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Apple के को-फाउंडर होने के बाद भी Steve Jobs को कंपनी से बाहर कर दिया गया था. कंपनी शुरू होने के 11 साल बाद स्टीव जॉब्स को निकाल दिया गया था. ऐपल से बाहर होने के बाद 1985 में जॉब्स ने एक कंपनी बनाई, जिसका नाम NeXT था. इस कंपनी को स्टीव ने कॉलेज और रिसर्चर्स के लिए कम्प्यूटर बनाने के लिए शुरू किया था.
पिछले साल ये कंपनी दोबारा चर्चा में आई थी. चर्चा की वजह उस वक्त स्टीव जॉब्स की ओर दिया गया एक ऑफर था. दरअसल, स्टीव ने 1989 में David Nagy को एक जबरदस्त ऑफर लेटर भेजा था. David Nagy उस वक्त ऐपल में बतौर प्रोडक्ट मैनेजर काम कर रहे थे. स्टीव ने उन्हें 80 हजार डॉलर (अब लगभग 65,66,500 रुपये) की जॉब ऑफर की थी.
ऑफर लेटर के तहत David Nagy को ये सैलरी एडवांस में मिलनी थी. हालांकि, ये ऑफर लेटर सामान्य से काफी अलग था. इस लेटर में David Nagy को क्या काम करना है, इसकी जानकारी भी नहीं दी गई थी. डेविड ने इस ऑफर को एक्सेप्ट नहीं किया था. उन्होंने साल 1993 तक ऐपल में काम किया था.
डेविड को दिया गया ये ऑफर लेटर RR Auction की वेबसाइट पर लिस्ट है. हालांकि, इसकी नीलामी हो चुकी है. डेविड ने इसकी जानकारी देते हुए ट्विटर पर लिखा कि मैंने इस जॉब को तीन कारणों से जॉइन नहीं किया. मुझे नहीं लगता था कि NeXT हार्डवेयर सेलिंग में सफल होगी और स्टीव को मैं सॉफ्टवेयर पर फोकस करने के लिए मना नहीं सकता था.
उन्होंने लिखा, 'मुझे ऐपल में अपनी नौकरी पसंद थी. मैं कई ऐसे लोगों को जानता था जो स्टीव के लिए या फिर साथ काम करते थे, इसलिए मैं ऐसा नहीं करना चाहता था. मैं उस फैसले पर सिर्फ पछता सकता हूं. ये लेटर RR Auction पर 27 हजार डॉलर (लगभग 22.16 लाख रुपये) में बिका है. मेरे पास ऐसा ही एक और लेटर है.'
साल 1997 में ऐपल ने NeXT को 42.9 करोड़ डॉलर में खरीद लिया, जो अपने कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के लिए जानी जाती थी. इसके साथ ही ऐपल ने स्टीव जॉब्स को दोबारा हायर किया. ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिक्स की मानें, तो उस वक्त की 80 हजार डॉलर वाली सैलरी अब तक 1.8 लाख डॉलर पहुंच गई होती, लेकिन स्टीव के साथ काम करना ही लोगों के लिए चुनौती था.