Smartphone के बिना अब काम नहीं चल सकता है. इसका इस्तेमाल ज्यादातर कामों में किया जाता है. लेकिन, समय के साथ इसकी बैटरी कमजोर होने लगती है. ज्यादातर स्मार्टफोन्स में Li-Ion (Lithium Ion) बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है. ये बैटरी जेनरली 300 से 500 चार्ज या डिस्चार्ज साइकिल के साथ आती है.
इसके बाद बैटरी की लाइफ कम होने लगती है और कैपिसिटी कम होने लगती है. यानी फुल चार्ज होने के बाद भी बैटरी पूरी तरह से काम नहीं करेगी. यहां पर आपको बता रहे हैं कि आप बैटरी चार्ज करते समय कौन सी गलतियां ना करें.
हमेशा बैटरी चार्जिंग अलर्ट का ना करें इंतजार
कई यूजर्स फोन से अलर्ट मिलने के बाद ही बैटरी को चार्ज में लगाते हैं. लेकिन, हमेशा एनर्जी खत्म होने का इंतजार ना करें. फोन से अलर्ट से मिलने से पहले ही फोन को चार्ज में लगा दें. फोन को एक बार में पूरा चार्ज होने से पहले भी पावर प्लग से डिस्कनेक्ट किया जा सकता है.
ऑफिशियल चार्जर का करें इस्तेमाल
मोबाइल के साथ आने वाले ऑफिशियल चार्जर का ही इस्तेमाल करें. लेकिन, ओरिजिनल चार्जर ना होने पर कंपीटिबल चार्जर का इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर आप किसी बिना कंपीटिबल वाला चार्जर का इस्तेमाल लंबे समय तक करते हैं तो आपके फोन की बैटरी को नुकसान हो सकता है.
सॉकेट से चार्जर को हटा दें
बैटरी फुल चार्ज होने के बाद नए स्मार्टफोन चार्ज होना बंद हो जाते हैं. लेकिन, इसका मतलब नहीं है कि चार्जर भी काम करना बंद कर देता है. इसके अलावा चार्ज करते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल ना करें. इससे बैटरी जल्दी चार्ज नहीं होती है और डिवाइस सेल पर असर पड़ता है.
बैटरी चार्ज के समय ना करें फोन का यूज
मोबाइल फोन चार्ज करते समय इसका इस्तेमाल ना करें. चार्ज के समय खासकर गेम ना खेलें या वीडियो ना देखें. इससे बैटरी फुल कैपिसिटी से चार्ज नहीं हो पाती है. जिसका असर इसकी बैटरी लाइफ पर भी दिखता है.
ऐसे हो सकती है बैटरी डैमेज
टेम्परेचर से भी बैटरी पर काफी ज्यादा असर पड़ता है. हाई टेम्परेचर पर बैटरी पर ज्यादा स्ट्रेस पड़ता है. इससे इसकी कैपिसिटी जल्दी कम हो जाती है. ऐसे में फोन की बैटरी को बहुत ज्यादा गर्म वाले कमरे में चार्ज ना करें.