आज यानी 23 जुलाई 2024 की सुबह 11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का आम बजट (Budget 2024) पेश किया. 22 जुलाई 2024 को प्रधानमंत्री के भाषण के बाद संसद का बजट सत्र शुरू हुआ था. इससे पहले केंद्र में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व में बनी सकरार ने बनी है और Modi 3.0 का ये पहला बजट था. इस बार बजट में कई बड़े ऐलान हुए. पूर्णकालिक वित्त मंत्री के रूप में Nirmala Sitharaman का ये लगातार सातवां बजट था.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अंतरिम बजट पेश किया था (Budget 2024). वित्त वर्ष 2023-24 के लिए केंद्रीय बजट पेश करते हुए अपने बजट भाषण में उन्होंने सकल घरेलू उत्पाद के 5.9 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य की घोषणा की थी, जो वित्त वर्ष 2022-23 में 6.4 प्रतिशत से काफी कम था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने कार्यकाल का छठा बजट पेश किया है. ये अंतरिम बजट है, लेकिन आम आदमी को इस मिनी बजट में भी सरकार की ओर से कई बड़े ऐलान होने की उम्मीद थी. इस बजट में महिलाओं, युवाओं और किसानों से जुड़ी वेलफेयर स्कीम के लिए फंड जारी किया गया है.
पीएम मोदी ने कहा, हम एक बड़ा लक्ष्य तय करते हैं और उसे प्राप्त करते हैं. गरीबों के लिए हमने गांव और शहरों में 4 करोड़ से ज्यादा घर बनाए. अब हमने 2 करोड़ और घर बनाने का लक्ष्य रखा है. 2 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा था. अब तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य रखा है. आयुष्मान योजना में आशा वर्कर्स और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लाभान्वित किया जाएगा. सोलर प्रक्रिया अपनाने से मुफ्त बिजली मिल सकेगी.
अंतरिम बजट में इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है. फिलहाल आयकर दाताओं को राहत नहीं दी गई है. 7 लाख तक की आय पर टैक्स नहीं लिया जाता है. इनकम टैक्स भरने की प्रक्रिया आसान की गई है. रिफंड भी जल्द जारी किया जाता है.
स्टार्टअप के लिए टैक्स छूट एक साल के लिए बढ़ा दी गई है. लखपति दीदी योजना को विस्तारित किया जाएगा. राज्यों को ब्याज मुक्त कर्ज योजना जारी रहेगी.
3 नए रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे. इंफ्रास्ट्रक्चर पर 11 फीसदी ज्यादा खर्च किया जाएगा. रक्षा खर्च 11.1% बढ़ाया गया है. यह GDP का 3.4% होगा. राजकोषीय घाटा 5.1% रहने का अनुमान है. 44.90 करोड़ रुपए का खर्च है और 30 लाख करोड़ का रेवेन्यू आने का अनुमान है.
आशा बहनों को भी आयुष्मान योजना का लाभ दिया जाएगा. तिलहन के अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा. हर महीने 300 यूनिट बिजली फ्री दी जाएगी. 2014-23 के दौरान 596 अरब डॉलर विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) आया. ब्लू इकोनॉमी 2.0 के तहत नई योजना शुरू की जाएगी. इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा. 50 साल के लिए 1 लाख करोड़ के ब्याज मुक्त लोन दिया जाएगा.
लक्षद्वीप के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देंगे. साथ ही, 40 हजार सामान्य रेल कोच वंदे भारत जैसे कोच में बदलेंगे.
सर्वाइकल कैंसर के वैक्सीनेशन पर ध्यान दिया जाएगा. मातृ और शिशु देखरेख की योजनाओं को बढ़ावा मिलेगा. 9-14 साल की लड़कियों के टीकाकरण पर ध्यान दिया जाएगा.
जीएसटी से वन मार्केट, वन टैक्स किया गया है. भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर के जरिए एक परिवर्तनकारी पहल की गई है. डिफेंस के लिए 6.2 लाख करोड़ का बजट रखा गया है. 78 लाख स्ट्रीट वेंडर को मदद दी गई है.
4 करोड़ किसानों को पीएम फसल बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा था. पीएम किसान योजना से 11.8 करोड़ लोगों को आर्थिक मदद मिली है. मनरेगा के लिए 60 हजार करोड़ से 86 हजार करोड़ का बजट किया गया है. स्किल इंडिया मिशन में 1.4 करोड़ युवाओं को ट्रेंड किया गया है. 3000 नए आईटीआई बनाए गए हैं. 25 करोड़ लोगों की गरीबी दूर की गई है. पीएम मुद्रा योजना के तहत 22.5 लाख करोड़ मूल्य के 43 करोड़ लोन मंजूर किए गए हैं. महिला उद्यमियों को 30 करोड़ मुद्रा योजना ऋण दिए गए. 11.8 करोड़ किसानों को वित्तीय सहायता दी गई. गरीब कल्याण योजना में ₹ 34 लाख करोड़ खातों में भेजे गए हैं.
तीन नए रेल कॉरिडोर शुरू होंगे
यह दिलचस्प ऐतिहासिक तथ्य 2 फरवरी 1946 का है, जब लियाकत अली खान ने भारत के तत्कालीन लेजिस्लेटिव असेंबली भवन (संसद भवन) में बजट पेश किया था. उन्होंने यह बजट अंतरिम सरकार के वित्त मंत्री के रूप में पेश किया था, जो पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में बनी थी.
अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में राजकोषीय घाटा 5.6% पर है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इसे 4.94% पर लाने का लक्ष्य है. सरकार का लक्ष्य 2026-2027 तक राजकोषीय घाटे को 4.5% से कम करना है.
