बोरिस जॉनसन, राजनेता
अलेक्जेंडर बोरिस डी पफेफेल जॉनसन (Alexander Boris de Pfeffel Johnson) एक ब्रिटिश राजनेता और लेखक हैं जो 2019 से बतौर कंजर्वेटिव पार्टी के नेता, यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री हैं (Boris Johnson Prime Minister of United Kingdom). 2016 से 2018 तक, वह विदेश और राष्ट्रमंडल राज्य सचिव थे. 2008 से 2016 तक वह लंदन के मेयर रहे (Mayor of London).
बोरिस जॉनसन का जन्म 19 जून 1964 को मैनहट्टन, न्यूयॉर्क में 23 वर्षीय स्टेनली जॉनसन और 22 -वर्षीय चार्लोट फॉसेट के घर हुआ था (Boris Johnson Born. जॉनसन के माता-पिता ने 1963 में अमेरिका जाने से पहले शादी कर ली थी (Boris Johnson Parents). सितंबर 1964 में, वे इंग्लैंड लौट आए. बचपन में जॉनसन बहरेपन से पीड़ित थे, जिसके लिए उनके कई ऑपरेशन किए गए. जॉनसन की स्कूली पढ़ाई विंसफोर्ड विलेज स्कूल, प्रिमरोज़ हिल प्राइमरी स्कूल यूरोपीय स्कूल, ब्रुसेल्स में हुई. दिसंबर 1978 में उनके माता-पिता का रिश्ता टूट गया और 1980 में उनका तलाक हो गया. जॉनसन ने आगे की शिक्षा ईटन कॉलेज और ऑक्सफोर्ड के बैलिओल कॉलेज में हासिल की (Boris Johnson Education. उन्हें 1986 में ऑक्सफोर्ड यूनियन का अध्यक्ष चुना गया था. 2007 में, जॉनसन ने कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय जाने से पहले गांजा और कोकीन का सेवन किया था.
वे 2001 में संसद सदस्य चुने गए. 2008 में, वह लंदन के मेयर चुने गए और हाउस ऑफ कॉमन्स से इस्तीफा दे दिया. 2016 में तत्कालीन प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने उन्हें विदेश सचिव नियुक्त किया. मई 2019 में इस्तीफा देने के बाद, जॉनसन को कंजर्वेटिव नेता चुने गए और प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए (Boris Johnson Political Career).
1987 में, जॉनसन ने एलेग्रा मोस्टिन-ओवेन से शादी की (Boris Johnson First Wife) लेकिन 1993 में उनका तलाक हो गया. 12 दिन बाद जॉनसन ने एक बैरिस्टर मरीना व्हीलर से शादी कर ली (Boris Johnson Second Wife). पांच सप्ताह बाद, व्हीलर और जॉनसन के पहले बच्चे का जन्म हुआ. इस शादी से उनके चार बच्चे हैं: लारा लेटिस, मिलो आर्थर, कैसिया पीचिस और थिओडोर अपोलो. 29 मई 2021 को, जॉनसन ने कैरी साइमंड्स से वेस्टमिंस्टर कैथेड्रल में एक गुप्त समारोह में अपनी तीसरी शादी की (Boris Johnson Third Wife. साल 1822 के बाद, वह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहते हुए शादी करने वाले पहले प्रधान मंत्री बने (Boris Johnson Relations).
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का संस्मरण इस महीने के अंत में पब्लिश होने के लिए तैयार है. उनकी यह किताब एक 'संस्मरण' है. प्रकाशित होने से पहले इसके कुछ अंश मीडिया में आए हैं, जिसमें जॉनसन ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से जुड़ा एक चौंकाने वाला खुलासा किया है.
मुंबई रवाना होने से पहले बनर्जी ने कहा था कि मुकेश अंबानी और नीता अंबानी ने उनसे शादी में शामिल होने के लिए बार-बार रिक्वेस्ट किया गया था. उन्होंने कहा था कि वह शायद शादी में शामिल नहीं होतीं, लेकिन उन्होंने कहा कि चूंकि अंबानी फैमिली ने उनसे शादी में शामिल होने के लिए बहुत अनुरोध किया था, इसलिए अब वह शादी समारोह में जाने के लिए तैयार हो गईं.
