भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) एक भारतीय राजनेता हैं. वह 5 सितंबर 2019 से महाराष्ट्र के 22वें राज्यपाल हैं (Bhagat Singh Koshyari, Governor of Maharashtra). वह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तराखंड के लिए पार्टी के पहले राज्य अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है. उन्होंने 2001 से 2002 तक उत्तराखंड के दूसरे मुख्यमंत्री के पद पर थे. उसके बाद, वे 2002 से 2003 तक उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता थे (Bhagat Singh Koshyari, Member of BJP).
जब उत्तराखंड अविभाजित उत्तर प्रदेश का हिस्सा था, तब उन्होंने उत्तर प्रदेश विधान परिषद में एमएलसी के रूप में भी कार्यरत थे. बाद में उन्होंने उत्तराखंड से 2008 से 2014 तक राज्यसभा में सांसद और फिर नैनीताल-उधमसिंह नगर निर्वाचन क्षेत्र से 16वीं लोकसभा में सांसद के रूप में कार्य किया. वह राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों और राष्ट्रीय संसद के दोनों सदनों में निर्वाचित होने का गौरव प्राप्त हुआ है (Bhagat Singh Koshyari Politicl Career).
भगत सिंह कोश्यारी का जन्म 17 जून 1942 को ब्रिटिश राज के भारत के वर्तामान उत्तराखंड में हुआ था (Bhagat Singh Koshyari Age). उनके पिता गोपाल सिंह कोश्यारी और मां मोतीमा देवी थीं (Bhagat Singh Koshyari Parents). उन्होंने अल्मोड़ा कॉलेज, अल्मोड़ा से अंग्रेजी में मास्टर डिग्री हासिल की है. वह अल्मोड़ा कॉलेज के छात्र संघ के महासचिव भी थे. साथ ही, उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद का भी प्रतिनिधित्व किया है (Bhagat Singh Koshyari Education).
एक शिक्षक और पत्रकार के रूप में उनका सफल करियर रहा है. उन्होंने कुछ वर्षों के लिए राजा इंटर कॉलेज, एटा जिला, उत्तर प्रदेश में लेक्चरर के रूपद पर थे. कोश्यारी 1975 से पिथौरागढ़, उत्तराखंड से प्रकाशित एक साप्ताहिक पर्वत पीयूष के संस्थापक और प्रबंध संपादक हैं (Bhagat Singh Koshyari Journalist). उन्होंने दो पुस्तकें, उत्तरांचल प्रदेश क्यूं? और उत्तरांचल संघर्ष एवं समाधान भी प्रकाशित की हैं (Bhagat Singh Koshyari Books).
इंडिया टुडे 'स्टेट ऑफ द स्टेट: उत्तराखंड फर्स्ट' कार्यक्रम में महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शिरकत की. उन्होंने उत्तराखंड की विकास यात्रा से लेकर महाराष्ट्र में राजभवन के कार्यकाल तक के बारे में खुलकर बात की. कोश्यारी ने महाराष्ट्र के राज्यपाल बनने का किस्सा सुनाया. साथ ही मजाकिया अंदाज में 2019 में अजित पवार के महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम की शपथ लेने के वाक्ये पर भी चर्चा की.
इंडिया टुडे 'स्टेट ऑफ द स्टेट:उत्तराखंड फर्स्ट'कार्यक्रम में भगत सिंह कोशेयारी ने शिरकत की. इस खास मौके पर उन्होंने कई सारे मुद्दों पर बात की. साथ ही साथ उन्होंने आजतक के मंच पर अपने सीएम और राज्यपाल होने का भी अनुभव साझा किया. देखें.
इंडिया टुडे के स्टेट ऑफ स्टेट्स कॉन्क्लेव का आयोजन आज उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में किया जा रहा है. 'उत्तराखंड फर्स्ट' के नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में आज दिन भर राजनीति तथा अन्य क्षेत्रों से जुड़े तमाम दिग्गज शिरकत करेंगे.
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने महाराषाट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर तीखा हमला किया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि कोश्यारी महाराष्ट्र के सबसे बड़े गुनहगार हैं. उन्होंने साथ में महाराष्ट्र सरकार को भी भी बीएमसी चुनाव को लेकर चुनौती दी.
लोकतंत्र की एक दुखद तस्वीर! ये टिप्पणी आज सुप्रीम कोर्ट से आई है, क्यों आई है? पहले कुछ सवाल सुनिए क्या एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ना बन पाते? आज सुप्रीम कोर्ट से कई अहम टिप्पणियां आई हैं. जिन्हें सुनकर ये सवाल उठते हैं कि क्या महाराष्ट्र में सत्ता के अलट पलट वाले संकट के बीच राज्यपाल ने अपनी शक्तियों का सही से उपयोग नहीं किया?
महाराष्ट्र में भगत सिंह कोश्यारी के राज्यपाल पद से इस्तीफा देने के बाद भी राजनीति खत्म नहीं हो रही है. अब डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कोश्यारी को MLC नामांकन के दौरान MVA नेताओं ने धमकी भरे लहजे में पत्र भेजा था.
