देश में खेती के हालात, फसलों से जुड़ी अच्छी-बुड़ी खबरें और कृषि के स्थिति, कृषि नीति, मशीनरी, फसल, पशुधन, फार्म प्रबंधन और फसल की कीमतों के अपडेट सहित आपको 'आजतक कृषि समाचार' (Aaj Tak Agriculture News) पर मिलेगी सफल खेती, कृषि समाचार और किसान से जुड़े अपडेटेड स्टोरी, एनालिटिकल न्यूज, फोटो गैलरी, विजुअल स्टोरी और वीडियो.
चमेली के पौधे को पत्तियों और कटिंग से आसानी से तैयार किया जा सकता है. हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक, चमेली की ग्रोथ के लिए वसंत और गर्मियों का मौसम सबसे बेहतर माना जाता है.
हरियाणा गाय, भारत की प्रमुख देसी नस्ल है. यह गाय मुख्य रूप से हरियाणा में पाई जाती है.
ठंड के मौसम में तापमान गिरने और पोषक तत्वों की कमी से फूलों की संख्या और गुणवत्ता कम दिख सकती है.
अगर आपके घर का मनी प्लांट पोटोस की पत्तियां काली या डार्क हो रही हैं, तो यह संकेत है कि पौधा तनाव में है और कुछ सामान्य देखभाल की गलतियां इसका कारण हो सकती हैं.
भारत ने डोनाल्ड ट्रंप से पहले भी अमेरिका की धमकियों को नजरअंदाज किया है. साल 1965 में जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने भारत को गेहूं की आपूर्ति रोकने की धौंस दी थी, तब भी भारत ने इसकी परवाह नहीं की और अमेरिका के ही वैज्ञानिक की मदद से हरित क्रांति करके मुंहतोड़ जवाब दिया था.
अगर आप सर्दियों में घर या गार्डन को आकर्षक बनाना चाहते हैं, तो प्यारे-प्यारे फूल उगाना आपके लिए बेहतरीन विकल्प बन सकता है. नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (NSC) सर्दियों के लिए सुंदर फूलों के बीज ऑनलाइन सस्ते दामों पर उपलब्ध करा रहा है, जिन्हें आप आसानी से घर बैठे ऑर्डर कर सकते हैं.
चिगू बकरी भारत के पहाड़ों में पाई जाने वाली एक खास नस्ल है. यह पशुपालकों के लिए लाभदायक मानी जाती है.
कपकपाती ठंड का असर देश के कई हिस्सों में तेज हो गया है. तापमान में लगातार कमी महसूस की जा रही है. राजस्थान के 16 जिलों में तापमान 5 डिग्री या उससे कम दर्ज किया गया. कई जगहों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई है. बताया जा रहा है कि तापमान में आई यह गिरावट किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है.
सर्दियों में घर के अंदर हवा अक्सर बहुत सूख जाती है, खासकर जब हीटर या सेंट्रल हीटिंग चलती है. इससे घर के पौधों पर नकारात्मक असर पड़ता है. नमी-पसंदीदा पौधों के पत्तों के किनारे सूखना या ब्राउन टिप्स बनन
अगर आपके गुलाब के पौधे ठीक से नहीं खिल रहे हैं, तो इस्तेमाल की हुई चायपत्ती से बनी खाद बहुत असरदार हो सकती है.
अगर आपकी तुलसी सर्दियों में मुरझा गई है या पत्तियां सूखी‑सी लग रही हैं, तो सही देखभाल और छोटे‑छोटे उपाय अपनाकर आप इसे फिर से हरा‑भरा और स्वस्थ बना सकते हैं.
जनवरी के महीने में चने की फसल में इल्ली और अन्य कीड़े लग सकते हैं. किसानों को इस समय फसल का खास ध्यान देना चाहिए.
ठंड बढ़ने के साथ शीतलहर और पाले का खतरा बढ़ जाता है. कई राज्यों में तापमान सामान्य से नीचे है जिससे पाले की और संभावना बढ़ गई है. पाले का सबसे अधिक खतरा रबी फसलों को होता है जिसकी पत्तियां...
बद्री गाय उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाने वाली एक स्वदेशी नस्ल है.
किसान अब शानदार तकनीक की मदद से दोहरा मुनाफा कमा सकते हैं. एग्री-वोल्टिक सिस्टम से किसान एक ही खेत में फसल उगाकर और सोलर पावर से बिजली बनाकर लाभ पा सकते हैं. इस तकनीक से प्रति हेक्टेयर 8 लाख रुपये तक का लाभ संभव है. आइए जानते हैं, क्या है यह खास तकनीक?
Poultry Egg Rate: भारत में पोल्ट्री फीड की कीमत दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी अधिक है, जबकि अंडों की कीमत अपेक्षाकृत कम है. मक्का और सोयाबीन की महंगाई, उच्च आयात शुल्क और जीएम फसलों पर प्रतिबंध के कारण पोल्ट्री फार्मरों को लागत का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद, भारत में अंडे की कीमत सबसे कम है.
थोड़ी जगह, सही मिट्टी और नियमित देखभाल से कोई भी घर में केमिकल‑फ्री ताज़ी भिंडी उगा सकता है.
बिहार सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीद को लेकर किसानों को 24 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने लंबित भुगतानों को प्राथमिकता से निपटाने और मिलों से फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) सैंपलों की जांच 10 जनवरी तक पूरी करने के निर्देश दिए.
अगर आप घर में ताज़ा, केमिकल-फ्री पान का पौधा उगाना चाहते हैं, तो यह आसान तरीका आज़माएं. पान की बेल को बग़ीचे या गमले में आसानी से लगाया जा सकता है.
आम के पेड़ पर जनवरी और फरवरी महीना फूल (बौर) आने की तैयारी का समय होता है. इस दौरान सही तरल स्प्रे और पोषण देने से पेड़ में अधिक फूल और बाद में भारी पैदावार आने की सम्भावना बढ़ सकती है.
सीरी गाय सिक्किम और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग-कालिम्पोंग क्षेत्र की प्रमुख देसी नस्ल है. इस गाय का दूध पौष्टिक माना जाता है. यह गाय प्रतिदिन करीब 6 लीटर तक दूध दे सकती है.