महंत बालकनाथ योगी (Mahant Balaknath Yogi) एक राजनीतिज्ञ और राजस्थान में तिजारा निर्वाचन क्षेत्र से वर्तमान विधायक हैं. वह बीजेपी (BJP) के सदसय हैं. वह बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय (बीएमयू) के चांसलर हैं. वह हिंदू धर्म के नाथ संप्रदाय के 8वें महंत भी हैं. 29 जुलाई 2016 को, महंत चांदनाथ ने एक समारोह में बालकनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया, जिसमें योगी आदित्यनाथ और बाबा रामदेव शामिल हुए.
बालकनाथ की राजनीतिक पारी को उनके गुरु और अलवर से पूर्व सांसद महंत चांदनाथ ने आकार दिया. अपने गुरु के नक्शेकदम पर चलते हुए, बालकनाथजी उनके उत्तराधिकारी के रूप में हरियाणा में बाबा मस्तनाथ मठ के प्रमुख बने.
उन्हें राजस्थान के अलवर से लोकसभा के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया था और उन्होंने 2019 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भंवर जितेंद्र सिंह को 3 लाख वोटों के अंतर से हराकर चुनाव जीता.
मुंबई में बीजेपी के 'बटेंगे तो कटेंगे' वाले पोस्टर्स को बीएमसी ने हटा दिया है. इस पोस्टर को लेकर अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निशाना बनाया है. उन्होंने कहा कि ये नारा जानबूझकर योगी से बुलवाया गया है क्योंकि उनकी छवि ही ऐसी है.
बहराइच सें सांप्रदायिक तनाव इतना बढ़ गया कि आज इंटरनेट बंद करना पड़ा. लखनऊ से गृह सचिव और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर को दौड़कर बहराइच पहुंचना पड़ा, क्योंकि यहां पुलिस ना तो हिंसा रोक पाई, ना ही सीएम योगी के कड़े निर्देश के बावजूद आज दोपहर तक बहराइच का पुलिस प्रशासन हालात संभाल पाया.
उत्तर प्रदेश के बहराइच में योगी सरकार का बुलडोजर अवैध मकानों और दुकानों पर चला है. जिला प्रशासन की टीम पुलिस की तैनाती के बीच एक पूरी बस्ती पर बुलडोजर चलाई है. प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने 23 दुकान-घर पर कार्रवाई की है. यह एक्शन हाईकोर्ट के आदेश के बाद किया जा रहा है. देखें वीडियो.
बीते दिनों एक मुस्लिम युवती ने वीडियो शेयर कर सीएम योगी से गुहार लगाई थी कि वो हिंदू युवक से शादी करना चाहती है, जबकि उसके परिजन तैयार नहीं हैं. वे दबाव डाल रहे हैं. वीडियो शेयर करने वाली इस लड़की ने आज कलेक्ट्रेट में हिंदू लड़के से शादी कर ली.
कांग्रेस विधायक श्रवण कुमार की बाबाओं पर विवादित टिप्पणी के बाद राजस्थान विधानसभा सदन में हंगामा हो गया. कांग्रेस नेता की टिप्पणी का विरोध करते हुए बीजेपी विधायक बाबा बालकनाथ ने कहा कि कांग्रेस का ये बयान सनातन को लेकर उनकी मानसिकता को दिखाता है. कांग्रेस सनातन और हिंदू विरोधी है. विधायक श्रवण ने संत परंपरा को अपमानित किया.
सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि या भोले बाबा... जो बाबा जनता को को समस्या दूर करने के लिए कहता है कि उसके पैरों की धूल बटोरिए और वो खुद 121 लोगों की मौत के बाद वकील करने लगता है. आज उस बाबागीरी के खिलाफ दस्तक दीजिए, जिसके आश्रम के बाहर लगे हैंडपंप का पानी पीकर बीमारियां दूर करने का दावा होता है. लेकिन इतने बड़े हादसे के बाद वह बाबा खुद फरार है. ऐसे दस्तक देता सवाल यह कि क्या ये 'बाबा' जाल सरकारों की वजह से फैलता है?
