भोपाल से एक ऐसी कहानी सामने आई है जो आपकी सोच और नजरिए को बदल देगी. आपके अंदर हार नहीं मानने का जज्बा पैदा करेगी. ये हौसला देगी कि अगर ठान लिया जाए तो हालात आपका रास्ता नहीं रोकते. ये कहानी एक बच्ची की है जिसके माता-पिता की मौत कोरोना की दूसरी लहर में हो गई. लेकिन ये बच्ची टूटी नहीं बल्कि दोगुनी हिम्मत के साथ उठ खड़ी हुई. इसी हिम्मत का नतीजा है कि बच्ची ने दसवीं में कमाल कर दिया है. दसवीं के नतीजों में भोपाल शहर को टॉप करना बड़ी बात है. लेकिन इस उपलब्धी का वजन ये जानकार और बढ़ जाता है कि वनिशा ने ये सफलता किन विपरीत हालात का सामना करते हुए हासिल की है. देखिए ये रिपोर्ट.
A girl in Bhopal, Madhya Pradesh lost her parents to Covid-19 during the second wave of the pandemic. But the brave girl did not let her will down but studied hard and got excellent results in High School. Watch this motivating story of Bhopal girl.