कोरल रीफ
कोरल रीफ (Coral Reef) पानी के नीचे का इकोसिस्टम है (Underwater Ecosystem) जो रीफ-बिल्डिंग कोरल की विशेषता है. यह चट्टानें कैल्शियम कार्बोनेट से आपस में जुड़ी होती हैं और कोरल पॉलीप्स की कॉलोनियों से बनती हैं. ज्यादातर कोरल रीफ्स स्टोनी कोरल से बने होते हैं, जिनके पॉलीप्स समूहों में जमा होते हैं.
इसे समुद्र का वर्षावन भी कहते हैं (Rainforests of Sea), उथले प्रवाल भित्तियां विविध पारिस्थितिक तंत्रों का निर्माण करती हैं. वे दुनिया के महासागर क्षेत्र के 0.1% से भी कम क्षेत्र में पाए जाते हैं. फ्रांस के लगभग आधे क्षेत्र पर कोरल रीफ की मौजूदगी है. वे सभी समुद्री प्रजातियों के कम से कम 25% का घर हैं. कोरल रीफ आमतौर पर उष्णकटिबंधीय जल में उथली गहराई पर पाए जाते हैं, जबकि गहरे और ठंडे पानी में यह छोटे पैमाने पर मौजूद हैं (Coral Reef Occupancy).
अधिकांश प्रवाल भित्तियों का निर्माण लास्ट गैलेसियल पीरियड के बाद हुआ था. ज्यादातर कोरल रीफ 10,000 वर्ष से कम पुरानी हैं. प्रवाल भित्तियां महाद्वीपीय धरातल से दूर, समुद्री द्वीपों और प्रवाल द्वीपों के आसपास गहरे समुद्र में पाई जाती हैं (Coral Reef Formation).
समुद्र में तेजी से तैरने के लिए मशहूर शार्क अब जमीन पर चलने को मजबूर हो रही है. वजह है क्लाइमेट चेंज. वैज्ञानिकों को किस्मत से ये नजारा देखने को मिला. उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया है. कहीं ऐसा न हो कि कुछ सालों बाद लोग शार्क से बचने के लिए जमीन पर भी जगह न पाएं.