अमृतपाल सिंह संधू (Amritpal Singh) एक कट्टरपंथी है. वह 'वारिस पंजाब दी' नाम के एक संगठन का प्रमुख है. दीप सिद्धू की अचानक मृत्यु के बाद, 4 मार्च 2022 को वारिस पंजाब दी द्वारा एक पत्र प्रकाशित किया गया था, जिसमें अमृतपाल सिंह को संगठन के नेता के रूप में घोषित किया गया.
अमृतपाल सिंह की तलाश में पंजाब पुलिस (Punjab Police ) कर रही है. मार्च 2023 में 'वारिस पंजाब दे' संगठन के चीफ अमृतपाल सिंह को लेकर कई बड़े खुलासे हुए हैं. माना जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले थे कि अमृतपाल सिंह नशामुक्ति केंद्रों और गुरुद्वारे का इस्तेमाल हथियार जमा करने और युवाओं को आत्मघाती हमले के लिए तैयार करने के लिए कर रहा था. इतना ही नहीं, वह प्राइवेट आर्मी 'आनंदपुर खालसा फोर्स' (AKF) बना रहा था. अमृतपाल और उसके करीबियों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं. माना यह भी जा रहा है कि अमृतपाल सिंह खालिस्तानी समर्थक है (Amritpal Singh supports Khalistani Ideology).
असम की जेल में कैद अमृतपाल सिंह और उसके साथियों को आज पंजाब की अजनाला कोर्ट में पेश किया गया. अमृतपाल सिंह के भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट परिसर में पहुंचे. देखिए कोर्ट में पुलिस की ओर से क्या तर्क दिया गया.
अजनाला कोर्ट में अमृतपाल सिंह की पेशी से संबंधित वीडियो सामने आया है. अमृतपाल सिंह को भारी सुरक्षा में कोर्ट परिसर में लाया गया, जहां उनकी सुनवाई हुई. यह वीडियो दर्शाता है कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में अमृतपाल को अदालत में लाया गया.
अमृतपाल सिंह ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि एक सांसद होने के नाते उनका कर्तव्य है कि वह संसदीय सत्रों में भाग लें और जनता के मुद्दों को उठाने के लिए विधायी चर्चाओं में हिस्सा लें. याचिका में कहा गया है कि जनहित, लोकतांत्रिक अधिकार और संविधान में निहित मूल्यों की रक्षा के लिए यह भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है.
निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह की अगुवाई में नई पार्टी के नाम का ऐलान हो गया है. पंजाब के मुक्तसर में एक रैली के दौरान समर्थकों ने पार्टी के नाम का ऐलान किया और कहा कि यह दल पंजाब और पंथ से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित होगा.
अमृतपाल सिंह के जेल से बाहर आने तक पार्टी की बागडोर तरसेम सिंह के हाथ में होगी. तरसेम सिंह ने बताया कि वह सिख संगत की मौजूदगी में पार्टी का नाम और एजेंडा तय करेंगे.
अमेरिका में रह रहे खालिस्तानी चरमपंथी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हाल में भारत के बाल्कनाइजेशन की धमकी दी. पहले विश्व युद्ध के तुरंत बाद ये टर्म आई, जिसका मतलब है कि किसी देश का छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट जाना. सोवियत संघ (अब रूस) से लेकर कई देशों के मामले में ये शब्द कहा जाता रहा.
अमृतपाल का चुनाव रद्द करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए जेल में बंद सांसद को नोटिस जारी किया है. अदालत ने ये नोटिस डिब्रूगढ़ जेल में सर्व करने का निर्देश दिया है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि अमृतपाल सिंह ने चुनाव के दौरान चुनावी प्रचार में किए गए खर्च की कोई जानकारी नहीं दी है.
सांसद मृतपाल सिंह द्वारा एनएसए को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार को पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. जहां पर हाईकोर्ट ने केंद्र और पंजाब सरकार को 28 अगस्त के लिए नोटिस जारी कर रिप्लाई मांगा है. साथ ही सभी दस्तावेज मांगे हैं जो कि नेशनल सिक्योरिटी एक्ट से संबंधित हैं.
पंजाब के कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी का अमृतपाल सिंह पर दिए बयान के बाद सियासी बवाल मचा हुआ है. चन्नी ने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने विवादास्पद खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया है. इस टिप्पणी के बाद विरोध के स्वर उठने लगे तो कांग्रेस ने इस बयान से किनारा कर लिया.
