आठ महीने बाद भी किसान आंदोलन वहीं खड़ा है जहां से शुरु हुआ था. 11 राउंड की बेनतीजा बातचीत के बाद सरकार का वही स्टैंड है जो पहले दिन था. दोनों ओर से बातचीत की बात तो हो रही है लेकिन बात हो नहीं रही है. ऐसे में किसान नेता राकेश टिकैत ने एक नया शिगूफा छोड़ दिया है. टिकैत ने एक इंटरव्यू में साफ कर दिया है कि उनकी नहीं सुनी गई तो किसान नेता चुनाव लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे. जाहिर है इस बयान के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या राकेश टिकैत ने अपनी आखिरी चाल चल दी है या फिर सरकार के स्टैंड के आगे किसानों के सामने और कोई चारा नहीं बचा है. उधर कृषि मंत्री पहले ही दो टूक कर चुके हैं कि कृषि कानून पर सरकार पीछे नहीं हटेगी. हालांकि बाकी मुद्दों पर वो बातचीत को तैयार है. इसी पर देखिए ये एपिसोड.
In an exclusive conversation with Aajtak, Bhartiya Kisan Union leader Rakesh Tikait, who has been leading the farmers' protest, hinted that farmer leaders may contest the upcoming elections in Punjab and Uttar Pradesh. On the other hand, Agriculture Minister Tomar has already stated that the government will not repeal the Farm laws. However, the government is ready to discuss the other issues. Watch this video.