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इस देश में इंटरनेट चलाना है मुश्किल, हर घंटे सरकार के पास जाता है फोन का स्क्रीनशॉट

North Korea Internet Acess: नॉर्थ कोरिया के बारे में लोगों के पास कम ही जानकारी मौजूद है. यहां तानाशाही का आलम ऐसा है कि अगर आपको इंटरनेट चलाना है, तो 'नाकों चने चबाना' पड़ेगा. इसके लिए आपको सरकार से मंजूरी लेनी होगी. इतना ही नहीं आपके फोन से हर घंटे सरकार के पास एक स्क्रीनशॉट भी जाता है. आइए जानते हैं नॉर्थ कोरिया की डिजिटल दुनिया कैसी है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (Unsplash)
प्रतीकात्मक तस्वीर (Unsplash)

कुछ रुपये खर्च करके आपको भारत में आसानी से इंटरनेट मिल जाता है. दुनिया के दूसरे कोनों में भी ऐसी ही कहानी है. कहीं आपसे कम खर्च पर तो कहीं ज्यादा खर्च पर इंटरनेट मिलता है, लेकिन कुछ जगहों पर इंटरनेट का एक्सेस चुनिंदा लोगों को ही मिल पाता है. हम बात कर रहे हैं उत्तर कोरिया की, जहां इंटरनेट का एक्सेस सिर्फ कुछ हजार लोगों तक ही सीमित है. 

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दुनियाभर में आज इंटरनेट, स्मार्टफोन और AI की धूम है, लेकिन नॉर्थ कोरिया के लोग इन सब से काफी दूर हैं. WIRED ने साल 2023 में छापी अपनी एक रिपोर्ट में नॉर्थ कोरिया में इंटरनेट एक्सेस पर जानकारी दी थी. इस देश में सेंसरशिप का आलम ये है कि किसी भी जानकारी का बाहर आना नामुमकिन है. 

इस्तेमाल करना होता है लोकल इंट्रानेट

इस देश में सिर्फ कुछ हजार लोगों को ही दुनियाभर के इंटरनेट का एक्सेस मिलता है. इसके अलावा दूसरे लोगों को एक डोमेस्टिक इंट्रानेट का एक्सेस है. इस इंटरनेट को Kwangmyong नाम दिया गया है. ये सरकार द्वारा कंट्रोल किया जाने वाला नेटवर्क है, जिस पर लोगों को सेंसर की हुई जानकारी मिलती है. 

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यहां एजुकेशन से लेकर न्यूज तक सब सरकार के कंट्रोल के साथ लोगों तक पहुंचाई जाती है. साथ ही देश में सीमित कम्युनिकेशन साधन है. लोगों को इस इंट्रानेट पर भी सर्विलांस का सामना करना पड़ता है. सरकार लोगों की सभी ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रखती है. 

किया जाता है सबकुछ मॉनिटर

Kwangmyong पर भी लोगों को मॉनिटर किया जाता है, जिससे उन्हें देश के बाहर की जानकारी ना मिल पाए. सरकार ये सब कुछ अपनी विचारधारा को बनाए रखने के लिए करती है. 

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रिपोर्ट की मानें, तो नॉर्थ कोरिया में इंटरनेट के एक्सेस के लिए लोगों को मुश्किल से मंजूरी मिलती है. इस प्रॉसेस में पूरे दिन का वक्त लग जाता है. इसके बाद उन्हें एक शख्स के साथ बैठाया जाता है, जो उनकी ब्राउजिंग पर नजर रखता है और हर 5 मिनट पर उन्हें मंजूरी देता है.

मॉनिटर के लिए बैठा शख्स फिंगरप्रिंट के जरिए हर 5 मिनट में इंटरनेट का एक्सेस देता है. अगर किसी को एक घंटे से ज्यादा वक्त के लिए इंटरनेट चाहिए, तो उसे स्पेशल परमिशन लेनी होगी. इसमें दो दिन तक का वक्त लग सकता है.  

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हर घंटे सरकार को जाता है स्क्रीनशॉट

पिछले कुछ सालों में नॉर्थ कोरिया में स्मार्टफोन्स की संख्या बढ़ी है. इसकी मदद से लोग एक दूसरे से आसानी से कनेक्ट रह पाते हैं. हालांकि, ये डिवाइसेस भी सरकार की निगरानी में रहते हैं. ये फोन्स स्क्रीनशॉट लेकर सरकार को भेजते हैं. यानी आप फोन पर क्या कर रहे हैं डिवाइस उसका स्क्रीनशॉट लेकर सरकार को भेजता है.

इन फोन्स पर सिर्फ सरकार से मंजूर हुए कंटेंट ही एक्सेस किए जा सकते हैं. इतना ही नहीं आपको किसी ऐप का एक्सेस पाने के लिए भी बड़ी मशक्कत करनी होती है. नॉर्थ कोरिया में इंटरनेट से लेकर आपकी सोशल लाइफ और फैशन तक को मॉनिटर किया जाता है. ऐसे में वहां के लोग किस हालत में रहते होंगे इसका आप सिर्फ अंदाजा लगा सकते हैं.

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