अर्जुन मुंडा (Arjun Munda) एक राजनीतिज्ञ हैं और भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं (Munda BJP Member). वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सरकार में जनजातीय मामलों के मंत्री हैं (Arjun Munda Ministry). वह झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं (Arjun Munda Former CM Jharkhand). इससे पहले, वह 2009 के संसदीय चुनावों में जमशेदपुर निर्वाचन क्षेत्र से 15वीं लोकसभा के लिए चुने गए थे (Munda MP From Jamshedpur), लेकिन 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्हें अपने मजबूत गढ़ खरसावां में हार का सामना करना पड़ा था.
अर्जुन मुंडा का जन्म 3 मई 1968 (Arjun Munda Age) को जमशेदपुर के खरंगझार में गणेश और सायरा मुंडा के एक धार्मिक परिवार में हुआ था (Arjun Munda Family). उन्होंने जमशेदपुर में हाई स्कूल की शिक्षा पूरी करने के बाद, रांची विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से सामाजिक विज्ञान में पीजी डिप्लोमा किया (Arjun Munda Education).
मुंडा 1980 के दशक की शुरुआत में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व वाले झारखंड आंदोलन में शामिल हुए जिससे उनका राजनीतिक प्रभाव बढ़ गया और वे 1995 में झामुमो के टिकट पर खरसावां निर्वाचन क्षेत्र से बिहार विधान सभा के लिए चुने गए (Arjun Munda MLA from Kharsawan constituency). एनडीए ने झारखंड के मुद्दे का जोरदार समर्थन किया लिहाजा मुंडा भाजपा में शामिल हो गए. वह 2000 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते. झारखंड के गठन के बाद, वह 2003 में सिर्फ 35 साल की उम्र में झारखंड के मुख्यमंत्री बने (Munda Jharkhand CM at the Age of 35). इसके बाद, 2005 में वह दूसरी बार राज्य की मुख्यमंत्री चुने गए. 2010 में मुंडा ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली.
अर्जुन मुंडा एक शौकीन गोल्फर होने के साथ राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तीरंदाजी को बढ़ावा देने में भी रुचि रखते हैं. वह बांसुरी बजाने के अलावा लगभग सभी आदिवासी संगीत वाद्ययंत्रों को बजाने का हुनर रखते हैं (Arjun Munda Hobbies). उनके 3 बेटे हैं. वह बहुभाषी है जो अंग्रेजी, हिंदी, बंगाली, ओडिया, और संथाली, मुंडारी, हो, उरांव जैसी कई आदिवासी भाषाएं और बोलियां बोलते हैं (Arjun Munda Languages).
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @MundaArjun है. उनके फेसबुक पेज का नाम Arjun Munda है. वे इंस्टाग्राम पर arjunmunda यूजरनेम से एक्टिव हैं.
झारखंड विधानसभा की 88 में से 43 सीटों के लिए पहले चरण में 13 नवंबर को मतदान होना है. इन सीटों पर प्रचार के अंतिम दिन सियासी दलों ने पूरी ताकत झोंक दी. फिल्म अभिनेता से राजनेता बने मिथुन चक्रवर्ती ने प्रचार के अंतिम दिन ताबड़तोड़़ रैलियां कर बीजेपी के लिए वोट मांगे.
वायनाड से प्रियंका गांधी वाड्रा की जीत पहले से ही पक्की मानी जा रही है, कांग्रेस तो यही मान कर चल रही है. मुद्दे की बात ये है कि प्रियंका गांधी के भी संसद पहुंच जाने के बाद क्या कांग्रेस को परिवारवाद की राजनीति के आरोप की परवाह नहीं है? या ऐसे आरोप अब अप्रासंगिक हो गये हैं?
चंपाई सोरेन और बीजेपी एक दूसरे के लिए बेशक मददगार साबित हो सकते हैं, लेकिन ये रिश्ता म्युचुअल फंड की तरह जोखिमभरा भी है, तब भी - जबकि, बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा दोनो को टर्म्स और कंडीशंस अच्छी तरह पढ़ा दिया गया होगा.
झारखंड में बीजेपी के सीनियर नेताओं समेत 12 हजार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. इनमें प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय मंत्री संजय सेठ और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा का नाम भी शामिल है.
चंपाई सोरेन का नई राजनीतिक पार्टी बनाने का फैसला काफी जोखिम भरा हो सकता है. आगे बढ़ने से पहले उनको कम से कम दो नेताओं बाबूलाल मरांडी और कैप्टन अमरिंदर सिंह का ट्रैक रिकॉर्ड जरूर देखना चाहिये - वैसे, विकल्प तो और भी हो सकते हैं.
चंपाई सोरेन के पास तीन विकल्प थे, और उनका कहना है, तीनों विकल्प अब भी खुले हैं. जैसे जेल से छूटते ही हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री बनने के फैसले ने चौंकाया था, चंपाई सोरेन की प्रतिक्रिया भी वैसी ही है - और झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले हेमंत सोरेन के लिए ये कोई अच्छी खबर नहीं है.
लोकसभा चुनाव में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी का JMM को कोई फायदा नहीं मिला, लेकिन अब चीजें बदल चुकी हैं. जमानत देते वक्त हाईकोर्ट ने जो टिप्पणी की है, हेमंत सोरेन विधानसभा चुनाव उसका बार बार जिक्र कर बीजेपी को कठघरे में खड़ा कर सकते हैं - और बीजेपी को अब सोरेन परिवार को घेर पाना मुश्किल होगा.
