WHO से रिटायर हेल्थ ऑफिसर एक अनोखे स्कैम का शिकार हो गए हैं. दरअसल, साइबर क्रिमिनल्स ने स्कैम का नया तरीका खोजा निकाला है, जहां उन्होंने बड़ी ही आसानी से एक रिटायर ऑफिसर को 3.56 लाख रूपये का चूना लगा दिया. दरअसल, ऑफिसर ने अपने दोस्त का ईमेल समझकर उसे रिप्लाई कर दिया, जिसके बाद वह ऑनलाइन स्कैम का शिकार हो गए.
साइबर इकॉनोमिक्स और नार्कोटिक क्राइम स्टेशन में दर्ज कंप्लेंट में 78 साल के रिटायर ऑफिसर ने बताया कि उन्हें johnpmeneze@gmail.com अकाउंट से एक ईमेल आया, जिसे वे अपने दोस्त johnpmenezes@gmail.com का ईमेल समझ बैठे. दोनों नाम में सिर्फ S का अंतर है. फर्जी ईमेल में उन्हे बताया कि उनके दोस्त के बेटे की बहू ने एक बच्चे को जन्म दिया है. इसके बाद ऑफिसर ने उन्हें बधाई दी.
इसके बाद उन्हें उसी E-mail आईडी से एक और ईमेल प्राप्त हुआ. इस ईमेल में बताया गया कि प्रसाद की लंदन से इंडिया आने वाली फ्लाइट छूट गई. साथ ही उनकी पत्नि की भी तबियत खराब है. ऐसे में उन्हें कुछ रुपये की जरूरत है ताकि वे रिटर्न फ्लाइट बुक कर सकें. ऐसे में रिटायर ऑफिसर ने अपने दोस्त की मजबूरी को समझते उनकी मदद कर दी. यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है.
इसके बाद रिटायर्ड ऑफिसर ने 26 जुलाई से 31 जुलाई के बीच में कुल 3.56 लाख रुपये ट्रांसफर किए. यह राशि उन्होंने Kotak Mahindra अकाउंट से ट्रांसफर की थी, जिसका जिक्र उन्होंने अपनी कंप्लेंट में किया है. पुलिस ने यह मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है.
ये भी पढ़ेंः ऑनलाइन फ्रॉड में लगा 9.66 लाख का झटका, कहीं आप तो नहीं करते ये 9 गलतियां
ऐसा ही एक स्कैम हाल ही में महाराष्ट्र के पुणे से सामने आया, जहां एक कंपनी को ईमेल के माध्यम से 22 लाख रुपये का चूना लगाया. पुणे स्थित फर्म ने फ्रांस स्थित कंपनी को 51 हजार यूरो का ऑर्डर दिया. इस ऑर्डर को ईमेल के जरिए सेंड किया.
फ्रांस स्थित कंपनी ने Pro-Forma इनवॉयस भेजकर ऑर्डर को कंफर्म किया. इसके कुछ देर बाद ही पुणे स्थित फर्म को एक ईमेल मिला जिसमें बताया कि वह अपने फ्रांस स्थित रेगुलर बैंक अकाउंट और स्विफ्ट कोड को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं.इसकी जगह उन्हें नए बैंक अकाउंट की डिटेल्स शेयर की और उसमें पेमेंट करना को कहा.
ये भी पढ़ेंः ऑनलाइन एक गलती महिला को पड़ी भारी, लगा 1.5 लाख का झटका
ईमेल पर रिसीव डिटेल्स पर भोरोसा करके एडवांस पेमेंट के रूप में 24,589 यूरो की पेमेंट कर दी. जबकि नया बैंक अकाउंट नंबर देने वाला ईमेल स्कैमर्स ने भेजा था, जिसको कोई नहीं पहचान पाया. फिर कंपनी ने 22 लाख रुपये गंवा दिए हैं. इसके लिए स्कैमर्स ने ईमेल के नाम में E की जगह A कर दिया था.