आम आदमी पार्टी
आम आदमी पार्टी (AAP) भारत की एक राजनीतिक पार्टी है, जिसकी स्थापना नवंबर 2012 में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और उनके साथियों ने की थी (Foundation of AAP). यह वर्तमान में दो राज्यों, दिल्ली और पंजाब में सत्तारूढ़ है (AAP governments in 2 States).
2011 में हुए प्रसिद्ध भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में अरविंद केजरीवाल ने अन्ना हजारे (Anna Hazare) का बढ़-चढ़कर साथ दिया, लेकिन इसमें चुनावी राजनीति को शामिल करने के कारण, बाद में, हजारे और केजरीवाल के बीच मतभेद पैदा हुआ और आम आदमी पार्टी अस्तित्व में आई (Existence of AAP).
2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में शुरुआत करते हुए AAP, भाजपा के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी. किसी भी दल के पास पूर्ण बहुमत नहीं था, नतीजतन, AAP ने कांग्रेस सदस्यों के समर्थन से सरकार बनाई. केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने (CM Delhi), लेकिन कांग्रेस के समर्थन की कमी के कारण विधानसभा में जन लोकपाल विधेयक (Jan Lokpal Bill) पारित नहीं कर पाने के बाद उनकी सरकार ने 49 दिनों में इस्तीफा दे दिया. बाद में, 2015 के चुनावों में, AAP ने 70 में से 67 में जीत हासिल की. विधानसभा में भाजपा को केवल 3 सीटों पर सीमित कर दिया और कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली, केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ ली. AAP 2019 के राष्ट्रीय चुनावों में दिल्ली के सभी सात संसदीय क्षेत्रों में भाजपा से हार गई. हालांकि, AAP ने 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में 62 सीटों पर जीत हासिल करते हुए भाजपा को करारी शिकस्त दी (AAP Legislative Assembly election).
2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP ने 92 सीटें जीतीं, जिसके बाद इसके सदस्य भगवंत मान ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. पार्टी ने चंडीगढ़ और गोवा में भी अपने प्रभाव का विस्तार किया है (AAP Punjab Legislative Assembly election).
अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक हैं (National Convener of AAP). पंकज गुप्ता (Pankaj Gupta) राष्ट्रीय सचिव (National Secretary) और नारायण दास गुप्ता (Narain Dass Gupta) राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष हैं (National Treasurer). मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia), राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य और दिल्ली सरकार में शिक्षा मंत्री के पद पर हैं (PAC Member and Education Minister).
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल केंद्र सरकार के लाए अध्यादेश के खिलाफ समर्थन जुटाने के लिए विपक्षी नेताओं से लगातार मुलाकात कर रहे हैं. हालांकि कांग्रेस ने अभी तक उन्हें मिलने का समय नहीं दिया है. इस बीच केजरीवाल ने ऐलान कर दिया कि पटना में 23 जून को होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में अध्यादेश ही सबसे पहला एजेंडा होगा.
पटना में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक से पहले अरविंद केजरीवाल से तेवर कड़े कर लिए हैं. केजरीवाल ने केंद्र के अध्यादेश पर कांग्रेस का समर्थन मांगा है. हालांकि कांग्रेस की तरफ इसे लेकर अभी तक कोई स्पष्ट रुख अख्तियार नहीं किया गया है. देखें वीडियो
दिल्ली की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले सीएम केजरीवाल के लेटर पर अब एलजी वीके सक्सेना ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि पद संभालने के पहले दिन से ही दिल्ली में अपराध नियंत्रण मेरी प्राथमिकता रहा है. मैं पुलिस आयुक्त के साथ नियमित रूप से दिल्ली की पूरी व्यवस्था की समीक्षा व निगरानी करता हूं. उन्होंने अपराध के राजनीतिकरण के प्रति आगाह करते हुए कहा कि इससे कोई समाधान नहीं निकलता.
पटना में 23 जून को विपक्षी एकजुटता बैठक है. बैठक सुबह 11 बजे से शुरू होगी, जो शाम चार बजे तक चलेगी. इस दौरान 2024 के चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजय रथ को रोकने और बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने की रणनीति पर चर्चा होगी. इस बीच कुछ विपक्षी दलों ने खुद को बैठक का केंद्र बताते हुए अपने-अपने दावे करने शुरू कर दिए हैं. पहले यह बैठक तीन बार टल चुकी है.
आदिपुरुष को लेकर एक तरफ लोगों की नाराजगी है तो दूसरी ओर अब फिल्म पर जोरदार सियासत भी शुरु हो गई है. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने सवाल खड़ा किया कि केंद्र सरकार ने फिल्म पर आपत्ति क्यों नहीं जताई. उनका यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के इशारे पर सनातन धर्म का अपमान किया गया. देखें वीडियो.
दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने रविवार को राजस्थान के श्रीगंगागर में रैली को संबोधित किया. इस दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों ही उनके निशाने पर रहे.
