आज किसान आंदोलन का 28वां दिन था. देश के कृषि मंत्री ने एक बार फिर से किसानों से बातचीत के लिए आगे आने की अपील की. शाम के वक्त किसानों ने सिंघु बॉर्डर पर मीटिंग के बाद जो प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उससे सब कुछ साफ हो गया. किसानों ने बिल्कुल स्पष्ठ शब्दों में कह दिया कि सरकार के पुराने प्रपोजल पर तो बातचीत बिल्कुल नहीं होगी. किसानों ने चेतावनी भी दी की सरकार आग से खेल रही है. सरकार इस आंदोलन को हल्के में ले रही है. अब किसान पूरी तरह अड़ चुके हैं तीनों कानूनों को रद्द कराने के लिए. सवाल ये है कि आखिर अब सरकार आगे क्या करने वाली है, अगला कदम क्या होने वाला है? देखें देश की बात.