राहुल गांधी की ब्रेकफास्ट पार्टी में ज्यादातर विपक्षी दलों ने शिरकत की. ममता की पार्टी भी इस बार राहुल के बुलावे पर आई. राहुल की पार्टी में आम आदमी पार्टी से कोई नहीं आया. राहुल की पार्टी का मकसद है कि विपक्ष एक हो लेकिन जब नेता अनेक हैं तो एकता कैसे होगी. ब्रांड मोदी के खिलाफ विपक्ष ने ऐसी ही तस्वीर बनाने की कोशिश की है. ऐसा ही सपना देखा है. आज राहुल गांधी ने विपक्ष के तमाम दलों को नाश्ते पर बुलाया. नाश्ते में लजीज पकवान के साथ मुलाकातें हुईं. सियासी स्वाद पर बातें हुईं. इस बार विपक्ष के मेनू में पकवानों की कमी नहीं है. पेगासस जासूसीकांड का मुद्दा है, कृषि कानूनों पर किसान आंदोलन है, कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी का मुद्दा है, पेट्रोल-डीजल की कीमतें हैं. विपक्ष पहले से ज्यादा मुखर है. तालमेल भी बेहतर दिख रहा है. राहुल की पिछली बैठक से तृणमूल पार्टी नदारद थी लेकिन इस बार ममता की पार्टी के नेता भी शामिल हुए. देखिए.
Several Opposition leaders, including 100 Congress MPs, joined Rahul Gandhi for a breakfast meeting in New Delhi on Tuesday in a bid to decide on a united strategy to take on the Modi government over the Pegasus snooping issue. Apart from around 100 MPs of the Congress, leaders of several opposition parties including Trinamool Congress were present at the meeting. TMC had earlier skipped the previous such meetings called by Rahul Gandhi. However, BSP and AAP leaders remained absent. Watch this episode.