बराक मिसाइल
बराक मिसाइल (Barak Missile) एक सतह से हवा में मार करने वाली इजरायली मिसाइल (Surface-to-Air Missile) है जिसे एंटी-ऐयर मिसाइलों और यूएवी के खिलाफ शिप-बॉर्न प्वाइंट-डिफेंस मिसाइल प्रणाली के रूप में इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया है.
बराक एसएएम प्रणाली को फालानक्स सीआईडब्ल्यूएस जैसे बंदूक-आधारित सीआईडब्ल्यूएस प्लेटफॉर्म को और बेहतर और प्रभावी बनाने करने के लिए डिजाइन किया गया है. मिसाइलों को एक आठ सेल कंटेनर में रखा जाता है, जिसमें कम रखरखाव की आवश्यकता होती है और सीधे ऊपर लॉन्च की जाती हैं (The Barak SAM system).
इस मिसाइल का परीक्षण 24 मार्च 2017 को भारतीय नौसेना द्वारा INS विक्रमादित्य से अरब सागर में ऑपरेशन रेडीनेस इंस्पेक्शन के दौरान किया गया था. 23 दिसंबर 2013 को, रक्षा मंत्री एके एंटनी (Defense Minister AK Antony) की अध्यक्षता में भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने ₹880 करोड़ के लागत से 262 बराक-आई मिसाइलों के दूसरे ऑर्डर को मंजूरी दी (Second Order of 262 Barak-I missiles).
अभी तक यह मिसाइल भारत, चिली, इजराइल और सिंगापुर के पास है (Current operators Countries).
Elon Musk ने X प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो शेयर किया है, जो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है. मस्क ने इसको कैप्शन AI फैशन शो दिया है. इसमें PM मोदी समेत विश्व नेता दिखाई दिए हैं. आइए एक-एक करके इनका लुक देखें.
भारत के पहले स्वदेसी विमानवाहक युद्धपोत INS Vikrant की ताकत और बढ़ गई है. अब इस पर मध्यम रेंज की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (Medium Range Surface to Air Missile - MR-SAM) सिस्टम तैनात कर दी गई है. यह मिसाइल 2448 km/hr की स्पीड से दुश्मन की तरफ हमला करती है.
भारतीय नौसेना ने हाल ही समुद्री परीक्षण में उतरे INS Mormugao से मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल बराक-8 का परीक्षण किया गया. टारगेट समुद्र की सतह से बहुत ऊपर नहीं था. लेकिन मिसाइल ने सफलतापूर्वक समुद्री सतह के नजदीक से आ रहे टारगेट को ध्वस्त कर दिया. जानिए मिसाइल और युद्धपोत की ताकत...
इंडियन नेवी ने INS विशाखापट्टनम युद्धपोत से MRSAM मिसाइल दागकर एंटी-शिप मिसाइल को मार गिराया. इससे पता चलता है कि भारत की इस मिसाइल के पास दुश्मन की मिसाइल को मार गिराने की भी क्षमता है. इस मिसाइल के आर्मी वर्जन का पिछले साल सफल परीक्षण किया गया था.
भारतीय नौसेना (Indian Navy) को दूसरा स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर INS Mormugao मिल गया है. यह विशाखापट्टनम क्लास का विध्वंसक है. इसमें ऐसे हथियार लगे हैं कि दुश्मन जमीन, जल और आसमान कहीं से हमला नहीं कर सकता. लेकिन ये चाहे तो चारों दिशाओं से हमला कर सकता है. दुश्मन इसकी मार बर्दाश्त नहीं कर पाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट करियर IAC Vikrant को भारतीय नौसेना को सौंपेंगे. इस विमानवाहक पोत के आने से देश की समुद्री सीमाएं सुरक्षित हो जाएंगी. लेकिन जानना ये जरूरी है यह सीमाओं की सुरक्षा किन हथियारों से करेगा.
DRDO ने ओडिशा के चांदीपुर के पास ऐसी मिसाइल की सफल टेस्टिंग की है, जिसकी गति और मारक क्षमता शानदार है. ये दुश्मन की रडार में पकड़ नहीं आता. दुश्मन के टारगेट को हवा में ही ध्वस्त कर सकता है. इसे भारतीय नौसेना (Indian Navy) के युद्धपोत से दागा गया है.
Anti-Submarine Missile: भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने कम ऊंचाई पर उड़ रहे टारगेट को अपनी मिसाइल से मार गिराया. यह मिसाइल एक गाइडेड मिसाइल एंटी-सबमरीन स्टेल्थ फ्रिगेट से लॉन्च की गई थी. मिसाइल ने आसमान से आ रहे दुश्मन के टारगेट को हवा में ही नष्ट कर दिया. आइए समझते हैं इस परीक्षण के बारे में...
Akash Missile Test: पाकिस्तान की सीमा के पास भारतीय सेना और DRDO ने भारत के खतरनाक और सटीक मारक क्षमता वाली आकाश मिसाइल (Akash Missile) का सफल परीक्षण किया है. यह मिसाइल जमीन से हवा में मार करने वाली सबसे घातक भारतीय मिसाइलों में से एक है. आइए जानते हैं इसकी खासियत...
भारतीय सेना ने 24 घंटे में दूसरी बार एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल HELINA का सफल फ्लाइट टेस्ट किया. इस बार ये परीक्षण हिमालयी इलाकों में किया गया दिखता है. इससे पहले पोकरण में टेस्ट हुआ था. यह दुश्मन के तोपों के लिए मौत है.
भारतीय सेना और DRDO ने पिनाका मिसाइल (Pinaka Missile) के नए वर्जन का सफल परीक्षण किया. मिसाइल ने पूरी सटीकता और गति के साथ टारगेट को नेस्तनाबूद कर दिया. 1 सेकेंड में 1.61 किलोमीटर की गति से उड़ती है यह मिसाइल.