चुनाव आते ही राजनीतिक पार्टियां वोटरों को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वादे कर देती हैं. इसे ही राजनीतिक भाषा में फ्रीबीज या रेवड़ी कल्चर कहा जाता है. लेकिन ये रेवड़ी कल्चर की शुरुआत कैसे हुई? इसका राज्यों की आर्थिक सेहत पर क्या असर पड़ता है? चुनावों पर ये मुफ्त की रेवड़ियां कितना असर डालती हैं? जानते हैं...
'आदिपुरुष' फिल्म के रिलीज होने के बाद से लगातार विवाद जारी है. फिल्म के संवाद को लेकर सबसे अधिक विरोध हो रहा है. इसी बीच अब मामला सियासी भी हो चला है. कांग्रेस और आप जहां एक तरफ बीजेपी को घेर रही हैं, तो वहीं फिल्म के संवाद लेखक मनोज मुंतशिर ने अपनी सफाई में कहा कि रामायण पर बेस्ड फिल्म के लिए ये डायलॉग को जानबूझकर ऐसा रखा गया है.
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में चल रही खींचतान के बीच दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस को एक बड़ा ऑफर दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर कांग्रेस पंजाब और दिल्ली में चुनाव नहीं लड़ेगी तो आम आदमी पार्टी भी राजस्थान और मध्य प्रदेश का चुनाव नहीं लड़ेगी. क्या ये संभव है और इस ऑफर पर पंजाब में कांग्रेस नेताओं का क्या रिएक्शन है. इस रिपोर्ट में देखिये.
बिहार में 23 जून को विपक्षी दलों की बहुत बड़ी बैठक होने वाली है. उससे पहले आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के सामने शर्त रख दी है कि अगर कांग्रेस एकता चाहती है तो दिल्ली और पंजाब में चुनाव लड़ना छोड़ दे, बदले में आम आदमी पार्टी भी राजस्थान और मध्य प्रदेश में चुनाव नहीं लड़ेगी. देखिए दंगल.
आम आदमी पार्टी के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. देखें ये वीडियो.
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने मुख्य सचिव और एलजी वीके सक्सेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि दोनों ने मिली भगत कर सिविल सेवा प्राधिकरण (एनसीसीएसए) के बतौर अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल के अधिकार को खत्म कर दिया है. उन्होंने कहा कि प्रधिकरण की बैठक से पहले ही फैसले लिए जाते हैं. प्राधिकरण अब एक दिखावटी निकाय बनकर रह गया है.
आम आदमी पार्टी के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लोगों से जुडाव खत्म हो गया है, उन्हें ये तक नहीं पता कि जनता क्या चाहती है. देश की सबसे पुरानी पार्टी अब देश की सबसे नई पार्टी से आइडिया औऱ मैनीफेस्टो तक चुराने लगी है.
आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस कह दे कि वो पंजाब दिल्ली में चुनाव नहीं लड़ेगी तो हम भी राजस्थान और मध्य प्रदेश में चुनाव नहीं ल़़ड़ेंगे. देखें वीडियो.
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला, उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास वो लोग भी नहीं बचे जो जनता के साथ संवाद कर सकें.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ रैली में पीएम मोदी को निशाने पर लिया. कहने को तो ये रैली केंद्र के अध्यादेश के विरोध में थी, लेकिन केजरीवाल का संबोधन पूरी तरह से चुनावी रंग में रंगा नजर आया. क्या केंद्र के अध्यादेश के बहाने आम आदमी पार्टी का निशाना 2024 की चुनावी जंग है?
दिल्ली के रामलीला मैदान में आम आदमी पार्टी की रैली में अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला. केंद्र का अध्यादेश आने के बाद से केजरीवाल लगातार इसका विरोध कर रहे हैं. उन्होंने आर-पार की लड़ाई का भरोसा जताया. दिल्ली सीएम पर बीजेपी ने पलटवार किया. देखें ये वीडियो.
अगस्त 2011 में अन्ना आंदोलन से जुड़कर देशभर में चर्चा में आए अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर दिल्ली के रामलीला मैदान का रुख किया है. रविवार को उन्होंने केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ पार्टी की मेगा रैली बुलाई है. इस रैली में पार्टी को एक लाख लोगों की भीड़ आने का दावा किया है. केजरीवाल इस समय मुश्किल वक्त में घिरे हैं. उनके सहयोगी दिग्गज नेता भी अलग-अलग मामलों में जेल में बंद हैं.
रामलीला मैदान में महारैली को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी पर जमकर हमला किया. सीएम केजरीवाल ने कहा कि वो खुद भी कोई काम नहीं करते और करने भी नहीं देते. इस दौरान उन्होंने 'एक चौथी पास राजा' की कहानी भी सुनाई.
केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली की. इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि चौथी पास राजा को समझ नहीं आ रहा. देखें ये वीडियो.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दिल्ली की जनता सुप्रीम है, लेकिन प्रधानमंत्री ने आदेश को खारिज कर दिया और अध्यादेश लेकर आ गए. जो कहता है कि अब दिल्ली के अंदर जनतंत्र नहीं होगा. अब दिल्ली में तानाशाही चलेगी.