चाल चक्र में आज बात करेंगे गायत्री मंत्र के चमत्कारों के बारे में. गायत्री मंत्र मुख्यतः वेदों की ऋचा है. यह मुख्यतः यजुर्वेद और ऋग्वेद के दो भागों से मिलकर बना है. इस ऋचा में मुख्यतः ईश्वरीय प्रकाश (सविता) की आराधना की गई है , इसलिए इसको सावित्री भी कहा जाता है. गायत्री मंत्र का अर्थ है, उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अन्तःकरण में धारण करें, वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे. इस मंत्र के जाप से भौतिक और आध्यात्मिक दोनों तरह की उपलब्धियां प्राप्त होती हैं. जिस तरह की प्रार्थना के साथ गायत्री मंत्र का जाप किया जाता है, वैसी ही उपलब्धि प्राप्त होती है. शिक्षा एकाग्रता और ज्ञान के लिए गायत्री मंत्र सर्वश्रेष्ठ है. देखें वीडियो.