ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष में हमारे पितृ धरती पर आकर हमें आशीर्वाद देते हैं. ये पितृ पशु पक्षियों के माध्यम से हमारे निकट आते हैं. जिन जीवों तथा पशु पक्षियों के माध्यम से पितृ आहार ग्रहण करते हैं वे हैं, गाय, कुत्ता, कौवा और चींटी. श्राद्ध के समय इनके लिए भी आहार का एक अंश निकाला जाता है, तभी श्राद्ध कर्म पूर्ण होता है. श्राद्ध करते समय पितरों को अर्पित करने वाले भोजन के पांच अंश निकाले जाते हैं. गाय, कुत्ता, चींटी, कौवा और देवताओं के लिए. इन पांच अंशों का अर्पण करने को पञ्च बलि कहा जाता है. देखें चाल चक्र.