अभी नई टैक्स व्यवस्था में स्टैंडर्ड डिडक्शन 75 हजार रुपये है, जिसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जा सकता है. वहीं पुरानी टैक्स व्यवस्था में स्टैंडर्ड डिडक्शन 50 हजार रुपये हैं. इसे भी बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जा सकता है.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 जनवरी 2025 को सुबह 11 बजे लोकसभा में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी. केंद्रीय बजट 2025-26 1 फरवरी, 2025 को लोकसभा में पेश किया जाएगा.'
सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट में एक बार फिर बदलाव कर सकती है. पिछली बार न्यू टैक्स व्यवस्था के तहत इसमें इजाफा किया गया था. वहीं इस बार ओल्ड टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट में इजाफा किया जा सकता है.
विशेषज्ञों का सुझाव है कि सरकार को धारा 80TTA (बचत खाते के ब्याज) के तहत कटौती की सीमा को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये करने पर विचार करना चाहिए. इसी तरह, वे धारा 80TTB के तहत सीनियर सिटीजन के लिए कटौती की सीमा को बढ़ाने की सिफारिश करते हैं, जो वर्तमान में 50,000 रुपये है.
Budget 2025: स्वर्ण मौद्रीकरण योजना में सुधार से घरेलू बेकार सोने को इस्तेमाल में लाया जा सकेगा जिससे आयात में कमी आएगी और देश आत्मनिर्भर बनेगा.
वहीं पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत टैक्सपेयर्स को होम लोन कटौती का लाभ मिलता है. जो लोग पुरानी टैक्स व्यवस्था को सेलेक्ट करते हैं, वे कब्जे वाली संपत्ति पर होम लोन ब्याज के लिए 2 लजाख रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं, जो कि नई टैक्स व्यवस्था में उपलब्ध नहीं है.
कुछ लोगों का यहां तक कहना है कि पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) को बंद किया जा सकता है. लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स इसे बरकरार रखने की पुरजोर वकालत कर रहे हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जीएसटी को 'गब्बर सिंह टैक्स' कहें या 'गृहस्थी सत्यानाश टैक्स' या फ़िर 'Give Sitharaman Tax"! भाजपा के GST को हम जिस भी नाम से बुलाए, एक बात तय है कि मोदी सरकार ने GST को गरीब और मध्यम वर्ग से उनकी गाढ़ी कमाई लूटने का माध्यम बना दिया है.
सरकार वित्त वर्ष 2020-21 में शुरू की गई नई आयकर व्यवस्था (New Tax Regime) में बदलाव पर विचार कर रही है. नई टैक्स व्यवस्था के तहत 70 फीसदी तक टैक्सपेयर्स शामिल हैं. इसमें पिछले बजट के दौरान स्टैडर्ड डिडक्शन की लिमिट बढ़ाई गई थी.
Gold Rate Weekly Update: सोने की कीमतों में हफ्तेभर में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. एक ओर जहां मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड प्राइस में इजाफा हुआ है, तो वहीं घरेलू मार्केट में इसके दाम में गिरावट दर्ज की गई है.
Gold Rate Weekly Update: बीते एक हफ्ते में सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव आया है. सोना खरीदते समय इसकी शुद्धता के बारे में जानना बेहद जरूरी होता है. ये आभूषण पर दर्ज हॉलमार्क से पता चलती है.
Gold Rate Weekly Update: सोने की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों से लेकर घरेलू मार्केट तक में गिरावट का सिलसिला जारी है और बीता सप्ताह Gold Price के लिए 3 साल का सबसे खराब हफ्ता साबित हुआ है.
Gold Price Fall: सोने की कीमतों में गिरावट जारी है और अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ ही घरेलू मार्केट में भी गोल्ड रेट लगातार घट रहा है. अमेरिकी डॉलर में मजबूती के चलते इसकी कीमतों पर बड़ा असर दिखा है.
Gold Rate Fall: सोने की कीमतों में बीते दो हफ्ते में बड़ी गिरावट देखने को मिली है और ये 5000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया है. देश भर में सोने के आभूषणों की कीमत उत्पाद शुल्क, राज्यों के कर और मेकिंग चार्ज के कारण बदलती रहती है.
Gold Rate Weekly Change : सोने की कीमतों में बीते एक हफ्ते में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. देश भर में सोने के आभूषणों की कीमत उत्पाद शुल्क, राज्यों के कर और मेकिंग चार्ज के कारण बदलती रहती है.
Gold-Silver Weekly Rate Update: फेस्टिव सीजन में सोने और चांदी की चमक में जोरदार इजाफा हो रहा है. मोदी 3.0 के बजट के बाद जहां इनके भाव बुरी तरह टूटे थे, तो अब Gold-Silver की कीमत में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है.
Gold Jewellery बनाने के लिए ज्यादातर 22 कैरेट का ही इस्तेमाल होता है, वहीं कुछ लोग 18 कैरेट सोना यूज करते हैं. आभूषण पर कैरेट के हिसाब से हॉल मार्क दर्ज होता है और 24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999 लिखा होता है.
Gold Rate Today: ईरान और इजरायल के बीच जंग के हालातों ने भू-राजनैतिक हालात खराब किए हैं और शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली है, लेकिन दूसरी ओर सोने की कीमतें बढ़ने के बजाय तेजी से गिरती नजर आ रही हैं.
Gold Rate Today: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने का भाव महीने के आखिरी और सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को 244 रुपये प्रति 10 ग्राम तक कम हुई हैं.