अजय मिश्रा टेनी, राजनेता
अजय मिश्रा टेनी (Ajay Mishra Teni) एक राजनीतिज्ञ और 17वीं लोकसभा के सांसद हैं. वह भारत सरकार के गृह मंत्रालय में वर्तमान राज्य मंत्री हैं. वह उत्तर प्रदेश के खीरी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और भारतीय जनता पार्टी (Member BJP) के राजनीतिक दल के सदस्य हैं (Ajay Mishra Teni, Minister of State for Home Affairs).
2012 में, मिश्रा उत्तर प्रदेश की 16वीं विधान सभा में निघासन से विधायक चुने गए. इन्होंने भारतीय जनता पार्टी के सदस्य के रूप में 2014 और 2019 में खीरी निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव जीता है. सितंबर 2014 में, उन्हें ग्रामीण विकास पर स्थायी समिति के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया था. जुलाई 2021 में, वह कैबिनेट फेरबदल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में मंत्रालय में गृह राज्य मंत्रालय में मंत्री हैं (Ajay Mishra Teni Political career).
अजय मिश्रा टेनी का जन्म 25 सितंबर 1960 को लखीमपुर खीरी जिले (Lakhimpur Kheri district) के बनवीरपुर गांव में हुआ था (Date Of Birth). उन्होंने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से विज्ञान और कानून स्नातक की डिग्री प्राप्त की. उन्हें अजय कुमार मिश्रा के नाम से भी जाना जाता है (Ajay Mishra Teni Education).
अजय मिश्रा का नाम कुछ विवादास्पर मामलों से भी जोड़ा जाता है जिसमें 2021 में लखीमपुर खीरी हिंसा में उनके बेटे की कथित संलिप्तता भी शामिल है (Ajay Mishra Teni Controversy).
पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्रा को जमानत दे दी है. साल 2021 में लखीमपुर में हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत हुई थी.
वरुण गांधी का टिकट कटने के बाद सवाल खड़े होने लगे थे, क्या वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पीलीभीत रैली में शामिल होंगे? संभावना नहीं के बराबर ही थी, और वरुण गांधी मंच पर कहीं नजर भी नहीं आये - ये रैली वरुण गांधी के राजनीतिक कॅरियर में महत्वपूर्ण मोड़ थी, लगता है वो स्किप कर आगे बढ़ चुके हैं.
प्रज्ञा ठाकुर और ब्रजभूषण शरण सिंह दोनों ही भाजपा के ऐसे सांसद हैं, जिन्हें लेकर पार्टी अक्सर असहज होती रही है. बम ब्लास्ट के आरोप अपनी जगह हैं, लेकिन गोडसे को लेकर प्रज्ञा ठाकुर के बयान तो मोदी को भी चुभ गए हैं - कहा जा रहा है कि बीजेपी भोपाल से शिवराज सिंह चौहान को टिकट दे सकती है.
नूपुर शर्मा को लेकर एक बार अजय मिश्रा टेनी ने कहा था, बीजेपी अपने कार्यकर्ताओं को यूं ही नहीं छोड़ देती. केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा की ये बात खुद उनके मामले में और बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी केस में भी सही लगती है, लेकिन प्रवक्ता रहीं नूपुर शर्मा के मामले में तो भेदभाव साफ साफ दिखाई पड़ता है.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी ने I.N.D.I.A. के घटक दलों पर जमकर निशाना साधा. साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और लालू प्रसाद यादव का नाम लेकर भी हमला बोला. कहा कि अखिलेश और राहुल ग्राम प्रधान का चुनाव नहीं जीत सकते. ये लोग सियासत में केवल परिवारवाद की वजह से हैं.
लखीमपुर खीरी के तिकुनिया इलाके में 8 जुलाई 2000 को प्रभात गुप्ता अपने घर लौट रहे थे. बीच रास्ते में सड़क पर ही सरेआम दिनदहाड़े गोली मारकर कर उनकी हत्या दी गई थी. प्रभात गुप्ता उस समय समाजवादी पार्टी के युवा नेता थे. उस समय भी अजय मिश्रा टेनी बीजेपी से जुड़े थे. इस हत्याकांड में अजय मिश्रा टेनी समेत 4 लोगों को नामजद किया गया था.
2002 में लखीमपुर खीरी के प्रभात गुप्ता हत्याकांड मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच अपना फैसला सुनाएगी. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी इस मामले में आरोपी हैं. छात्र नेता प्रभात गुप्ता की तिकुनिया थानाक्षेत्र के बनबीरपुर गांव में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी.
संसद में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान संस्कृत को कम्युनिकेशन की भाषा, ऑफिसियल लैंगुएज बनाए जाने को लेकर पूछे गए लिखित सवाल का गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने लिखित जवाब दिया.
