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7वां वेतन आयोग

7वां वेतन आयोग

7वां वेतन आयोग

7वां वेतन आयोग

वेतन आयोग भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया है (Par Commission Founded by Indian Government). इसके तहत 1947 में स्थापित अपने कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बदलाव के संबंध में सरकार अपनी सिफारिशें पेश करता है. भारत की आजादी के बाद से, काम की समीक्षा और सिफारिशें करने के लिए नियमित आधार पर सात वेतन आयोगों का गठन किया जा चुका है. इसका मुख्यालय दिल्ली में है (Headquarter of Pay Commission). 

पहला वेतन आयोग जनवरी 1946 को स्थापित किया गया था. श्रीनिवास वरदाचारी की अध्यक्षता में इसकी पहली रिपोर्ट मई 1947 में भारत की अंतरिम सरकार को सौंप गई थी. प्रथम नौ सदस्यों का अधिदेश सिविलियन कर्मचारियों की पारिश्रमिक संरचना की जांच और सिफारिश करना था (1st Pay Commission).

भारत सरकार ने 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, साथ ही इसके संदर्भ की शर्तों, संरचना और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की संभावित समय सीमा को अंतिम रूप दिया है. 25 सितंबर 2013 को तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने घोषणा कर बताया कि प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने 7वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है. इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू होने की संभावना थी. न्यायमूर्ति ए के माथुर 7वें वेतन आयोग का नेतृत्व की, जिसकी घोषणा 4 फरवरी 2014 को की गई थी. 29 जून 2016 को, सरकार ने 7वें वेतन की सिफारिश को स्वीकार कर लिया. छह महीने के गहन मूल्यांकन और लगातार चर्चा के बाद वेतन में 14% की मामूली वृद्धि के साथ आयोग की रिपोर्ट पेश की (7th Pay Commission).

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7वां वेतन आयोग न्यूज़

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