ब्रिटानिया
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Britannia Industries Limited) एक भारतीय खाद्य उद्योग कंपनी है (Britannia, Indian Food Industry). यह नुस्ली वाडिया की अध्यक्षता वाले वाडिया समूह का हिस्सा है (Head of Britannia, Nusli Wadia). इस कंपनी की स्थापना 1892 में की गई थी (Foundation of Britannia Industries). इसका मुख्यालय कोलकाता में है (Headquarter of Britannia). यह भारत की सबसे पुरानी मौजूदा कंपनियों में से एक है. यह कंपनी अपने बिस्किट उत्पादों के लिए जानी जाती है (Britannia Biscuits).
कंपनी ब्रिटानिया और टाइगर ब्रांड (Tiger Brand) के बिस्कुट, ब्रेड, रस्क, केक और डेयरी उत्पाद पूरे भारत और विदेशों में बेची जाती है (Products of Britannia). 1990 के दशक की शुरुआत में वाडिया समूह ने इसके अधिग्रहण की परिस्थितियों से शुरुआत करते हुए, कंपनी अपने प्रबंधन से जुड़े कई विवादों में घिर गई थी. हालांकि, इसका अभी भी एक बड़ा बाजार हिस्सा है जो लाभ में हैं.
1998 और 2001 के बीच, कंपनी की बिक्री बाजार के मुकाबले 16% की वार्षिक दर से बढ़ी है और परिचालन लाभ 18% तक पहुंच गया है (Compound Annual Rate of Britannia). हाल ही में, कंपनी उद्योग की 20% की वृद्धि दर की तुलना में 27% प्रति वर्ष की दर से बढ़ रही है. वर्तमान में, ब्रिटानिया के 22 अरब रुपये के वार्षिक राजस्व का 90% बिस्कुट से आता है (Annual Revenue of Britannia).
ब्रिटानिया द ब्रांड ट्रस्ट रिपोर्ट में सूचीबद्ध भारत के 100 सबसे विश्वसनीय ब्रांडों में से एक है. ब्रिटानिया की अनुमानित बाजार हिस्सेदारी 38% है (Market Share of Britannia).
Parle-G Profit Twofold In FY24: आजादी से पहले शुरू हुए और सेकेंड वर्ल्ड वार के दौरान सबसे पॉपुलर रहे पारले-जी बिस्कुट की डिमांड अभी भी बरकरार है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि FY24 में इसका मुनाफा बढ़कर डबल हो गया है.
Happy Independence Day 2024 : आजादी से पहले शुरू हुई कंपनियों की लिस्ट में टाटा ग्रुप (Tata Group) का नाम सबसे ऊपर आता है. देश को नमक से लेकर लग्जरी कार तक बनाकर देने वाला समूह 1868 से अब तक इकोनॉमी को सपोर्ट कर रहा है.
Wadia Group History: अंग्रेजों के लिए पानी के जहाज बनाने से शुरू हुआ वाडिया ग्रुप का बिजनेस 1863 में ट्रेडिंग के कारोबार के साथ बढ़ा और फिर देश को आजादी मिलने के बाद ये तमाम सेक्टर्स तक फैल गया.
Britannia Industries की शुरुआत कोलकाता से ही हुई थी और आज इसका कारोबार दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में फैला हुआ है. भारत में ब्रिटानिया की 13 फैक्ट्री हैं. कंपनी का सालाना रेवेन्यू 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा है.
Journey Of Britannia Biscuit : आजादी से पहले शुरू हुई ब्रिटानिया बिस्कुट कंपनी का नाम 1979 में बदलकर Britannia Industries Ltd किया गया था. आज इसके तमाम प्रोडक्ट्स हैं, लेकिन फिर भी 80% रेवेन्यू बिस्कुट से ही आता है.
भारत का पहला आम चुनाव साल 1951-52 में हुआ था और 489 सीटें लोकसभा सीटों पर वोटिंग 25 अक्टूबर 1951 को शुरू होकर 21 फरवरी 1952 तक चली थी. टाटा ग्रुप से लेकर गोदरेज ग्रुप तक उस समय एक बड़ा नाम बन चुके थे.
भारतीय कंपनी ने शानदार इंटर्नशिप का ऑफर पेश किया है, जिसके तहत 1 दिन के लिए 3 लाख रुपये दिए जाएंगे और काम सिर्फ एक शब्द का सही उच्चारण सिखाना है.
Oldest Indian Company: भारत में बिजनेस ग्रुप भी आजादी के पहले शुरू हुए थे, लेकिन इनमें से कोई भी भारत का सबसे पुराना कारोबारी ग्रुप नहीं है. देश की सबसे पुरानी की स्थापना साल 1736 में की गई थी यानी आज से करीब 300 साल पहले.
अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिले हुए 75 साल बीत चुके हैं. इस अवधि में देश की अर्थव्यस्था फर्श से अर्श तक का सफर तय किया है. इंडियन कॉरपोरेट हिस्ट्री पर गौर करें तो देश में आजादी से पहले की करीब 70 कंपनियों ने अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया. जानते हैं अब ये कंपनियां किस हालत में हैं.
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज (Britannia Industries ) का कारोबार आज दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में फैला हुआ है. भारत में ब्रिटानिया की 13 फैक्ट्री हैं. कंपनी का सालाना रेवेन्यू 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा है.
रजनीत कोहली ने एशियन पेंट्स में 6 साल, कोका-कोला में 14 साल और जुबिलेंट फूडवर्क्स में 3 साल से अधिक समय तक काम किया है. कोहली की नियुक्ति के साथ कंपनी के बोर्ड ने बेरी को तत्काल प्रभाव से कंपनी का कार्यकारी उपाध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर भी नियुक्त किया है.
Indian Companies Started Before Independence: देश में आजादी से पहले की करीब 70 कंपनियों ने Economy को आगे बढ़ाने में अपना योगदान किया. इनमें से कई आज भी न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में भारत का दबदबा कायम रखे हुए हैं. इनमें कई उद्योगपति ऐसे हैं, जिन्होंने आजदी से पहले कंपनियां स्थापित करके देश को आर्थिक मजबूती दी.