Ukraine पर लगातार साइबर हमला किया जा रहा है. लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार यूक्रेन की सरकारी वेबसाइट्स और बैंको को टारगेट किया जा रहा है. अब यूक्रेन इससे निपटने के लिए देश के अंडरग्राउंड हैकर्स की मदद मांग रहा है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यूक्रेन अपने क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को बचाने के लिए और रूस के खिलाफ साइबर स्पाइंग मिशन के लिए हैकर्स की मदद मांग रहा है. जैसे ही रूस ने यूक्रेन के शहरों पर हमला शुरू किया हैकर फोरम पर वालंटियर्स को लेकर रिक्वेस्ट की गई.
रिपोर्ट में बताया गया कि सिक्योरिटी कंपनी के को-फाउंडर Yegor Aushev ने बताया कि उन्होंने हैकर फोरम पर हैकर्स और साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स की मदद को लेकर पोस्ट लिखा था. इसके लिए उन्हें डिफेंस मिनिस्ट्री ऑफिशियल की ओर कॉन्टैक्ट किया गया था.
इसमें शामिल दूसरे व्यक्ति ने भी कन्फर्म किया कि ये रिक्वेस्ट डिफेंस मिनिस्ट्री की ओर से की गई है. हालांकि, यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने इसपर कोई कमेंट नहीं किया है. वॉशिंगटन में स्थित यूक्रेन एम्बेसी की ओर से कहा गया इसको लेकर ना मना कर सकते हैं ना ही कन्फर्म कर सकते हैं.
Yegor Aushev ने बताया कि वालंटियर को दो हिस्सों में बांटा जाएगा. एक हिस्सा डिफेंसिव साइबर यूनिट होगा जबकि दूसरा हिस्सा ऑफेंसिव होगा. डिफेंसिव यूनिट पावर प्लांट और वॉटर सिस्टम जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर को डिफेंड करेगा.
2015 में जब यूक्रेन पर साइबर अटैक हुआ था तो सवा दो लाख लोगों की बिजली सप्लाई बंद हो गई थी. उन्होंने आगे बताया कि ऑफेंसिव वालंटियर यूनिट यूक्रेन मिलिट्री के डिजिटल ऑपरेशन पर काम करेगा और रूस को टारगेट किया जाएगा.
अभी हाल ही में एक खतरनाक मैलवेयर यूक्रेन के सैकड़ों कंप्यूटर में मिला है. यूक्रेन इसके लिए रूस को जिम्मेदार ठहरा जा रहा है. इस खतरनाक मैलवेयर के जरिए सरकारी एजेंसी और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन को निशाना बनाया जा रहा है. अब यूक्रेन साइबर हमले का जवाब देने की तैयारी में लग गया है.