लखनऊ में चल रहे साहित्य आजतक में बाबा बालकनाथ ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की. उन्होंने बताया कि कैसे जयपुर से अयोध्या तक भगवा ध्वज बांटी जा रही हैं और देश राम के रंग में रंग चुका है. देखें वीडियो.
लखनऊ में चल रहे साहित्य आजतक में बाबा बालकनाथ ने शिरकत की. उन्होंने विपक्ष के राम मंदिर को अधूरा बताने की बात का भी जवाब दिया. उनका कहना है कि हमें सभी को मंदिर जाना सिखाना है. देखें वीडियो.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दो दिनों के लिए साहित्य आजतक का मंच सजा हुआ है. इस कार्यक्रम में शिरकत करने राजस्थान के तिजारा से बीजेपी विधायक बाबा बालकनाथ भी पहुंचे. इस दौरान राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर विपक्षी दलों के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की.
साहित्य आजतक के मंच पर पहले दिन बाबा बालकनाथ ने शिरकत की. उन्होंने राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से लेकर रामराज्य तक पर बात की. उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी को भी उनके सवालों और दावों पर जवाब दिया और कहा उन्हें ज्यादा नहीं बोलना चाहिए. राम मंदिर निर्माण से लेकर मौजूदा राजनीति तक... देखें क्या बोले बाबा बालकनाथ.
बालकनाथ एग्जिट पोल नतीजों में बीजेपी की ओर से सीएम के लिए सबसे लोकप्रिय चेहरे के रूप में सामने आए थे. सीएम की रेस में सबसे आगे रहे बालकनाथ राजस्थान की भजन कैबिनेट में जगह भी बना सके हैं तो क्यों? कौन से फैक्टर बालकनाथ के मंत्री बनने की राह में बाधा बन गए?
बाबा बालकनाथ को कभी राजस्थान सीएम पद की रेस में बताया जा रहा था. लेकिन वो भजनलाल कैबिनेट में भी जगह नहीं बना पाए. ऐसे में महंत बालकनाथ को मंत्री नहीं बनाए जाने को लेकर कई फैक्टर्स की बात हो रही है जिसमें एक फैक्टर ये है कि महंत बालकनाथ यादव जाति से आते हैं.
मध्य प्रदेश में कैबिनेट का विस्तार हो गया है. कई दिग्गजों को कैबिनेट में शामिल किया गया है लेकिन दूसरी ओर अब नजरें राजस्थान पर भी हैं. राजस्थान में कौन कौन कैबिनेट में शामिल होगा? हालांकि सीएम पद को लेकर जो रस्साकस्सी चल रही थी, उसमें बीजेपी ने एक बड़ा उलटफेर किया. देखें वीडियो.
राजस्थान में जल्द ही पहला कैबिनेट विस्तार हो सकता है... सूत्रों के हवाले से खबर है कि राजस्थान में मंत्रिमंडल का पहला विस्तार सोमवार या मंगलवार को होने की उम्मीद है...इसके साथ ही पहले कैबिनेट विस्तार में करीब 15 विधायकों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया जा सकता है...कैबिनेट मंत्री के लिए संभावित चेहरों की बात करें तो इसमें बाबा बालकनाथ, शैलेश सिंह, नौक्षम चौधरी, संदीप शर्मा, जवाहर सिंह बेदाम और महंत प्रताप पुरी जैसे नाम शामिल हैं...
राजस्थान के मनोनीत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को नई जिम्मेदारी मिलने के बाद तमाम पार्टी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं. इस पर भाजपा नेता बाबा बालकनाथ ने कहा, "...हम बहुत सौभाग्यशाली है कि हमें पार्टी ने सेवा करने का मौका दिया. देखें बालकनाथ का पूरा बयान.
