लगता है कि दिल्ली के मतदाता चुनाव से पहले अपने प्रतिनिधि के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाना चाहते हैं. तभी तो नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल की किताबें बाजार में छाई हुई हैं.