क्या आप भी पब्लिक प्लेस पर अपना स्मार्टफोन चार्ज करते हैं? हालांकि ऐसा होने की संभावना अब कम है. क्योंकि स्मार्टफोन्स में आपको बड़ी बैटरी मिलने लगी है. वहीं कुछ फोन्स के साथ अभी भी बैटरी बैकअप की दिक्कत है. खासकर iPhone और प्रीमियम एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स के साथ यह दिक्कत कुछ ज्यादा ही है.
शहरों में इस तरह की दिक्कत से निबटने के लिए पब्लिक चार्जिंग पोर्ट्स मिलते हैं. मसलन रेलवे स्टेशन, मॉल, एयरपोर्ट, मेट्रो और बस स्टैंड पर आपको पब्लिक चार्जिंग सॉकेट आसानी से मिल जाएंगे.
जब हम घर या ऑफिस से बाहर होते हैं, तो फोन की बैटरी को लेकर चिंता ज्यादा होती है. क्योंकि हमारे कॉन्टैक्ट से पेमेंट तक के बहुत से काम इस फोन के सहारे ही हैं.
ऐसे में ज्यादातर लोग पब्लिक चार्जिंग सॉकेट का इस्तेमाल करते हैं. मगर क्या हो अगर कोई आपके फोन को इस चार्जिंग सॉकेट की मदद से हैक कर ले. यह कोई काल्पनिक घटना नहीं है बल्कि कई बार ऐसा हो चुका है.
हैकर्स आपके फोन को नहीं बल्कि पूरे चार्जिंग सॉकेट को ही हैक कर लेते हैं. जैसे ही आप किसी हैक्ड चार्जिंग सॉकेट में अपना स्मार्टफोन चार्जिंग के लिए पल्ग-इन करते हैं. हैकर्स आपके फोन को हैक कर लेते हैं.
सिक्योरिटी फर्म्स कई बार इस बारे में जानकारी दे चुके हैं. हैक्ड चार्जिंग सॉकेट में फोन को लगाते ही आपका डिवाइस प्रभावित हो जाएगा. ऐसा सिर्फ चार्जिंग सॉकेट के साथ ही नहीं बल्कि पब्लिक Wi-Fi के साथ भी होता है.
बेहतर होगा आप अपने साथ एक पावर बैंक लेकर चले. इससे आप को इमरजेंसी के वक्त पब्लिक चार्जिंग पोर्ट का इस्तेमाल नहीं करना होगा. आप जिस पोर्ट का इस्तेमाल स्मार्टफोन्स को चार्ज करने के लिए करते हैं.
उसी पोर्ट का इस्तेमाल डेटा ट्रांसफर के लिए भी होता है. इस तरह की हैकिंग को Juice Jacking कहा जाता है. इस हैकिंग को पहली बार 2011 में स्पॉट किया गया था. हमारी सलाह यही है कि आप अपने फोन को चार्ज रखने के लिए पब्लिक चार्जिंग पोर्ट के बजाय पावर बैंक का इस्तेमाल करें.