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महज एक सेकेंड में फुल चार्ज होगा फोन, ये कंपनी कर रही काम, बताया कैसा होगा फ्यूचर

Smartphone Charging: आपके स्मार्टफोन की चार्जिंग कैपेसिटी क्या है? आसान भाषा में कहें तो आपका फोन कितनी देर में चार्ज हो जाता है? क्या आप सिर्फ एक सेकेंड में अपने फोन को फुल चार्ज करना चाहते हैं? क्योंकि ओपो एक ऐसी टेक्नोलॉजी पर विचार कर रहा है, जो भविष्य में आपको देखने को मिल सकती है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.

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Smartphone होंगे एक सेकेंड में फुल चार्ज
Smartphone होंगे एक सेकेंड में फुल चार्ज

किसी स्मार्टफोन को चार्ज होने में कितना वक्त लगना चाहिए? ऐसे कई फोन्स मार्केट में आ चुके हैं, जो 5 मिनट चार्ज होने पर 5 घंटे तक यूज किए जा सकते हैं. इन हैंडसेट्स को फुल चार्ज होने में लगभग आधे घंटे का वक्त लगता है. वहीं कुछ ऐसी भी टेक्नोलॉजी पर काम चल रहा है, जो महज एक सेकेंड में आपके फोन को फुल चार्ज कर सकती हैं. 

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Oppo के चार्जिंग टेक्नोलॉजी हेड की मानें तो भविष्य में हमारे स्मार्टफोन महज एक सेकेंड में चार्ज हो सकते हैं. 0-100 परसेंट तक फोन को चार्ज होने में सिर्फ एक सेकेंड का वक्त लगेगा. Edward Tian ने यह जानकारी एक इंटरव्यू के दौरान दी है. 

क्या है ओपो एक्जीक्यूटिव का कहना?

उन्होंने बताया कि हम एक ऐसे पॉइंट पर हैं जहां आपका स्मार्टफोन महज 15 मिनट में चार्ज हो सकता है. अगर आपके पास 150W का चार्जर है, तो आप आसानी से आपने फोन को 15 मिनट में चार्ज कर सकते हैं.

ओपो की सहयोगी कंपनी Realme के फोन GT Neo 3 को आप सिर्फ 5 मिनट में 50 परसेंट तक चार्ज कर सकते हैं. कुछ साल पहले तक इस तरह के नंबर हमारी पहुंच के बाहर दिखते थे. अब हम जहां है वहां से ऐसा लगता है कि चार्जिंग टेक्नोलॉजी के लिए कोई सीमा नहीं है.

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क्यों फास्ट चार्जिंग आसान नहीं है?

Edward Tian ने बताया, 'बतौर फास्ट चार्जिंग के टेक्निकल इंजीनियर मेरा काम टाइम लिमिट को तोड़ना है. हम उस दिन तक एक्सप्लोर करते रहेंगे, जब तक हम फोन को सिर्फ एक सेकेंड में ना चार्ज कर लें.'

ये अभी नहीं होगा. ओपो तुरंत ऐसा नहीं करने वाला है. बल्कि कंपनी इसे एक पॉसिबिलिटी की तरह देखती है. इसके लिए कंपनी को अभी लंबी यात्रा करनी है. Edward Tian ने माना है कि इस पॉइंट तक पहुंच आसान नहीं होगा.

उन्होंने बताया फास्ट चार्जिंग की चार्जिंग स्पीड को बढ़ाना चुनौती नहीं होती है, बल्कि यूजर्स को बेहतर चार्जिंग एक्सपीरियंस प्रोवाइड कराना चुनौती होती है. इसमें सेफ्टी, चार्जिंग टेम्परेचर, बैटरी सेल की डेंसिटी, बैटरी की लाइफ स्पैम जैसे कई चीजों का ख्याल रखना होता है.

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