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कुछ दिन पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कोश्यारी लंबे वक्त से पद से इस्तीफा देने की इच्छा जता रहे थे. आजतक ने कोश्यारी से खास बात की और तमाम मुद्दों पर सवल पूछे, जिनके उन्होंने खुलकर जवाब दिए, देखें.
अलसुबह देवेंद्र फडणवीस का मुख्यमंत्री शपथ ले लेना जब सबसे ज्यादा चर्चा में आया तो तत्कालीन राज्यपाल कोश्यारी की भूमिका पर भी सवाल उठे, इस पर कोश्यारी ने कहा कि राजनीति तो ऐसी चीज़ है, जहां पल भर में काम हो जाता है, रात की बात ही छोड़िये, भूकंप भी सेकेंडों में आ जाता है.
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कुछ दिन पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार किया. कोश्यारी लंबे वक्त से पद से इस्तीफा देने की इच्छा जता रहे थे. इस्तीफे के बाद कोश्यारी ने आजतक से खास बातचीत की, देखें उन्होंने क्या बोला.
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र में राजनीति शुरू हो गई है. एक ओर जहां कांग्रेस, एनसीपी और उद्धव ठाकरे गुट ने कोश्यारी पर निशाना साधा है. साथ ही उनके कार्यकाल की आलोचना की है. जबकि बीजेपी ने कोश्यारी की तारीफ की है.
भगत सिंह कोश्यारी बतौर महाराष्ट्र गवर्नर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे. उन्होंने कई बार ऐसे बयान दिए, जिसको लेकर विवाद छिड़ गया और माफी तक मांगनी पड़ी. इसके साथ ही वह लगातार विपक्ष और खासकर महाविकास अघाड़ी के निशाने पर रहे. उन पर बीजेपी के इशारे पर काम करने के भी आरोप लगे.
भारत की राष्ट्रपति ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. राष्ट्रपति ने झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस को महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया है. इसके अलावा गुलाब चंद कटारिया को असम, पूर्व केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ला को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है.
बयानों पर बवाल, MVA से सियासी पंगा... भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से क्यों दिया इस्तीफा?
भगत सिंह कोश्यारी के इस्तीफे पर शिवसेना (UBT) सांसद संजय सिंह ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने जनता की आवाज सुनी होती तो उनका पहले ही तबादला कर दिया जाता. एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि महाराष्ट्र की ऐतिहासिक शख्सियतों का अनादर करने वाले राज्यपाल का इस्तीफा आखिरकार मंजूर हुआ.
केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने 13 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में राज्यपाल नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की है. इसके तहत छह राज्यपालों की नियुक्ति के साथ साथ सात राज्यों के राज्यपाल का तबादला किया गया है.
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का इस्तीफा, राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है. झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस महाराष्ट्र के नए राज्यपाल होंगे. गुलाब सिंह कटारिया अब असम के राज्यपाल होंगे. शिव प्रताप शुक्ला हिमाचल के नए राज्यपाल बनाए गए हैं. हिमाचल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को बिहार भेजा गया है. फागु चौहान को बिहार से मेघालय भेजा गया है.
कुछ दिन पहले ही महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने पद से हटने की इच्छा जताई थी. इसके बाद से ही महाराष्ट्र का नया राज्यपाल कौन होगा इस पर अटकलें शुरू हो गईं. इसमें ताजा नाम जुड़ा है पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह का, जो बीते साल बीजेपी में शामिल हुए हैं.
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के इस्तीफे वाली इच्छा ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है. कांग्रेस नेता हरीश रावत ने उस इच्छा पर ही सवाल उठा दिए हैं. उनकी तरफ से एक बड़े राजनीतिक संयोग की ओर इशारा किया जा रहा है.
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अपने पद से इस्तीफा देने की इच्छा जताई है. उनकी तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने ये इच्छा जाहिर कर दी गई है. उन्होंने कहा है कि वे अब हर तरह की राजनीतिक जिम्मेदारी से मुक्ति चाहते हैं. वे अपनी आगे वाली जिंदगी सिर्फ पढ़ने, लिखने में निकालना चाहते हैं.
महाराष्ट्र राजभवन में आयोजित जैन समुदाय के एक कार्यक्रम में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एक बयान दिया जो कि चर्चाओं में आ गया है. उन्होंने कहा कि राज्यपाल होने में कोई खुशी नहीं है और इस पद पर होने पर बहुत दुख है.
महाराष्ट्र में भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद उदयनराजे भोसले मंगलवार को विपक्षी पार्टियों के एक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बने. इस दौरान उन्होंने मांग की कि भाजपा महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी के खिलाफ कार्रवाई करे. उन्होंने कहा कि पार्टी ठीक वैसा ही एक्शन ले जैसा कि उसने नूपुर शर्मा के मामले में लिया था.