ब्रिक्स सम्मेलन 2023, पंद्रहवां वार्षिक सम्मेलन है. इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पांच सदस्य देश हैं- ब्राजील (Brazil), रूस (Russia), भारत (India), चीन (China) और दक्षिण अफ्रीका (South Africa), जिसमें राष्ट्राध्यक्षों या सरकार के प्रमुख भाग लेते हैं. दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा (Cyril Ramaphosa, President, South Africa ) ने भी 67 देशों के नेताओं को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया है, जिसमें 53 अन्य अफ्रीकी देश, बांग्लादेश, बोलीविया, इंडोनेशिया और ईरान शामिल हैं. ब्रिक्स समिट 22 से 24 अगस्त तक चलेगी (BRICS Summit 2023).
कई देशों ने ब्रिक्स समूह में शामिल होने में रुचि व्यक्त की है. जिसको देखते हुए साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा कि हम ब्रिक्स के सदस्यों की संख्या बढ़ाने का समर्थन करते हैं (BRICS expansion).
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) इस समिट में आने से पहले ही मना कर चुके हैं. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) इसमें शामिल होंगे.
दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग (Johannesburg) में 22 अगस्त से ब्रिक्स समिट शुरू हो रही है. 2019 के बाद ये पहली बार है जब यह सम्मेलन ऑफलाइन होगी. इस समिट में ब्रिक्स के सदस्यों की संख्या बढ़ाने के साथ ही, अपनी करंसी में कारोबार करने पर चर्चा होगी.
एलॉन मस्क की अगुवाई में DOGE ने 16 फरवरी को 15 तरह के प्रोग्राम्स की फंडिंग रोक दी. इनमें भारत को दी जाने वाली 182 करोड़ रुपए की फंडिंग भी शामिल है. ट्रंप ने 19 फरवरी को इसकी जानकारी सार्वजनिक करते हुए कहा था कि हम भारत को 21 मिलियन डॉलर यानी तकरीबन 182 करोड़ रुपये क्यों दे रहे हैं?
डोनाल्ड ट्रंप बोले ब्रिक्स ग्रुप पूरी तरह टूट चुका है. ट्रंप ने कहा कि जब से मैंने ब्रिक्स देशों पर 150 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है उसके बाद से ये पांच देशों का ग्रुप टूट चुका है.
भारत एक तरफ चीन और रूस के साथ ब्रिक्स का सदस्य है तो दूसरी तरफ अमेरिका के साथ क्वाड का सदस्य भी है. ये दोनों ही गुट एक-दूसरे के विरोधी है लेकिन भारत इन दोनों का ही सदस्य है. भारत ने बड़ी ही चतुराई से दोनों गुटों के बीच संतुलन बना रखा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ब्रिक्स देश यह समझ लें कि वे अमेरिकी डॉलर को रिप्लेस नहीं कर सकते. अगर ऐसा होता है कि ब्रिक्स देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ब्रिक्स देश यह समझ लें कि वे अमेरिकी डॉलर को रिप्लेस नहीं कर सकते. अगर ऐसा होता है कि ब्रिक्स देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा.
कुछ समय पहले ही ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर ब्रिक्स देश डॉलर को पछाड़ने के लिए अपनी करेंसी को बढ़ावा देंगे तो वो इसके सदस्य देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे. ट्रंप की इस धमकी के बीच खबर है कि सऊदी अरब ब्रिक्स का सदस्य नहीं बनेगा.
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का समापन गुरुवार को हो गया. इस सम्मेलन में वित्तीय सुधारों से जुड़ी कई चर्चाएं हुईं. सोशल मीडिया पर एक करेंसी की तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें ताजमहल की फोटो छपी हुई दिख रही है.
रूस के कजान में आयोजित हुए दो दिवसीय BRICS समिट 2024 का समापन हो गया है. बैठक में सदस्य देशों के बीच कई मुद्दों पर बात हुई. रूस में ही हुई इस बैठक में रूस-यूक्रेन जंग पर बात तो रूस ने यूरोप को भी साफ संदेश दिया है. देखें दुनिया से जुड़ी बड़ी खबरें.
भारत लौटने पर पीएम मोदी ने ब्रिक्स के दौरे को बेहद सफल बताते हुए रूस के राष्ट्रपति पुतिन, उनकी सरकार और रूस के लोगों का आभार जताया. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स समिट सभी सदस्य देशों के लिए सकारात्मकता लेकर आया है, जो जंग के इस माहौल में बहुत जरूरी है.
रूस के कजान शहर में BRICS की 16वीं समिट हो रही है. पिछले साल तक BRICS में पांच देश हुआ करते थे, लेकिन अब इसमें 10 देश हैं. देखा जाए तो BRICS देशों की आर्थिक ताकत सबसे बड़ी है. तेल का सबसे ज्यादा भंडार भी इन्हीं देशों के पास है.
