अनिल वसंतराव देशमुख (Anil Vasantrao Deshmukh) महाराष्ट्र से कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हैं. देखमुख महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में महाराष्ट्र के कटोल सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए.
उन्होंने 2019 और 2021 के बीच महाराष्ट्र सरकार में गृह मामलों के मंत्री के रूप में कार्य किया (Anil Deshmukh Ministry). अनिल देशमुख ने 2021 में महाराष्ट्र के गृह मंत्री के रूप में जबरन वसूली और लॉन्ड्रिंग के आरोपों के कारण इस्तीफा दे दिया (Anil Deshmukh Allegations of extortion and laundering charges) और वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं.
वह कटोल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. वह 9वीं, 10वीं, 11वीं, 12वीं और 14वीं महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य रहे हैं. उन्होंने महाराष्ट्र सरकार में पहले खाद्य और नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री, लोक निर्माण विभाग के मंत्री, स्कूल शिक्षा, सूचना और जनसंपर्क राज्य मंत्री, खेल और युवा मामलों के राज्य मंत्री और शिक्षा और संस्कृति राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया था (Anil Deshmukh Political Career).
देशमुख नागपुर जिले के कटोल के पास वड विहिरा गांव के रहने वाले हैं. उनका जन्म 9 मई 1050 को महाराष्ट्र के कटोल में हुआ था (Anil Deshmukh). उन्होंने कटोल हाई स्कूल से अपनी शिक्षा पूरी की. बाद में, उन्होंने कृषि महाविद्यालय, नागपुर में भाग लिया और डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ से कृषि में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की (Anil Deshmukh Education).
एनसीपी (SP) गुट के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृ-ह मंत्री अनिल देशमुख पर हमला हुआ था. इसके बाद एक और हमले की खबर आई है कि अमरावती के बीजेपी विधायक प्रताप अडसड की बहन अर्चना सोठे पर हमला हुआ है. इन हमलों के बाद महाराष्ट्र में सियासी पारा बढ़ गया है.
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी (शरद गुट) के नेता अनिल देशमुख पर चुनाव से एक दिन पहले नागपुर में हमला हुआ. इस हमले में देशमुख जख्मी हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस हमले को लेकर एनसीपी और शिवसेना ने बीजेपी पर सवाल उठाए. देशमुख के समर्थकों ने नागपुर के अस्पताल में हंगामा किया.
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख पर हमला हुआ है. उनकी गाड़ी पर पत्थरों से हमला किया गया. इस हमले में देशमुख घायल हुए और उनकी गाड़ी का शीशा टूट गया. अनिल देशमुख NCP नेता हैं और महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री हैं. पूरी खबर जानने के लिए देखें एक और एक ग्यारह.
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एन सीपी नेता अनिल देशमुख पर जानलेवा हमला हुआ. इस हमले में देशमुख घायल हुए और उनकी गाड़ी का शीशा टूट गया. इसके बाद उन्हें तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. देशमुख के समर्थकों ने इसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एन सीपी नेता अनिल देशमुख पर जानलेवा हमला हुआ. इस हमले में देशमुख घायल हुए और उनकी गाड़ी का शीशा टूट गया. इसके बाद उन्हें तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. देशमुख के समर्थकों ने इसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है. देखें मुंबई मेट्रो.
नागपुर के काटोल विधानसभा क्षेत्र के नरखेड से चुनावी सभा समाप्त करके अनिल देशमुख काटोल सिटी की तरफ आ रहे थे, तभी जलालखेड़ा रोड पर किसी ने उनकी गाड़ी पर पथराव किया. इस पथराव में अनिल देशमुख के सिर में चोट लग गई.
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एन सीपी नेता अनिल देशमुख पर जानलेवा हमला हुआ. इस हमले में देशमुख घायल हुए और उनकी गाड़ी का शीशा टूट गया. इसके बाद उन्हें तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. देशमुख के समर्थकों ने इसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है. देखें ये वीडियो.
शरद पवार गुट की एनसीपी ने काटोल सीट से अपना प्रत्याशी बदल दिया है. पहले यहां से महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ राकांपा नेता अनिल देशमुख चुनाव लड़ने वाले थे, लेकिन अब उनकी जगह पार्टी ने उनके बेटे सलिल देशमुख को उम्मीदवार बनाया है.
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव करीब हैं. इससे कुछ हफ्ते पहले ही पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी (शरद पवार) पार्टी के नेता अनिल देशमुख ने अपनी किताब 'डायरी ऑफ ए होम मिनिस्टर' जारी की है, जिसने महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. किताब में किए गए दावों में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जैसे नेताओं पर आरोप लगाया गया है कि देशमुख के जरिए कुछ अन्य शीर्ष नेताओं को फंसाने की साजिश की जा रही है.
