scorecardresearch
 

SBI ने दी वॉर्निंग, इन दो नंबर्स से आए कॉल तो मत बताना कुछ, वर्ना खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

SBI Warning: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI अपने कस्टमर्स को वॉर्निंग दे रहा है. बैंक ने बताया कि अगर आपको इन दो नंबर्स से कॉल आए तो कोई जानकारी शेयर मत करिएगा. फ्रॉडस्टर्स लोगों को ठगने के लिए दो नंबर से फोन कर रहे हैं. आइए जानते हैं पूरा मामला.

Advertisement
X
SBI
SBI
स्टोरी हाइलाइट्स
  • SBI ने शेयर किए दो फोन नंबर्स
  • लोगों को फोन कर फंसा रहे हैं साइबर क्रिमिनल
  • KYC के नाम पर लोगों को कर रहे कॉल

ऑनलाइन स्कैम और फ्रॉड कॉल्स से ठगी के कई मामले आते रहते हैं. ऐसे में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने यूजर्स को इस तरह के स्कैम को लेकर वॉर्निंग जारी की है. कंपनी ने अपने ट्विटर हैंडल पर यूजर्स को जानकारी दी है कि केवाईसी के नाम पर फ्रॉडस्टर्स किस तरह से लोगों को फंसा रहे हैं.

Advertisement

SBI ने CID असम के ट्वीट को रिट्वीट कर अपने यूजर्स को आगाह किया है. इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने SBI यूजर्स को दो मोबाइल नंबर्स को लेकर चेतावनी दी है. इन नंबर्स के जरिए लोगों को KYC के नाम पर फंसाया जा रहा है. 

क्या है कॉल पर फ्रॉड का मामला?

इस ट्वीट से ऐसा लगता है कि लोगों को ठगने के लिए सबसे ज्यादा इन दो नंबर्स का इस्तेमाल किया गया है. अगर आप असम या दूसरे राज्य में रहते हैं तो इन नंबर से आने वाली कॉल्स से बचे. इन्वेस्टिगेशन एजेंसी द्वारा शेयर किए गए नंबर्स से लोगों को कॉल करके उनसे पर्सनल डिटेल्स मांगी जा रही है.

बैंक कई बार जानकारी दे चुके हैं कि यूजर्स को किसी भी व्यक्ति को अपनी पर्सनल डिटेल्स शेयर नहीं करनी चाहिए. बैंक के पास आपकी जरूरी जानकारी पहले से मौजूद होती है. 

Advertisement

अपने ट्वीट में CID असम ने बताया कि SBI कस्टमर्स को दो नंबर- +91-8294710946 और +91-7362951973 से कॉल आ रहे हैं और कॉल करने वाले कस्टमर्स से KYC अपडेट के लिए एक फिशिंग लिंक पर क्लिक करने के लिए कह रहे हैं. एजेंसी ने कहा, 'सभी SBI कस्टमर्स से आग्रह है कि वह इस तरह की किसी भी संदिग्ध या फिशिंग लिंक पर क्लिक न करें.' 

बैंक ने क्या कहा?

इस ट्वीट को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया रिट्वीट करते हुए कहा है, 'इन नंबर्स से संपर्क न करें और KYC अपडेट के लिए इस तरह के किसी भी लिंक पर क्लिक न करें. यह लिंक्स हमसे जुड़े हुए नहीं हैं.' यह कोई पहला मौका नहीं है, जब इस तरह के नंबर या केवाईसी फिशिंग लिंक की डिटेल बैंक द्वारा शेयर की गई है. बैंक पहले भी यूजर्स को वॉर्निंग देता रहा है.

फिशिंग लिंक SMS या फिर वॉट्सऐप मैसेज के रूप में आप तक आ सकते हैं. इनसे बचने के लिए आपको इस तरह के लिंक को इग्नोर करना चाहिए. इस तरह के मामलों में साइबर अपराधी बैंक ऑफिसर की तरह रिएक्ट करते हैं और यूजर्स से उनकी पर्सनल डिटेल निकालने की कोशिश करते हैं.

Advertisement
Advertisement