लोकसभा में गृह मंत्रालय ने लिखित सवालों के लिखित जवाब दिए. गृह मंत्रालय ने बुंदेलखंड राज्य के गठन से लेकर पुलिस की स्थिति, आपराधिक कानूनों में बदलाव तक, लोकसभा में पूछे गए लिखित सवालों के जवाब दिए. गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा और नित्यानंद राय ने लिखित जवाब दिए.
Lakhimpur Violence Case: लखीमपुर हिंसा मामले में जिला जेल में बंद सुमित जायसवाल, आशीष पांडे और रिंकू राणा को शुक्रवार को रिहा किया गया है. इससे पहले 27 जनवरी को इसी मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा उर्फ मोनू को जिला जेल से रिहा कर दिया गया था. आशीष मिश्रा केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को शर्तों के साथ 8 हफ्ते की अंतरिम जमानत दी है. इतना ही नहीं ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के अलावा आशीष यूपी भी नहीं जा सकेंगे. वे अंतरिम जमानत के दौरान जहां-जहां रहेंगे, उस पते की और संबंधित थाने की जानकारी कोर्ट को देनी होगी.
लखीमपुर खीरी हिंसा में आरोपी केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. यूपी सरकार ने आशीष मिश्रा की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि ये गंभीर और जघन्य अपराध है.
अक्टूबर 2021 में लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले की सुनवाई सेशन कोर्ट में पूरी होने में कम से कम पांच साल का समय लग सकता है. इस बात की जानकारी सेशन कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में दी है. एक स्टडी बताती है कि देश में हाई कोर्ट में किसी मुकदमे की सुनवाई पूरी होने में तीन साल से ज्यादा समय लगता है. पढ़ें- आखिर अदालतों पर क्यों बढ़ रहा है मुकदमों का बोझ?
प्रभात गुप्ता हत्याकांड में लखनऊ बेंच ने निर्णय सुनाने से पहले जब दोनों ही पक्षों के वकील बुलाकर कुछ बिंदुओं पर सवाल जवाब किया तो पता चला कि जिस संतोष गुप्ता की रिव्यू पिटीशन पर कोर्ट सुनवाई कर रही थी उस संतोष गुप्ता की पिटिशन दाखिल होने के 1 साल बाद ही मौत हो गई थी और याचिकाकर्ता की मौत के बाद केस के पैरोकार राजीव गुप्ता की तरफ से कोई वकालतनामा दाखिल ही नहीं किया गया था.
लखीमपुर खीरी में साल 2000 में हुए प्रभात गुप्ता हत्याकांड की इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच सुनवाई कर रही है. उसने इस मामले में फैसला भी सुरक्षित रख लिया था लेकिन बुधवार को कुछ बिंदुओं पर सुनवाई के बाद उसने फैसला टाल दिया है. अब इस मामले में जनवरी में सुनवाई होगी.
UP के लखीमपुर जिले के तिकुनिया थाना क्षेत्र में 3 अक्टूबर 2021 को हिंसा हो गई थी. आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू के इशारे पर थार जीप से प्रदर्शनकारी किसानों को कुचल दिया गया था. घटना में 4 लोगों की मौत हो गई थी. हिंसा भड़कने के बाद इस पूरे घटनाक्रम में 8 लोगों की जान गई थी.
लखीमपुर खीरी के तिकुनिया हिंसा मामले में कोर्ट ने मंगलवार को 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिया है. सरकार वकील से यह जानकारी दी. इस मामले में केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा 'टेनी' के बेटे आशीष मिश्रा इस हिंसा मामले में मुख्य आरोपी है. इस हिंसा में चार किसानों की मौत हो गई थी.
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अजय मिश्रा के खिलाफ दाखिल राज्य सरकार और वादी के अपीलों पर अंतिम बहस के बाद फैसला सुरक्षित किया गया है. मामले की सुनवाई जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रेणु अग्रवाल की बेंच ने की है.
प्रभात गुप्ता हत्याकांड में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अजय मिश्रा की केस ट्रांसफर की याचिका को खारिज कर दिया है. साथ ही उन्हें हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच से केस ट्रांसफर की गुहार लगाने की सलाह दी.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की एक पुराने मामले में जमानत पर सुनवाई हुई. इस दौरान अजय मिश्र टेनी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में केस ट्रांसफर करने की अर्जी लगी होने का हवाला देकर आगामी तारीख की मांग की. लिहाजा इस केस में अब अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी.
यूपी के चर्चित लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी. इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अजय मिश्रा ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. आशीष मिश्रा, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी का बेटा है. लखीमपुर खीरी में हिंसा की घटना 3 अक्टूबर 2021 को हुई थी.