अडानी स्पोर्ट्सलाइन (Adani Sportsline), अडानी समूह की खेल शाखा है, जिसे 2019 में लॉन्च किया गया था (Adani Sportsline Launch date). भारतीय खेल समुदाय का एक अभिन्न अंग होने के नाते, इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर खेल की संस्कृति को स्थापित करना और भारत में भविष्य के चैंपियन के लिए वैश्विक अवसर पैदा करना है. अपने स्पोर्ट्स ब्रांड, गुजरात जायंट्स के अंतर्गत यह प्रो-कबड्डी लीग, अल्टीमेट खो खो लीग, बिग बाउट बॉक्सिंग लीग, लीजेंड्स लीग क्रिकेट और यूएई इंटरनेशनल लीग टी20 जैसे विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय लीगों में भाग लेता है.
भारत में खेलों को बढ़ावा देने और खेल अर्थव्यवस्था को गति देने के लक्ष्य के साथ, अडानी स्पोर्ट्सलाइन भारत के लिए एक अग्रणी खेल अर्थव्यवस्था प्रदान करता है (Adani Sportsline supports Indian Sports).
आज, अडानी स्पोर्ट्सलाइन का प्रमुख स्पोर्ट्स ब्रांड - गुजरात जायंट्स भारत में कुछ सबसे प्रसिद्ध लीग से जुड़ा हुआ है, जिसमें गुजरात जायंट्स (कबड्डी, खो-खो, क्रिकेट), गल्फ जायंट्स (अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट टीम) और अदानी अहमदाबाद मैराथन शामिल हैं (Sports Brand of Adani Sportsline). रवि दहिया, दीपक पुनिया और रानी रामपाल जैसे विश्व स्तरीय एथलीटों ने अडानी स्पोर्ट्सलाइन में अपने कौशल और उपलब्धियों की बदौलत अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल की है (Adani Sportsline Athletes).
बहुचर्चित कंपनी विप्रो (Wipro) जून 2024 में सेंसेक्स (Sensex) से बाहर हो जायेगी और इसकी जगह अडानी ग्रुप के शेयर शामिल होंगे.
हिंडनबर्ग के खुलासे के बीच फिर रॉकेट बने अडानी के शेयर. इस कंपनी ने किया 4 दिन में पैसा डबल.
Adani Group Audit: हिंडनबर्ग के आरोपों के बाद बुरी तरह गिरावट झेल रहे अडानी समूह के पार्टनर TotalEnergies के बयान में कहा गया कि समूह की कंपनियों में हमारे निवेश भारतीय कानूनों और टोटल एनर्जीज की अपनी इंटरनल गवर्नेंस प्रोसेस के अनुपालन में किए गए थे.
अडानी मामले पर रोज सियासत तेज होजी जा रही है. विपक्ष की का कहना है कि ये एक बहुत बड़ा घोटाला है जिसकी जांच होनी चाहिए. विपक्ष ने महा घोटाला में संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग रखी है. अडानी के शेयरों में असामान्य रुप से देखा गया उतार-चढ़ाव था.
अडानी ग्रुप के साथ कुल 36 कंपनियां हैं, जिनमें एलआईसी की हिस्सेदारी है और जिनके शेयरों की कीमत बीते छह महीनों में 20 फीसदी से अधिक घटी है. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि छह दिन में एलआईसी के निवेश को जज नहीं करना चाहिए क्योंकि एलआईसी एक लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर है और बीते कई सालों से वह कई नामी-गिरामी कंपनी में निवेश करता रहा है.
Gautam Adani Business: गौतम अडानी बीते साल 2022 में दुनिया के दूसरे अरबपतियों की तुलना में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले उद्योगपति थे. वहीं इस साल अब तक सबसे ज्यादा दौलत गवांने वाले इंसान भी अडानी ही हैं. अडानी ग्रुप का कारोबार खाने के तेल, आटा, चीनी से लेकर Airports तक फैला है.
संसद में संग्राम है और इस संग्राम का सबसे बड़ा मुद्दा अडानी ग्रुप है. दरअसल अडानी ग्रुप के शेयर में पिछले कुछ दिनों से गिरावट आ रही है. अब विपक्ष अडानी ग्रुप के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में बनी कमेटी से जांच की मांग कर रहा है.
अडानी ग्रुप के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों पर चर्चा और जांच को लेकर गुरुवार को विपक्षी दलों ने संसद के दोनों सदनों में हंगामा किया. हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी.
हिंडनबर्ग की एक रिपोर्ट के बाद से अडानी ग्रुप के शेयर में गिरावट आ रही है. अब हिंडनबर्ग की वो रिपोर्ट सही भी है या नहीं ये तो एक सवाल है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसकी अभी जांच हो रही है. हालांकि कई ऐसे लोग भी हैं, जो इस रिपोर्ट को लेकर सवाल उठा रहे हैं.
अडानी ग्रुप ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए 413 पन्नों का जवाब सार्वजनिक किया है. अडानी ग्रुप ने Hindenburg रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों और Stocks की हेरा फेरी के आरोपों को पूरी तरह निराधार और गलत बताया है. ग्रुप ने रिसर्च को पूरी तरह से निराधार बताया है. देखें पूरी रिपोर्ट.
अडानी ग्रुप की सफलता की कहानी वर्ष 1985 से शुरू हुई थी. उस समय देश में राजीव गांधी की सरकार थी. राजीव गांधी की सरकार ने आयात को सरल बनाने के लिए उस वक्त PVC समेत 150 वस्तुओं को सामान्य लाइसेंस की श्रेणी में रख दिया था. तब अडानी ग्रुप की प्लास्टिक फिल्म निर्माण इकाई में PVC ही सबसे प्रमुख Raw Material था. देखें पूरी रिपोर्ट.
अडानी ग्रुप पर stock manipulation का आरोप है. हिंडनबर्ग ने आरोप लगाए हैं कि ग्रुप ने Tax Haven देशों में शेल कम्पनियां बनाईं और बाद में इन्हीं कंपनियों के ज़रिए अदाणी ग्रुप के शेयर्स खरीदे. ताकि स्टॉक मार्केट में इनकी डिमांड और इनकी कीमतें दोनों बढ़ाई जा सकें. देखें पूरी रिपोर्ट.
अडानी ग्रुप ने अपना 20000 करोड़ का FPO रद्द कर दिया है. अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा है कि मार्केट में उतार-चढ़ाव को देखते हुए ये फैसला लिया गया है. देखें वीडियो