कहां दावा था कि कृषि कानून पर बात आठवें राउंड में बन जाएगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं. नौबत नौवे राउंड तक पहुंच गई. बैठक के बाद किसानों के जुबान सरकार के रवैए पर तल्ख नजर आई. सरकार उम्मीद जताती नजर आई कि अगले राउंड में कोई ना कोई हल निकल आएगा. अब सवाल है कि क्या वाकई नौवां राउंड फाइनल होगा या फिर दोनों ओर से बात जिद की जंग में बदल जाएगी. जाहिर है बात बनाने के लिए अब किसी ना किसी को तो झुकना ही होगा. ऐसे मे सवाल है कि ये पहल आखिर करेगा कौन? क्या सरकार आगे बढ़कर सुलह की पहल करेगी या किसान संगठन सरकार की मानकर बात को खत्म करेंगे? 8 तारीख को आखिर होगा क्या, देखें बड़ी बहस, तेज मुकाबला में, मिशा बाजवा चौधरी के साथ.