इस एकादशी से अगले चार महीनों तक भगवान विष्णु निद्रा में होंगे. इसे हरिशयनी एकादशी कहते हैं. इस दौरान कोई शुभ काम नहीं होता. साथ ही खाने-पीने और आचरण पर भी विशेष ध्यान देना होता है.