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की जेल से रिहाई की मांग की है. संसद में अपने भाषण के दौरान चरणजीत सिंह चन्नी ने अमृतपाल सिंह की रिहाई की मांग करते हुए कहा, 'पंजाब के 20 लाख लोगों ने उसे अपना नेता चुनकर संसद भेजा है. लेकिन उसे जेल में डाल दिया गया है.
सदन में अपने भाषण के दौरान चन्नी ने बजट को लेकर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि बजट वाले दिन मैं नए कपड़े पहनकर आया कि पंजाब को बहुत कुछ मिलेगा. हम सभी प्रेस वार्ता करेंगे कि क्या-क्या मिला. लेकिन यहां आकर खोदा पहाड़ तो चूहा भी नहीं निकला.
अमृतपाल के भाई हरप्रीत सिंह से 4 ग्राम आइस बरामद की गई है. हरप्रीत से बरामद ड्रग मेथैम्फेटामाइन बताई जा रही है. देर रात उसका मेडिकल भी कराया गया. आरोपियों ने व्यक्ति को पेटीएम के जरिए 10 हजार रुपए भेजे थे. मेडिकल रिपोर्ट में दोनों आरोपियों का टेस्ट पॉजीटिव पाया गया है.
पंजाब के जालंधर में देहात पुलिस द्वारा श्री खड़ूर साहिब से सांसद और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के भाई हरप्रीत सिंह को आइस (ड्रग्स) के साथ गिरफ्तार किया है. सूत्रों से पता चला है कि हरप्रीत सिंह से पुलिस ने करीब 5 ग्राम आइस बरामद की है.
पंजाब के जालंधर में देहात पुलिस द्वारा श्री खड़ूर साहिब से सांसद और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के भाई हरप्रीत सिंह को आइस (ड्रग्स) के साथ गिरफ्तार किया है. सूत्रों से पता चला है कि हरप्रीत सिंह से पुलिस ने करीब 5 ग्राम आइस बरामद की है.
अमृतपाल ने कहा, "जब मुझे मां द्वारा दिए गए बयान के बारे में पता चला तो मेरा मन बहुत दुखी हुआ. बेशक, मुझे यकीन है कि यह बयान मां ने अनजाने में दिया होगा, लेकिन फिर भी ऐसा बयान मेरे परिवार या मेरा समर्थन करने वाले किसी भी व्यक्ति की तरफ से नहीं आना चाहिए. "
अमृतपाल सिंह ने लोकसभा सांसद की शपथ लेने के बाद अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक बयान जारी किया है. उन्होंने अपनी मां के बयान से खुद को अलग करते हुए पोस्ट में कहा कि, आज जब मुझे मां द्वारा दिए गए बयान के बारे में पता चला तो मेरा मन बहुत दुखी हुआ.
दोनों को भारी सुरक्षा के बीच संसद लाया गया. औपचारिकताएं पूरी करने के बाद निर्वाचित सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में शपथ ली. 31 वर्षीय अमृतपाल सिंह और 56 वर्षीय राशिद ने हाल ही में जेल में रहते हुए क्रमश: पंजाब के खडूर साहिब और जम्मू-कश्मीर के बारामुल्ला से निर्दलीय के रूप में लोकसभा चुनाव जीता है.
अदालत ने जिन शर्तों पर दोनों को पैरोल दी है, उसके मुताबिक वे न तो किसी मुद्दे पर मीडिया से बात कर सकते हैं, न ही कोई बयान दे सकते हैं. उनके परिवार के सदस्य भी मीडिया में किसी भी प्रकार का बयान नहीं दे सकते. खालिस्तान समर्थक और 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह को दिल्ली में अपने परिवार से मिलने की अनुमति कोर्ट द्वारा दी गई है, इंजीनियर रशीद का परिवार केवल उनके शपथ ग्रहण में शामिल हो सकता है.
अमृतपाल सिंह को कुछ शर्तों के साथ 4 दिनों के लिए पैरोल दी गई है जिसकी शुरुआत 5 जुलाई से होगी. डीसी अमृतसर घनश्याम थियोरी ने बताया कि जेल अधीक्षक डिब्रूगढ़ को इस बारे में जानकारी दे दी गई है.
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के बतौर सांसद शपथ लेने के लिए 5 जुलाई की तारीख तय की गई है. एनएसए लगने के बाद ऐसा पहली बार होगा जब अमृतपाल असम की डिब्रूगढ़ जेल से बाहर आकर शपथ लेगा. बता दें कि अमृतपाल को सांसद पद की शपथ के लिए चार दिन की पैरोल मिली है. देखें पंजाब आजतक.
चुनाव जीतने के बाद पहली बार जेल से बाहर आएगा खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह, मिली पैरोल.