एलन मस्क के लीडरशीप वाली टेस्ला की इंडिया एंट्री का प्लान डोनाल्ड ट्रम्प को पसंद नहीं आ रहा है. ट्रम्प ने कहा है कि, यदि टेस्ला भारत में इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण के लिए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाता है तो ये अमेरिका के लिए ठीक नहीं होगा.
डोनाल्ड ट्रंप ने ज़ेलेंस्की को बिना चुनावों वाला तानाशाह कहा ट्रंप का ये बयान तब आया है जब ज़ेलेंस्की ने आरोप लगाया कि ट्रंप रूस के भ्रम जाल में फंस चुके हैं.
अमेरिका का एच-1बी वीजा भारतीयों को वहां जाकर काम करने की अनुमति देता है. यह वीजा काफी महंगा पड़ता है जिसके लिए डेढ़ से लेकर 6 लाख से ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ जाते हैं.
अमेरिकी गृह मंत्रालय ने कर्मचारियों को चेताते हुए कहा है कि सरकारी गोपनीय दस्तावेजों को लीक होने से बचाने के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट की मदद ली जाएगी.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम वोटर टर्नआउट के लिए भारत को हर साल दो करोड़ डॉलर क्यों दें ट्रंप ने कहा कि भारत के पास बहुत पैसा है वे दुनिया में सबसे अधिक टैक्स वसूलने वाले देशों में से हैं.
अमेरिका-भारत रिश्तों के समर्थक और पाकिस्तान के आलोचक पॉल कपूर ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान दक्षिण एशिया पर अमेरिकी विदेश विभाग की नीति नियोजन टीम का हिस्सा थे.
डेनमार्क ने ट्रंप का मजाक उड़ाया है. ट्रंप ने ग्रीनलैंड को खरीदने की धमकी दी थी, इसी बीच डेनमार्क ने, अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया को, खरीदने की धमकी दी है. साथ ही डेनमार्क वासियों ने 'Make California Great again' नाम का एक नारा भी दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने एल्यूमिनियम पर 25% टैरिफ लगा दिया है जिस कारण अमेरिका में प्लास्टिक के अधिक इस्तेमाल का खतरा बढ़ गया है. कोका कोला ने कह दिया है कि टैरिफ की वजह से एल्यूमिनियम कैन महंगे होंगे जिसे देखते हुए वो अपना ड्रिंक बेचने के लिए और अधिक प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल करेगा.
भारत और अमेरिका के बीच बड़ी डिफेंस डील हो सकती है. पीएम मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के दौरान रक्षा से जुड़े कई अहम सौदों पर मुहर लग सकती है. भारत और अमेरिका सरकार के बीच दोनों नेताओं की मुलाकात से पहले ही डील को लेकर बातचीत भी शुरू हो चुकी है. अगर मोदी और ट्रंप की मुलाकात के बाद भारत की अमेरिका के साथ बड़ा रक्षा सौदा होता है तो यह रूस के लिए किसी झटके से कम नहीं होगा.
डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से वह कनाडा, मेक्सिको और चीन जैसे देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगा चुके हैं. भारत पर टैरिफ लगाए जाने को लेकर भी ट्रंप का रुख सख्त रहा है.
कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने ट्रंप का नाम लिए बगैर कहा कि फिलिस्तीनियों के सुरक्षित लौटने की थोड़ी बहुत उम्मीद को इस प्लान ने कुचल दिया है. अब यह दुनिाय दलिये की हांड़ी की तरह उबल रही है.
ईरान के सुप्रीम लीडर ने 2003 में एक फतवा जारी किया था. उन्होंने कहा था कि परमाणु हथियार बनाना और उसका इस्तेमाल इस्लामिक सिद्धांतों के विपरित है. हालांकि, अब ईरान के वरिष्ठ कमांडरों ने उनसे आग्रह किया है कि वो अपना ये फतवा वापस ले लें.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12-13 फरवरी को अमेरिका के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पीएम मोदी की मुलाकात होगी. दोनों नेताओं के बीच होने वाली ये मीटिंग कई मायनों में अहम मानी जा रही है. 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद ट्रंप ने नेतन्याहू के बाद पीएम मोदी को अमेरिका आने का न्योता दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता में आते ही एक आदेश जारी कर अमेरिकी एजेंसी USAID पर शिकंजा कस दिया. ये एजेंसी विदेशों में विकास प्रोजेक्ट्स के लिए फंडिंग देती है. ट्रंप ने 90 दिनों तक फंडिंग रोक दी है और अब एजेंसी की मदद को लेकर हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' पॉलिसी उस दौर की वापसी चाहती है जब यूएस दुनिया का अकेला चौकीदार था. अमेरिका अपनी मर्जी से वैश्विक संस्थाओं को हांकता था. लेकिन बदले वर्ल्ड ऑर्डर में जब कई देशों और संस्थाओं ने अमेरिकी नीतियों पर सवाल उठाने शुरू किए तो अमेरिका एजेंसियों को उनकी ये स्वायत्तता अखरने लगी. ट्रंप की परेशानी का यही कारण है.
अमेरिका से निर्वासित होकर भारत लौटे नागपुर के हरप्रीत ने बताया कि मैं अमेरिका नहीं, बल्कि कनाडा जाना था. लेकिन एजेंट की लापरवाही के चलते वह अमेरिका पहुंच गए. उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में मेरे करीब 49 लाख 50 हजार रुपये खर्च हो गए. उन्होंने ये पैसे बैंक से लोन और दोस्तों से उधार लिया थे.
अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि, जो भी अमेरिका में अवैध तरीके से घुसेगा, उसे वापस भेज दिया जाएगा. दूतावास ने कहा कि, अमेरिका में इमिग्रेशन कानूनों को लागू करना राष्ट्रीय सुरक्षा और लोगों की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में अमेरिका से 104 भारतीयों के डिपोर्टेशन पर बयान दिया. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संधि का हवाला देते हुए कहा कि यह कानूनी प्रवास को बढ़ावा देने और अवैध प्रवास को रोकने के लिए है. सरकार इस मुद्दे पर अमेरिका से लगातार बातचीत कर रही है.
ट्रंप के बायआउट ऑफर को स्वीकार करते हुए लगभग 40 हजार कर्मचारियों ने इस्तीफा देने का फैसला किया है. दरअसल ट्रंप प्रशासन ने संघीय कर्मचारियों को बायआउट करने यानी खुद से नौकरी छोड़ने का ऑफर दिया था. इसके लिए 6 फरवरी तक का समय दिया गया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता संभालते ही अपने कहे अनुसार, अवैध प्रवासियों को उनके घर भेजना शुरू कर दिया है. खास बात है कि, इन प्रवासियों को उनके देश किसी सिविल विमान से नहीं बल्कि अमेरिकी सेना के विशेष विमानों से भेजा जा रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम नेतन्याहू ने बुधवार को मुलाकात की. इसके बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका गाजा पट्टी को कब्जे में लेगा और इसका विकास करेगा. वहीं नेतन्याहू ने ट्रंप की बात का समर्थन किया और उन्हें इजरायल का अब तक का सबसे अच्छा दोस्त करार दिया.