मेटावर्स में शादी, रिसेप्शन और म्यूजिक कॉन्सर्ट के बाद अब हवाई जहाज उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाएगी. हाल में आई रिपोर्ट्स मेटावर्स में इस तरह की ट्रेनिंग शुरू होने की ओर इशारा करती हैं. दरअसल, अमेरिकी एयर फोर्स ने स्पेसवर्स के लिए ट्रेडमार्क ऐप्लिकेशन फाइल किया है. यूनाइटेड स्टेट पेटेंट एंड ट्रेडमार्क ऑफिस में US Air Force ने ट्रेडमार्क ऐप्लिकेशन फाइल किया है.
इस मेटावर्स में एयरफोर्स अपने कर्मचारियों को ट्रेनिंग देगा. US एयरफोर्स की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, Spaceverse का इस्तेमाल एक्सटेंडेड रियलिटी ट्रेनिंग, टेस्टिंग और ऑपरेशन एनवोर्मेन्ट के लिए किया जाएगा.
पिछले कुछ वक्त से मेटावर्स लगातार चर्चा में है. इसे भविष्य की टेक्नोलॉजी बताया जा रहा है. कोरोना काल के दौरान वर्चुअल रियलिटी (VR), Augmented Reality (AR) और brain-computer interfaces (BCI) पर बेस्ड इस टेक्नोलॉजी का काफी ज्यादा इस्तेमाल हुआ है. मेटावर्स में जमीन खरीदने से लेकर म्यूजिक कॉन्सर्ट और शादी तक हो रही हैं. स्पेसवर्स इसका ही एक रूप होगा.
अमेरिकी एयरफोर्स द्वारा फाइल पेटेंट के मुताबिक, 'स्पेसवर्स एक सिक्योर डिजिटल मेटावर्स है, जो टेरेस्टेरियल और स्पेस फिजिकल और डिजिटल रियलिटीज प्रदान करता है. इसमें सिंथेटिक और सिम्युलेटेड एक्सटेंडेड रियलिटी ट्रेनिंग, टेस्टिंग और ऑपरेशन एनवॉर्मेंट मिलेगा.' आसान भाषा में समझे तो स्पेसवर्स में अमेरिकी एयरफोर्स की ट्रेनिंग होगी.
यह टेक्नोलॉजी अमेरिकी सेना को मॉडर्नाइजेशन करने का हिस्सा है. अमेरिका ने ऐसे वक्त पर इस टेक्नोलॉजी पर काम करना शुरू किया है, जब रूस और यूक्रेन के बीच लगभग दो महीनों से युद्ध चल रहा है. स्पेसवर्स में आर्मी को बेहतर और नए ढंग से ट्रेनिंग दी जाएगी.
सौनिकों की ट्रेनिंग एक लंबा प्रॉसेस है और इसमें कई महीने का वक्त लगता है. कुछ ट्रेनिंग्स को पूरा होने में तो एक साल तक का वक्त लग जाता है. मेटावर्स के जरिए अमेरिकी एयरफोर्स काफी समय बचा सकती है.