्चर कमजोर है. हाल के दिनों में ही Facebook की कंपनी Meta के साथ Twitter और YouTube ने बताया है कि उनके प्लेटफॉर्म्स पर यूक्रेन को टारगेट करने की कोशिश हो रही है.