Telegram के CEO पावेल ड्यूरोव (Pavel Durov) को पिछले महीने फ्रांस में गिरफ्तार कर लिया गया था. उन्हें लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों के साथ कॉपरेट ना करने और अपने प्लेटफॉर्म पर चल रहे गैरकानूनी ट्रांजेक्शन के चलते गिरफ्तार किया गया था. आसान शब्दों में कहें, तो टेलीग्राम पर आरोप है कि प्लेटफॉर्म पर ठीक तरीके से मॉडरेशन नहीं किया जाता है.
आरपो है कि इस प्लेटफॉर्म पर ड्रग्स डील्स से लेकर डेटा चोरी और पॉर्नोग्राफी तक के कंटेंट शेयर किए जाते हैं. हालांकि, पावेल को 50 लाख यूरो (लगभग 464.69 करोड़ रुपये) की बेल पर रिहा कर दिया गया है. रिहाई के बाद ये पहला मौका है, जब ड्यूरोव ने आधिकारिक ब्यान जारी किया है. उन्होंने X पर एक लंबी पोस्ट लिखी है, जिसमें उन्होंने इस कार्रवाई पर सवाल उठा हैं.
उन्होंने कई बातें शेयर की है, जिसमें फ्रेंच अथॉरिटीज के साथ मिलकर हॉटलाइन सेटअप करना भी है. उन्होंने बताया कि फ्रेंच अथॉरिटीज ने उनसे मदद मांगी थी, जिसके बाद उन्होंने टेलीग्राम के साथ एक हॉटमेल एस्टैब्लिश करवाया था, जिससे फ्रांस में आतंक के खतरों से डील किया जा सके.
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Pavel Durov ने एक लंबा Tweet लिखा है, जिसमें तमाम जानकारियां दी हैं. उन्होंने सभी के सपोर्ट और प्यार के लिए उनका शुक्रिया अदा किया है. पावेल ने बताया, 'पिछले महीने पेरिस में पुलिस ने 4 दिनों तक पूछताछ की. मुझे कहा गया कि दूसरे लोगों के टेलीग्राम गैरकानूनी तरीके से यूज करने के लिए शायद मैं जिम्मेदारी हूं. क्योंकि फ्रेंच अथॉरिटीज को टेलीग्राम से जवाब नहीं मिल रहा है.'
उन्होंने कहा कि वे आश्चर्य में हैं और इसके कई कारण है. पावेल ड्यूरोव ने अपने ट्वीट में लिखा, 'टेलीग्राम का आधिकारिक प्रतिनिधि EU में है, जो EU की सभी रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट करता है और रिप्लाई करता है. उसका ई-मेल ऐड्रेस सभी के लिए उपलब्ध है, जिसे कोई भी सर्च कर सकता है.'
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उन्हें कहा, 'फ्रेंच अथॉरिटीज कई तरह से मुझ तक पहुंच सकती थीं और मुझे सहयोग मांग सकती थीं. बतौर फ्रेंच नागरिक मैं दुबई में फ्रेंच वाणिज्य दूतावास पर कई बार बतौर गेस्ट आया हूं. काफी वक्त पहले, जब उन्होंने मदद मांगी थी, तो मैंने व्यक्तिगत रूप से फ्रांस में आतंक से निबटने के लिए टेलीग्राम के साथ एक हॉटलाइन एस्टेब्लिश थी.'
ड्यूरोव ने कहा, 'अगर कोई देश किसी इंटरनेट सर्विस से परेशान है, तो स्थापित तरीका ये है कि सर्विस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए. एक CEO को उसके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके थर्ड पार्टियों द्वारा किए गए क्राइम के लिए 'स्मार्टफोन से पहले के वक्त' के कानून का इस्तेमाल करके आरोप लगाना एक साधारण दृष्टिकोण है.'
'टेक्नोलॉजी को बनाना वैसे भी कठिन है. कोई भी इनोवेटर भविष्य में ऐसा कोई टूल नहीं बनाएगा. अगर उन्हें पता होगा कि उनके टूल के संभावित दुरुपयोग के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है.'