अब ज़ूम कॉल के दौरान कंप्यूटर पर पासवर्ड एंटर करना ख़तरे से ख़ाली नहीं है, क्योंकि मीलों दूर बैठा हैकर आपके की-स्ट्रोक को सुनकर आपका पासवर्ड जान सकता है. ये मुमकिन हुआ है AI की मदद से और इसे Acoustic Cryptanalysis कहते हैं. लेकिन आप इससे कैसे अपना बचाव कर सकते हैं, आइए जानते हैं.