भर्तृहरि महताब (Bhartruhari Mahtab) ओडिशा के एक राजनीतिज्ञ हैं. उन्हें भारत के संविधान के अनुच्छेद 95(1) के तहत भारत के राष्ट्रपति द्वारा 20 जून 2014 को 18वीं लोकसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में नियुक्त किया गया (Pro-tem speaker, Loksabha). यह कार्यालय 18वीं लोकसभा की बैठक के पहले दिन यानी 24 जून 2024 से प्रभावी होगा. वे 1998 से 2024 तक लोकसभा के सदस्य रहे हैं. 2024 के चुनाव से पहले, वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. उन्हें विनोद तावड़े, धर्मेंद्र प्रधान और बैजयंत पांडा ने पार्टी में शामिल किया था.
8 सितंबर 1957 को जन्मे महताब स्वर्गीय हरेकृष्ण महताब के बेटे हैं. हरेकृष्ण महताब दो बार ओडिशा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं.
भर्तृहरि महताब बीजू जनता दल (बीजेडी) राजनीतिक दल के सदस्य थे. वे 1998 में ओडिशा के कटक निर्वाचन क्षेत्र से 12वीं लोकसभा के लिए चुने गए थे. कटक निर्वाचन क्षेत्र से ही वह 1999, 2004, 2009, 2014 और 2019 में लोकसभा के लिए फिर से चुने गए. उन्हें उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार 2017 मिल चुका है. साथ ही उन्हें 'वाद-विवाद' में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए संसद रत्न पुरस्कार 2017, 2018, 2019 और 2020 मिला है.
मौसम ने एक तरफ राहत दी है तो दूसरी तरफ सड़कों से लेकर घरों तक में पानी भर गया है. दिल्ली में भारी बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया है. सड़कें जलमग्न हैं. घरों में भी पानी भरा है. वीवीआईपी इलाके भी जलजमाव से जूझ रहे हैं. दिल्ली की जल मंत्री से लेकर सांसदों तक के घरों में पानी भर गया है. कई इलाकों में बिजली भी गायब होने की शिकायतें आई हैं.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 95(1) के तहत कटक से भाजपा सदस्य भर्तृहरि महताब को अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया है. वे लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव तक लोकसभा के पीठासीन अधिकारी के कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश के बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मुझे बहुत खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस पार्टी इस तरह की बातें करती है. सबसे पहले तो उन्होंने प्रोटेम स्पीकर को लेकर मुद्दा बनाया. प्रोटेम स्पीकर का यह पद बहुत ही अस्थायी होता है, वे नए स्पीकर के चुनाव तक अपनी भूमिका निभाते हैं.
बीजेपी सांसद भर्तृहरि महताब 18वीं लोकसभा में प्रोटेम स्पीकर होंगे. भर्तृहरि महताब ही नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाएंगे. बता दें कि महताब ओडिशा के कटक से 57077 वोटों से चुनाव जीते थे. उन्होंने बीजेडी के संतरूप मिश्रा को हराया था.