आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने के बाद की दुनिया कैसी होगी? इस हमने कई मूवीज और शोज में इस तरह की कहानी देखी हैं. कभी तो रोबोट्स का राज, तो कहीं सुपर ह्यूमन की शुरुआत... फिल्मों में जाने क्या कुछ दिखाया गया है, लेकिन असल जिंदगी में ऐसा कुछ भी अभी तक देखने को नहीं मिला.
पिछले कुछ वक्त में AI चैटबॉट्स काफी पॉपुलर हुए हैं और उन्होंने उस दुनिया की एक झलक दिखाई है, जो AI के आने के बाद की होगी. ChatGPT पिछले कुछ महीनों से चर्चा का केंद्र बना हुआ है.
पहले माइक्रोसॉफ्ट, फिर Google और अब Opera अपने ब्राउजर के साथ चैटबॉट को जोड़ रहा है. Microsoft और Opera ने अपने प्लेटफॉर्म पर ChatGPT को जोड़ा है. वहीं Google ने अपने सर्च प्लेटफॉर्म पर Bard चैटबॉट का ऐलान किया है.
ये सभी अपने प्लेटफॉर्म पर AI चैटबॉट यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाला फीचर जोड़ रहे हैं. आर्टिशियल इंटेलिजेंस को लेकर शुरू हुई नई जंग को आप कम नहीं आंक सकते हैं. संभव है कि आने वाले वक्त में ये आपके सर्च पैटर्न को पूरी तरह से बदलकर रख दे. अभी आप किसी भी चीज को सर्च कैसे करते हैं?
मसलन आप इंटरनेट पर जाते हैं और चीजे के बारे में लिखते हैं. इसके बाद आपको रिजल्ट पेज पर कई सारे वीडियो, आर्टिकल और तमाम जवाब मिलते हैं. किसी सवाल के सटीक जवाब के लिए हमें लगातार इन लिंक्स, वीडियो और आर्टिकल्स में भटकना पड़ता है. मगर आने वाला वक्त ऐसा नहीं होगा.
ChatGPT हो या फिर कोई और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाला चैटबॉट, ये सभी आपके सवाल का सटीक जवाब देंगे. यानी अगर मैं कोई सवाल करूंगा, तो ये चैटबॉट्स सीधा उस सवाल का ही जवाब देंगे. आपको इसके लिए लिंक्स दर लिंक्स और वीडियोज में भटकना नहीं होगा.
अभी सर्च इंजन के मार्केट में गूगल का एक-तरफा राज है. पिछले कई सालों से Microsoft और दूसरे प्लेयर्स गूगल की बादशाहत को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. तमाम कोशिशों के बाद भी गूगल का तिलिस्म नहीं टूटा, लेकिन AI चैटबॉट्स के आते ही ये खेल बदलता दिख रहा है.
गूगल को भी इसका अंदाजा हो गया था और शायद यही वजह है कि गूगल ने Bard का ऐलान किया. वैसे तो गूगल लंबे वक्त से LaMDA (लैंग्वेज मॉडल फॉर डायलॉग ऐप्लिकेशन्स) पर काम कर रहा है, लेकिन अभी तक गूगल का ये प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ.
Bard को LaMDA का ही लाइट वर्जन माना जा रहा है. हालांकि, गूगल का ये चैटबॉट उतना सटीक नहीं रहा, जितना ChatGPT है. इसकी वजह से कंपनी को 100 अरब डॉलर का नुकसान भी हुआ. एक गलत जवाब की वजह से कंपनी की मार्केट वैल्यू कम हो गई और उसके शेयर्स 9 परसेंट तक टूट गए.
अभी आपको कोई तस्वीर सर्च करनी होती है, तो आप गूगल या किसी अन्य सर्च इंजन पर उस तस्वीर को सर्च करते हैं. इन प्लेटफॉर्म्स पर आपको अपनी मर्जी की तस्वीर नहीं मिलती है, लेकिन क्या हो अगर आप को ऑन-डिमांड तस्वीरें मिलने लगे. यानी आप जैसी तस्वीर चाहते हैं, ठीक वैसी ही तस्वीर बन जाए.
किसी कल्प वृक्ष की तरह ये चैटबॉट्स आपकी कल्पनाओं को साकार कर सकते हैं. जहां ChatGPT जैसे प्रोडक्ट्स आपके लिए किसी भी तरह के कोड्स लिख सकते हैं. वहीं Mid Journey और Dall-E जैसे प्लेटफॉर्म्स आपकी कल्पना को तस्वीरों में उतार सकते हैं. आप जितने बेहतर तरीके से इन्हें एक्सप्लेन करेंगे, ये प्लेटफॉर्म्स उतने ही बेहतर तरीके से आपको तस्वीर तैयार कर देंगे.
इसके अलावा अगर आपको किसी इवेंट को मैनेज करने के लिए प्लानिंग करनी है, तो ChatGPT आपके लिए पूरी प्लानिंग कर सकता है. यहां आप अपने लिए आर्टिकल्स लिखने में मदद ले सकते हैं.
मान लीजिए आपको किसी एक टॉपिक पर एक आर्टिकल लिखना है, तो आपको उसे कई हिस्सों में बांटना होगा. फिर आप उन बटे हुए हिस्सों पर चैटबॉट से सवाल करना होगा. इन सवालों के जवाब को एक साथ एक जगह पर ला सकते हैं. इस तरह के आप एक इन-डेप्थ आर्टिकल कम समय में लिख पाएंगे.
वहीं आप चाहें तो इससे कोडिंग भी करवा सकते हैं. यकीन मानिए आपके लंबे चौड़े कोड्स को ये कुछ सेकेंड्स में लिख सकता है. इन कोड्स को आप किसी ऐप को डेवलप करने में आसानी से यूज कर सकते हैं. कुछ ऐसे भी AI बॉट्स मौजूद हैं, जो आपके लिए टेक्स्ट को वॉयस और कुछ इन सभी को वीडियो में तबदील कर सकते हैं.
कुल मिलाकर हम इस आर्टिकल में ये बताना चाहते हैं कि आने वाले वक्त में AI बेस्ड चैटबॉट्स आपके सर्च पैटर्न्स को काफी हद तक बदल देंगे. इससे इंटरनेट पर लंबे समय से चली आ रही भटकन खत्म होगी.
यूजर्स को उनके सवाल का सीधा और सिंपल जवाब मिलेगा. जैसे कोई कल्प वृक्ष एक शख्स की कल्पनाओं को साकार कर सकता है, कुछ उसी तरह का काम ये AI Chatbots आने वाले वक्त में हमारे लिए कर रहे होंगे.