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सीएम पर मुहर लगाने के बाद अब बीजेपी के सामने मिशन राजस्थान है. एमपी की तरह यहां की डगर थोडी कठिन है-वसुंधरा राजे अड़ी हैं. राजनाथ सिंह समेत तीनों पर्य़वेक्षक आज दोपहर बाद जयपुर पहंचेगे और विधायकों से बैठक के बैठक के बाद सीएम पर ऐलान होगा. वसुंधरा से मिलने के लिए विधायकों का पहुंचना जारी है. एमपी- छत्तीसगढ़ में सियासी आंकलन को चौंकाने के बाद अब राजस्थान में कौन होगा सीएम? यही सवाल दिल्ली से जयपुर तक गूंज रहा है.
राजस्थान के भावी सीएम को लेकर अटकलें जारी हैं. अब तो बीजेपी विधायकों ने भी कहना शुरू कर दिया कि राजस्थान के सीएम के रूप में कोई चौंकाने वाला चेहरा सामने आ सकता. आज शाम चार बजे जयपुर में बीजेपी विधायक दल की बैठक है. जयपुर के बीजेपी दफ्तर में बीजेपी विधायकों का पहुंचना शुरू हो गया है. हमारे तमाम संवाददाता इस वक्त जयपुुर में मौजूद हैं. देखें नॉनस्टॉप 100.
Rajasthan CM Announcement: छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में बीजेपी ने मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर जिम्मेदारी घोषित कर दी है. अब अगली बारी राजस्थान की है. राजस्थान के लिए बीजेपी के पर्यवेक्षक राजनाथ सिंह, सरोज पांडे और विनोद तावड़े जयपुर पहुंच चुके हैं. कुछ समय में विधायक की दल की मीटिंग में सीएम की घोषणा की जाएगी.
क्या मध्य प्रदेश की तरह चौंकाएगा राजस्थान? जब से मोहन यादव को मध्य प्रदेश का सीएम चुना गचा है. राजस्थान के भावी सीएम को लेकर यही अटकलें जारी हैं. अब तो बीजेपी विधायकों ने भी कहना शुरू कर दिया कि राजस्थान के सीएम के रूप में कोई चौंकाने वाला चेहरा सामने आ सकता.आज शाम चार बजे जयपुर में बीजेपी विधायक दल की बैठक है. जयपुर के बीजेपी दफ्तर में बीजेपी विधायकों का पहुंचना शुरू हो गया है. हमारे तमाम संवाददाता इस वक्त जयपुुर में मौजूद हैं. देखें ये एपिसोड.
जिन तीन राज्यों के नतीजे 3 दिसम्बर को आए थे उनमें से आज राजस्थान की बारी है. राजस्थान में भी सीएम के कई दावेदार हैं, लेकिन बीजेपी यहां भी चौंका सकती है. इस खबर पर आपको विस्तार से बताएंगे कि क्या हो सकता है. कौन दावेदार है जिस तरीके के प्रयोग बीजेपी ने एमपी और छत्तीसगढ़ में किए उससे लग रहा है कि इस बार राजस्थान में भी बीजेपी नए प्रयोग के मूड में है. लेकिन आज शाम चार बजे के बाद कभी भी इस सवाल का जवाब मिल जाएगा कि राजस्थान का सीएम कौन होगा?
क्या मध्य प्रदेश की तरह राजस्थान में भी कोई छुपा रुस्तम सामने आएगा और उन सारे दिग्गजों को पछाड़कर बन जाएगा राजस्थान का सीएम, जिस तरह मोहन यादव उन सारे नामों पर भारी पड़े, जो नाम दावेदारों के रूप में मीडिया में चल रहे थे. 3 नवंबर को राजस्थान का चुनावी नतीजा आया था. 8 दिन बीत चुके हैं और नवां दिन है.. नौ दिन में छह नाम चर्चा में हैं. वसुंधरा राजे. महंत बालकनाथ, दीया कुमारी के अलावा तीन केंद्रीय मंत्री - गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल और अश्विनी वैष्णव का नाम चर्चा में है.