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बालाकोट हवाई हमला

बालाकोट हवाई हमला

बालाकोट हवाई हमला

बालाकोट हवाई हमला

बालाकोट हमले या हवाई हमले (Balakot Airstrike) को 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायु सेना (IAF) के सातवें और नौवें स्क्वाड्रन टीम द्वारा अंजाम दिया गया था. इसे 'ऑपरेशन बंदर' नाम दिया गया (Balakot Operation Bandar).

स्पाइस 2000 (Spice 2000) और क्रिस्टल मेज मिसाइलों (Crystal Maze missile) से लैस कुल 16 विमान, नियंत्रण रेखा (LoC) को पार कर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में उड़ाए गए और बालाकोट आतंकी शिविरों को ध्वस्त कर दिया जबकि चार मिसाइल बैक-अप के तौर पर भारतीय क्षेत्र में ही रहे (Balakot Terror Camp).

26 फरवरी को सुबह करीब साढ़े तीन बजे लड़ाकू विमानों ने ग्वालियर वायुसेना अड्डे से उड़ान भरी और पीओके में प्रवेश किया. जेट विमानों ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत (Khyber Pakhtunkhwa Pakistan) के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आतंकी शिविरों को ध्वस्त कर दिया. विमान के पीओके में प्रवेश करने और वापस भारत में उतरने से तक का पूरा ऑपरेशन करीब 21 मिनट तक चला. 

बाद में उसी दिन, भारत सरकार ने हवाई हमले की पुष्टि की और इसे एक आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर के खिलाफ निर्देशित एक पूर्णव्यापी हमले के रूप में बताया. वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद, यह पाकिस्तान में भारत द्वारा किया गया पहला हवाई हमला था (Indian Govt on Balakot Strike).

बालाकोट का यह हवाई हमला, उन 40 सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों को श्रद्धांजलि थी, जिन्होंने 19 फरवरी, 2019 को पुलवामा आतंकी हमले में अपनी जान गंवा दी, जो भारत में हुए सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक था (Balakot Airstrike Tribute to CRPF).
 

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