ईडी ने इस आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि पीएमएलए के तहत अभियोजन अपराध की आय के विरुद्ध है और अन्य अभियोजन एजेंसी की तुलना में इसके उद्देश्य पूरी तरह से अलग हैं. ईडी ने तर्क दिया, "इसलिए, ईडी द्वारा एकत्र किए गए जांच और साक्ष्य की प्रकृति को देखते हुए, वाजे को क्षमा प्रदान करना आवश्यक नहीं है, जो उसे क्लीन चिट देने के बराबर है, जबकि वह किए गए अपराध के लिए समान रूप से उत्तरदायी है."
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने अपनी किताब में मुख्य रूप से चार आरोप लगाए हैं. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें प्रस्ताव दिया गया था कि यदि वह उनकी पेशकश स्वीकार करते हैं तो उनके खिलाफ ईडी और सीबीआई मामले की कार्यवाही रद्द कर दी जाएगी, उन्हें चार पॉइंट्स के साथ एक ब्राउन रंग का लिफाफा दिया गया था, जिसके संबंध में उन्हें हलफनामा दायर करने के लिए कहा गया था.
सीबीआई ने दो साल की प्रारंभिक जांच के बाद मामला दर्ज किया है. जांच की शुरुआत 2020 में विपक्ष में रहे देवेंद्र फडणवीस द्वारा तत्कालीन महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी गई एक पेन ड्राइव से हुई थी. आरोप है कि विशेष लोक अभियोजक चव्हाण ने जलगांव जिला मराठा विद्या प्रसारक सहकारी समाज के ट्रस्टी और वकील विजय पाटिल और तत्कालीन गृह मंत्री और एनसीपी (एसपी) नेता देशमुख के साथ मिलकर भाजपा नेता गिरीश महाजन को फंसाने की साजिश रची थी, जो अब मंत्री हैं.
मराठी भाषा में हाथ से लिखा गया पत्र दरअसल फडणवीस को संबोधित है. इसमें आरोप लगाया गया है कि जब देशमुख गृह विभाग का नेतृत्व कर रहे थे, तब विभाग का काम काफी प्रभावित हुआ था और बहुत सारे अवैध काम किए जा रहे थे. देशमुख ने कथित तौर पर वाजे से कहा था कि एक 'पाटिल' और 'बड़े पवार' इस तरह के काम करने के लिए कह रहे थे.
अनिल देशमुख ने मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह द्वारा उन पर बार और रेस्तरां से 100 करोड़ रुपये की वसूली करने का आरोप लगाने के बाद 2021 में गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. देशमुख ने फडणवीस को जस्टिस चांदीवाल आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की चुनौती दी थी और दावा किया था कि आयोग ने उन्हें क्लीन चिट दे दी है.
शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने सचिन वाजे पर तीखा हमला करते हुए कहा कि एक आतंकवादी के बयान पर भरोसा नहीं किया जा सकता है. संजय राउत ने कहा कि BJP को एक आतंकवादी का सहारा लेना पड़ रहा है, जो उनकी हार का संकेत है. आतंकवादी के बयान पर विश्वास ना करें.
निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे के बयान से महाराष्ट्र में राजनीति गरमा गई है. उन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वाजे ने कहा कि अनिल देशमुख ने अपने पीए के जरिए पैसे लिए. उन्होंने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर सारी जानकारी दी.
सचिन वझे के दावे पर महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि 5-6 दिन पहले मैंने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़णवीस पर आरोप लगाए थे कि 3 साल पहले उन्होंने तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे को जेल भेजने की कोशिश की थी. आदित्य ठाकरे को भी जेल भेजने की कोशिश की थी.
महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस पर आरोप लगाए तो डिप्टी सीएम ने सबूतों के साथ बात करने की सलाह दी. देशमुख ने कहा कि उनके पास सबूत मौजूद हैं. इस बीच देशमुख और फडणवीस की लड़ाई में उद्धव गुट, कांग्रेस और शिवसेना ने भी एंट्री मारी. देखें मुंबई मेट्रो.
अनिल देशमुख ने कहा,'तीन साल पहले देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, अनिल परब और अजित पवार के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर एफिडेविट करने के लिए कहा था. मैंने वो करने से इनकार कर दिया था. मेरे इनकार करने के चलते ही मेरे पीछे ED, CBI लगाकर मुझे 13 महीने जेल में रखा गया.'
दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 25 जुलाई तक बढ़ा दी गई है. केजरीवाल की न्यायिक हिरासत सीबीआई केस में बढ़ाई गई है. शुक्रवार को कोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मामले पर सुनवाई की. सुनवाई के दौरान अरविंद केजरीवाल कोर्ट में पेश हुए.
NCP नेता अनिल देशमुख ने दावा किया है कि सीबीआई-ईडी जैसी एजेंसियों के डर से NCP के कुछ नेता बीजेपी से हाथ मिलाना चाहते थे. ये प्रस्ताव शरद पवार के सामने भी आया था. लेकिन उन्होंने इसकी रजामंदी नहीं दी थी.