साल 2020 में गलवान झड़प के बाद दोनों नेताओं के बीच ये पहली द्विपक्षीय बैठक हुई. इसमें दोनों नेताओं ने सीमा पर शांति और एक दूसरे के साथ मिलकर काम करने को कहा. द्वीपक्षीय वार्ता के पहले शी जिनपिंग पीएम मोदी के साथ चहलकदमी करते दिखे. उनके साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी थे. लेकिन सवाल ये है कि 5 साल पहले कोरोना महामारी के बीच पूर्वी लद्दाख में चुपके से अपनी सेना लाने वाले जिनपिंग नरम क्यों पड़े?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बुधवार को द्विपक्षीय बातचीत हुई. 2020 में गलवान झड़प के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली बाइलेटरल मीटिंग थी. करीब एक घंटे चली मीटिंग में दोनों देशों के नेताओं ने सीमा सुरक्षा से लेकर तमाम मुद्दों पर बातचीत की. मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत और चीन के बीच संबंध महत्वपूर्ण है.
रूस में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत ने अपने कूटनीतिक कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रूस-चीन के साथ संबंधों को संतुलित किया और वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत बनाई. ऊर्जा क्षेत्र में सफलता, पश्चिम के साथ बढ़ते संबंध, मध्य पूर्व में प्रभाव, और ब्रिक्स में प्रभावशील कम्युनिकेशन से यह संभव हो सका है.
BRICS Summit 2024 Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बातचीत की. दोनों नेताओं के बीच करीब 5 साल बाद यह औपचारिक वार्ता हुई, जो कि करीब 1 घंटे तक चली. 2020 में गलवान घाटी संघर्ष के बाद दोनों देशों में मतभेद गहरा गए थे. ये बैठक ऐसे समय पर हुई जब लद्दाख में LAC पर भारत और चीन के बीच पिछले चार सालों से चल रहा विवाद सुलझ गया है.
यह वह समय था, जब अमेरिका और तमाम यूरोपीय देश रूस पर एक के बाद एक प्रतिबंध लगाते जा रहे थे. पुतिन समझ गए थे कि अमेरिका को टक्कर देने के लिए रूस को भारत और चीन का सपोर्ट हासिल करना होगा. लेकिन रूस की चुनौती थी गलवान की घटना के बाद से भारत और चीन के बीच के कोल्ड वॉर को खत्म कराना.
इस साल ब्रिक्स का शिखर सम्मलेन 22-24 अक्टूबर के बीच रूस में होने वाला है. सम्मेलन में सभी देशों के राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा लेने, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस एमबीएस को छोड़कर. बदले में सऊदी अरब अपने विदेश मंत्री को रूस भेज रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग रूस में हुई BRICS समिट के दौरान द्विपक्षीय वार्ता की. इस मुलाकात में व्यापार से लेकर सीमा तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. पीएम मोदी ने कहा कि शांति और स्थिरता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता रहनी चाहिए.
चीन में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि रूस ने भारत-चीन संबंध सुधारने में अहम भूमिका निभाई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स समिट के लिए रूस में हैं और उनकी चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग से मुलाकात होने वाली है. इससे पहले दोनों देशों में सीमा पर पेट्रोलिंग पॉइंट को लेकर अहम समझौता हुआ है, जिससे आगे तनाव कम होने की उम्मीद है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स समिट में भाग लेते हुए वैश्विक चुनौतियों के सामने भारत का रोडमैप पेश किया. मोदी ने ब्रिक्स समिट के नए स्वरूप, डिजिटल हेल्थ, क्लाइमेट चेंज, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और फाइनेंशियल इंटिग्रेशन पर विचार व्यक्त किए. उन्होंने विश्व को भारत की उपलब्धियों और योजनाओं के बारे में जागरूक किया और वैश्विक समुदाय से सहयोग की अपील की.
चीन का कहना था कि डेपसांग और डेमचोक अतीत की समस्याएं हैं. इस पर अभी विवाद नहीं करना चाहिए. लेकिन भारत सरकार अपने स्टैंड पर अडिग रही और कहा कि आर्थिक और व्यापारिक रिश्ते सुधारने हैं तो डेपसांग और डेमचोक में भी अप्रैल 2020 के पहले की स्थिति को लागू करना होगा.
प्रियंका गांधी ने बुधवार को वायनाड लोकसभा सीट से नामांकन भर दिया है. नामांकन से पहले वायनाड की सड़कों पर भव्य रोड शो निकाला गया. जिसमें कई कांग्रेसी नेताओं की वायनाड में मौजूदगी रही. वहीं, पीएम मोदी कजान में एक्सपो सेंटर पहुंचे. ऐसी ही अन्य अहम और ताजा खबरों के लिए देखें एक और एक ग्यारह.