एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह (Amarpreet Singh) को भारतीय वायुसेना का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है. वह 30 सितंबर को उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया. नेशनल डिफेंस एकेडमी, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र एयर मार्शल सिंह, 21 दिसंबर 1984 को इंडियन एयरफोर्स में कमीशंड हुए थे.
वह एक क्वालीफायड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर हैं. भारतीय वायुसेना में वह एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट की भूमिका में भी रहे हैं. एयर मार्शल एपी सिंह के पास विभिन्न प्रकार के फिक्स्ड और रोटरी विंग वाले विमानों पर 5000 घंटे से अधिक का फ्लाइंग एक्सपीरियंस है.
फरवरी 2023 में उन्होंने वायुसेना के उपप्रमुख का पद संभाला था. अपने अब तक के करियर के दौरान, एयर मार्शल सिंह ने एक ऑपरेशनल फाइटर स्क्वाड्रन और एक फ्रंटलाइन एयर बेस की कमान संभाली है. एक टेस्ट पायलट के रूप में उन्होंने मॉस्को में मिग-29 अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टीम का नेतृत्व किया.
वह हल्के लड़ाकू विमान तेजस के उड़ान परीक्षण (Flight Test) की देखरेख करने वाले नेशनल फ्लाइट टेस्ट सेंटर में प्रोजेक्ट डायरेक्टर (फ्लाइट टेस्ट) के पद पर तैनात रहे हैं. वह दक्षिण पश्चिमी वायु कमान में एयर डिफेंस कमांडर और पूर्वी वायु कमान में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
इंडियन एयरफोर्स के नए प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कार्यभार संभाल लिया है. इनका पूरा नाम अमर प्रीत सिंह है. उन्हें 30 सितंबर 2024 को इंडियन एयरफोर्स का चीफ बनाया गया. एपी सिंह ने एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी का स्थान लिया है. देखें खास बातचीत.
भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के नए प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने 30 सितंबर 2024 को कार्यभार संभाल लिया. उन्होंने पूर्व एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी की जगह ली है. एपी सिंह को 5 हजार से ज्यादा घंटों तक विभिन्न फाइटर जेट्स उड़ाने का अनुभव है. वो कई तरह के फाइटर जेट्स उड़ाना जानते हैं.
एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह भारतीय वायुसेना में एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट की भूमिका में भी रहे हैं. एयर मार्शल एपी सिंह के पास विभिन्न प्रकार के फिक्स्ड और रोटरी विंग वाले विमानों पर 5000 घंटे से अधिक का फ्लाइंग एक्सपीरियंस है. पिछले साल फरवरी में उन्होंने वायुसेना के उपप्रमुख का पद संभाला था.