ब्रिटेन के आम चुनाव से पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन अब तक दूर थे लेकिन वह अचानक मंगलवार को लंदन में एक रैली में पहुंचे. जॉनसन ने बताया कि ऋषि सुनक ने उसने कैंपेन की अपील की थी. हालांकि, कंजर्वेटिव पार्टी में सुनक के ही शुरू किए विद्रोह की वजह से सत्ता से बाहर किए गए थे.
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. जॉनसन का इस्तीफा उस वक्त आया है, जब उन्हें सांसद के नेतृत्व वाली विशेषाधिकार समिति से महत्वपूर्ण मामले पर एक गोपनीय पत्र मिला.
ब्रिटेन में इन दिनों नई बहस छिड़ी हुई है. कुछ साइंटिस्ट कह रहे हैं कि पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन की परदादी की मौत यौन बीमारी सिफलिस से हुई. चूंकि मौत के काफी पहले से उनकी पूर्वज विधवा थीं, तो ये खुलासा हंगामा मचाए हुए है. वैसे उस समय की कई शख्सियतें सिफलिस की गिरफ्त में रहीं. यहां तक कि हिटलर के बारे में भी यही कहा जाता है.
लंदन स्थित एलारा कंपनी कैपिटल मार्केट बिजनेस के तौर पर काम करती है. ये भारतीय कॉरपोरेट्स के लिए फंड जुटाती है और एफपीओ के लिए जानी जाती थी. जॉनसन ने जोर देकर कहा कि उन्हें कंपनी की "अच्छी स्थिति" का आश्वासन दिया गया है और "डोमेन विशेषज्ञता" की कमी के कारण उन्होंने पद छोड़ दिया है.
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन गुरुवार सुबह जयपुर के आमेर महल पहुंचे. यहां आमेर महल अधीक्षक पंकज धरेंद्र ने जॉनसन का राजस्थानी परंपराओं के तहत स्वागत-सत्कार किया. इसके बाद उन्होंने पैदल ही आमेर महल का भ्रमण किया. उन्होंने महल की स्थापत्य कला, बेजोड़ किले और महल को देखकर तारीफों के पुल बांधे.
बोरिस जॉनसन ने प्रधानमंत्री की रेस से अपना नाम वापस लेकर ऋषि सुनक का दोवेदारी को काफी मजबूत कर दिया है. लेकिन क्या वाकई अब सुनक के लिए ये लड़ाई इतनी आसान हो गई है, जितनी नजर आ रही है? ऋषि के पास इस समय करीब 150 कंजर्वेटिव सांसदों का समर्थन है, लेकिन 132 सांसद ऐसे भी हैं, जिन्होंने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने खुद को पीएम पद की रेस से अलग कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रविवार को उन्होंने खुद ऐलान करते हुए ब्रिटेन के अगले पीएम बनने से इनकार कर दिया है. वहीं इसके साथ ही भारतीय मूल के ऋषि सुनक इस पद के लिए जीत के और भी करीब पहुंच गए हैं.
ब्रिटेन में प्रधानमंत्री पद की दौड़ में भारतीय मूल के ऋषि सुनक का नाम सबसे आगे चल रहा है. उन्होंने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा भी कर दी है. संसद के करीब 128 टोरी सदस्यों का समर्थन उन्हें मिला हुआ है. वे बोले कि मैं देश की अर्थव्यवस्था को ठीक करना चाहता हूं, अपनी पार्टी को एकजुट करना चाहता हूं.
ब्रिटेन में पीएम पद की रेस में शामिल माने जा रहे दो प्रमुख दावेदार ऋषि सुनक और बोरिस जॉनसन के बीच शनिवार को आमने-सामने बैठकर बातचीत हुई है, जिसके बाद सियासत गरमा गई है. मीडिया रिपोटर्स ने इसे सीक्रेट मीटिंग बताया है. भारतीय मूल के पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक कंजरवेटिव पार्टी के नेतृत्व की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं.
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद फिर से नए मुखिया को लेकर तलाश शुरू हो गई है. कंजर्वेटिव पार्टी लगातार नामों पर चर्चा कर रही हैं. जिन नामों को सबसे ज्यादा समर्थन मिल रहा है उनमें भारतवंशी ऋषि सुनक, पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन और पेनी मोर्डेंट शामिल हैं. इन सदस्यों में प्रीति पटेल भी शामिल हैं, जिन्होंने इस बार भी ऋषि सुनक का समर्थन करने के बजाए जॉनसन का साथ देने की बात कही है.
ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, ये सवाल एक बार फिर वहां के राजनीतिक गलियारों में गूंजने लगा है. लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद से फिर अस्थिरता का दौर शुरू हो चुका है. पीएम रेस में अभी ऋषि सुनक और बोरिस जॉनसन आगे चल रहे हैं. दोनों की अपनी ताकत और खामिया हैं.
लिज ट्रस के नाम सबसे कम दिन ब्रिटेन की पीएम रहने का रिकॉर्ड बन गया. इससे पहले ब्रिटेन के पूर्व पीएम जॉर्ज कैनिंग 1827 में 119 दिनों तक सत्ता में रहे थे. उनका निधन हो गया था. ब्रिटेन में सबसे अधिक समय तक पीएम रहने वाले नेता सर रॉबर्ट वालपोल हैं. वे 20 वर्ष 314 दिन तक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे.
लिज ट्रस ने ब्रिटेन के पीएम के पद से इस्तीफा दे दिया है. बोरिस जॉनसन के प्रधानमंत्री का पद छोड़ने के बाद लिज ट्रस ने यह कुर्सी संभाली थी. उन्होंने टोरी लीडरशिप के चुनाव में अपने प्रतिद्वद्वी ऋषि सुनक को 20,927 वोटों से हराया था. ट्रस के पीएम पद छोड़ने के बाद एक बार फिर ऋषि सुनक की दावेदारी की चर्चा शुरू हो गई है.
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने भले ही अपनी विवादित आर्थिक नीतियों को लेकर देश से माफी मांग ली हो लेकिन उनकी कंजर्वेटिव पार्टी के ही ज्यादातर सदस्य अब यह चाहते हैं कि लिज ट्रस इस्तीफा दे दें. अब पीएम पद के लिए बोरिस जॉनसन के अलावा भारतवंशी ऋषि सुनक, जेरेमी हंट और पेनी मोर्डेंट भी प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं.
मार्केट रिसर्च कंपनी इप्सोस के सर्वे में शामिल 49 फीसदी लोगों ने कहा है कि बोरिस जॉनसन ने प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे खराब काम किया है. यह सर्वे ऐसे समय में सामने आया है, जब प्रधानमंत्री के तौर पर बोरिस का कार्यकाल अगले हफ्ते समाप्त होने जा रहा है. वहीं, विंस्टन चर्चिल को सबसे बेहतरीन प्रधानमंत्री बताया गया है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के इस्तीफा देने के बाद कंजरवेटिव पार्टी का नेता चुने जाने और नए प्रधानमंत्री की रेस में ऋषि सुनक अभी सबसे आगे हैं. अंतिम चरण में उनका मुकाबला विदेश मंत्री लिज़ ट्रस के साथ है. ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री की दौड़ में ऋषि सुनक और लिज ट्रस के बीच सोमवार को लाइव डिबेट होगी.
भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद ऋषि सुनक को शुरुआत से ही प्रधानमंत्री पद का प्रबल दावेदार बताया जा रहा है. वह इस प्रक्रिया में अब तक हर राउंड की वोटिंग में शीर्ष पर रहे हैं. लेकिन एक नए सर्वे के मुताबिक लिज ट्रस से उनका जीत पाना मुश्किल लग रहा है.
ब्रिटेन में जारी प्रधानमंत्री रेस में भारतीय मूल के ऋषि सुनक ने एक अहम पड़ाव पार कर लिया है. वे पीएम रेस के फाइनल में पहुंच चुके हैं. उनका मुकाबला लिज़ ट्रस से होने वाला है. आखिरी राउंड में ऋषि के खाते में 137 वोट पड़े हैं.
तीसरे राउंड में ऋषि सुनक 115 वोट हासिल कर वे पहले पायदान पर हैं. वहीं उनकी प्रतिद्वंद्वी पेनी मोर्डेंट 82 वोट के साथ दूसरे नंबर पर और लिज ट्रस 71 वोट के साथ तीसरे नंबर पर बनी हुई हैं. वहीं, 58 वोट के साथ केमी बैडेनोच चौथे नंबर पर हैं.