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Elon Musk ने उड़ाया Metaverse का मजाक, कहा- हकीकत से ज्यादा मार्केटिंग

Elon Musk को Metaverse रास नहीं आ रहा है. एक तरफ फेसबुक और माइक्रोसॉफ्ट सहित बड़ी टेक कंपनियां मेटावर्स पर अरबो डॉलर्स निवेश कर रही हैं वहीं दूसरी तरफ Elon Musk को ये कॉन्सेप्ट सही नहीं लग रहा है. आइए जानते हैं एलॉन मस्क इसे लेकर क्या कह रहे हैं. म

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Tesla CEO Elon Musk (File Photo)
Tesla CEO Elon Musk (File Photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • Elon Musk को रास नहीं आ रहा है Metaverse
  • Web3 को बताया असलियत से ज्यादा मार्केटिंग

मेटावर्स को इंटरनेट का फ्यूचर और एक दूसरी दुनिया के तौर पर देखा जा रहा है. लेकिन Tesla CEO Elon Musk इससे अलग राय रखते हैं. भले ही Elon Musk Cryptocurrnecy और Blockchain के सपोर्टर हैं, लेकिन मेटावर्स पर उन्हें उतना भरोसा नहीं है. 

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दुनिया के सबसे अमीर शख्स Elon Musk ने एक ताजा इंटरव्यू में कहा है कि वर्चुअल रियलिटी बेस्ड मेटावर्स का यूजकेस उतना आकर्षक नहीं लग रहा है. इतना ही नहीं, एलॉन मस्क का कहना है कि Web3 असलियत से ज्यादा मार्केटिंग है. 

एलॉन मस्क ही नहीं, बल्कि Twitter के फाउंडर जैक डोर्सी भी मेटावर्स पर कमोबेश ऐसी ही राय रखते हैं. उन्हें भी Web3 और मेटावर्स प्रॉमिसिंग नहीं लग रहा है. 

क्या है Web 3

Web3 को आप नेक्स्ट जेनेरेशन इंटरनेट मान सकते हैं. शुरुआत में यानी 1989 में जब WWW लॉन्च हुआ तब इंटरनेट पर जो भी जानकारियां मिलती थीं वो टेक्स्ट के फॉर्म में होती थीं.  उसे अनऑफिशियली Web 1 कहा जाता था. 

1999 में काफी कुछ बदला और इंटरनेट यूज करने का तरीका पूरी तरह से बदल गया. यहां शुरुआत हुई Web 2 की. हालांकि इसे भी ऑफिशियली नहीं कहा गया. अब तक हम जो इंटरनेट यूज कर रहे हैं उसे Web 2 कहा जा सकता है. 

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Web 2 में इंटरनेट यूज करने का तरीका पूरी तरह से बदल गया. अब सिर्फ टेक्स्ट नहीं, बल्कि इंटरनेट पर वीडियोज, फोटोज, टेक्स्ट से लेकर 3D तक का इस्तेमाल किया जाता है ताकि लोगों को इमर्सिव एक्स्पीरिएंस मिल सके. 

ये भी पढ़ें: METAVERSE- खुल गया एक दूसरी दुनिया का रास्ता

2014 में Web 3 की चर्चा शुरू हुई. दरअसल इथीरियम के को-फाउंडर गेविन वूड ने 2014 में Web 3 का कॉन्सेप्ट रखा. इसे नेक्स्ट जेनेरेशन इंटरनेट कहा जा सकता है. Web 3 में भी वही सब है जैसे अभी आप इंटरनेट यूज कर रहे हैं, लेकिन ये सबकुछ ब्लॉकचेन पर बेस्ड होगा. 

Web 3 के साथ ये भी आईडिया है कि इंटरनेट को डीसेंट्रलाइज्ड कर दिया जाए ताकि सभी के पास एक जैसे ही अधिकार हों. मौजूदा समय में इंटरनेट पर गूगल, फेसबुक और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों का दबदबा माना जाता है. 

Web 3 का आईडिया ये है कि ये पूरी तरह से डिसेंट्रलाइज्ड हो और ये ब्लॉकचेन पर आधारित हो. मेटावर्स का भी कॉन्सेप्ट कमोबेश इसी पर बेस्ड है. बहरहाल, हम Web 3 के बारे में विस्तार से दूसरे आर्टिकल में आपको बताएंगे. अभी जान लेते हैं एलॉन मस्क और जैक डोर्सी की राय क्या है. 

Elon Musk ने उड़ाया मेटावर्स का मजाक? 

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एलॉन मस्क ने एक इंटरव्यू के दौरान मेटावर्स और Web3 के कॉन्सेप्ट को प्रॉमिसिंग नहीं मानते हैं. हालांकि उन्होंने ये भी कहा है कि हो सकता है कि वो इन नई टेक्नोलॉजी को समझने के हिसाब से बूढ़े हो चुके हैं. 

एलॉन मस्क मेटावर्स की आलोचना इस आधार पर कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि मेटावर्स का यूजकेस कंपेलिंग नहीं है. उन्हें ये भी लगता है कि कंज्यूमर्स के एक्स्पीरिएंस के प्वाइंट ऑफ व्यू से भी ये खराब होगा. 

एलॉन मस्क ने एक तरह से मेटावर्स का मजाक भी उड़ाया है. उन्होंने इंटरव्यू के दौरान कहा, 'निश्चित तौर पर आप अपनी नाक में टीवी डाल सकते हैं. मैं इस बात को लेकर श्योर नहीं हूं कि यही मेटावर्स है'

चूंकि मेटावर्स एक्सपीरिएंस करने के लिए फिलहाल यूजर्स को गियर की जरूरत होती है. इसमें वर्चुअल रियलिटी हेडसेट शामिल है. इसे लेकर मस्क ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि पूरे दिन फेस पर स्क्रीन लगा कर लोग अच्छा महसूस करेंगे. 

 

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