पश्चिम बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के सीनियर नेताओं में शामिल 5 बार के सांसद अधीर रंजन चौधरी को हार सामना करना पड़ा. इस सीट से टीएमसी कैंडिडेट यूसुफ पठान ने फतह हासिल की है, जबकि अधीर रंजन चौधरी 85022 वोटों से चुनाव हार गए.
AJSU सुप्रीमो सुदेश महतो का कहना है कि 14 में से 12 पर अभी बीजेपी का ही कब्जा है. लिहाजा मेहनत सिर्फ 2 सीटों पर करनी है. देश में 400 पार और झारखंड में 14 सीटों पर एनडीए का कब्जा होगा. देश ने अपना नेता 10 साल पहले ही चुन लिया था. इंडिया के पास तो कोई चेहरा ही नहीं है. उसके मैनिफेस्टो में भी तुष्टिकरण है. इसे देश की जनता बेहतर समझती है.
झारखंड हाई कोर्ट ने केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा पर 1 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. दरअसल बीते साल 11 अप्रैल को बीजेपी नेताओं ने सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया था. इसी मामले में अर्जुन मुंडा समेत 41 बीजेपी नेताओं के खिलाफ धुर्वा पुलिस थाने में नामजद रिपोर्ट लिखवाई गई थी.
अर्जुन मुंडा की याचिका में पुलिस स्टेशन के नाम में वर्तनी की गलती सहित अन्य त्रुटियां थीं. झारखंड उच्च न्यायालय ने याचिका में वर्तनी संबंधी गलतियों को सुधारने के लिए कहा था, लेकिन उनके वकील द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया गया. इसका संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने मंत्री पर 1.25 लाख का जुर्माना लगा दिया.
पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर किसान जमे हैं..दो दिनों के लिए किसानों ने दिल्ली कूच टाल दिया है...एक नौजवान किसान की मौत के बाद किसानों ने दो दिन के लिए दिल्ली कूच टाला है...उधर केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने किसानों से फिर कहा है कि बातचीत से ही संंकट का समाधान निकल सकता है.
21 जनवरी को किसानों के दिल्ली कूच की शुरुआत के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने बयान दिया है. उनका कहना है कि वो किसानों के साथ पांचवे दौर की बातचीत के लिए तैयार है. देखें वीडियो.
शंभू और खनौरी बॉर्डर पर स्पेशल अलर्ट है. पंजाब के DGP ने सभी रेंज के ADG, IGP और DIG को पत्र लिखकर कहा है कि वे किसी भी हालत में भारी वाहन जैसे, पोकलेन, जेसीबी, टिपर और हाइड्रा को पंजाब-हरियाणा की खनौरी और शंभू बॉर्डर की तरफ आगे न बढ़ने दें
केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच रविवार को चौथे राउंड की बैठक हुई. इस बैठक में सरकार ने किसानों के सामने एमएसपी के लिए 5 साल का नया प्रस्ताव रखा है. सरकार ने अगले पांच साल तक दाल, मक्का और कपास की एमएसपी पर खरीद का प्रस्ताव रखा था.
न्यूनतम समर्थन मूल्य समेत 12 मांगों पर सरकार और किसानों के बीच कल चौथे दौर की बात भी बेनतीजा रही. लेकिन कल की बातचीत में खास बात ये रही कि सरकार की तरफ से किसानों को एक प्रस्ताव दिया गया सरकार ने कहा कि तूर, उड़द, मसूर, मक्का पर सरकारी खरीद एजेंसियां किसानों के साथ पांच साल के लिए एमएसपी का समझौता करने को तैयार हैं. देखें पूरी रिपोर्ट.
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि, हमने तीसरे दौर की बातचीत की और हमारी बातचीत जारी है, बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, हमें सभी मुद्दों के फायदे और नुकसान को देखने की जरूरत है और हमें उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए ताकि हमें भविष्य में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े. हमने रविवार को फिर से मिलने का फैसला किया है.
केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच गुरुवार शाम को तीसरे दौर की बातचीत भी फेल हो गई है. पुलिस की तरफ से दिल्ली के सभी बॉर्डर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं. ताजा अपडेट के अनुसार सामने आया है कि किसानों का आंदोलन जारी रहेगा.
कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि शांति व्यवस्था कायम रखते हुए बातचीत करने से ही मुद्दों का समाधान निकलेगा. कोई और दूसरा तरीका नहीं है. उन्होंने कहा कि हम सब एक ही परिवार के सदस्य हैं, कोई अलग नहीं है. किसान हमारे भाई-बंधु हैं.
शुक्रवार को सरकार और किसान नेताओं के बीच तीसरी बैठक हुई, लेकिन इससे भी कोई हल अबतक नहीं निकला है. आजतक ने कृषि मंत्री से जाना कि शुक्रवार को हुई बैठक में क्या हुआ और अब आगे सरकार का क्या प्लान है. देखें.
गुरुवार को सरकार के 3 मंत्री औऱ किसान नेताओं के बीच बैठक हुई. देर रात तक चली इस बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला. लेकिन बैठक के बाद कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा की हमारी चर्चा काफी सकारात्मक थी. देखें कृषि मंत्री का ये बयान.