तूफान रेमल (Cyclone Reman) के कारण 26 मई की शाम से 27 मई 2024 की सुबह तक बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में तेज आंधी और भारी बारिश होने से भूस्खलन हुआ. भूस्खलन के दौरान तूफान की गति 90 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच थी. इस चक्रवाती तूफान में बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में कुल 12 लोगों ने जान गवा दी.
यह 2024 के उत्तरी हिंद महासागर चक्रवात मौसम का पहला चक्रवाती तूफान था. साइक्लोन रेमल ने भारत और बांग्लादेश के तटीय इलाकों को तबाह कर दिया. इस क्षेत्र में इस साल का पहला चक्रवात हाल के वर्षों में दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के निचले तटों पर आए लगातार तूफानों में से सबसे नया है, क्योंकि जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र की सतह का तापमान बढ़ गया है.
असम में बाढ़ से 9 जिलों में 1.98 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. एजेंसी के मुताबिक चक्रवात रेमल के बाद लगातार बारिश की वजह से प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई.
चक्रवाती तूफान "रेमल" का पूर्वोत्तर के राज्यों पर भारी असर हुआ है. असम सहित पूर्वोत्तर में जन जीवन प्रभावित हुआ. यहां भारी बारिश हो रही है. जिसके चलते हाफलोंग को सिलचर से जोड़ने वाली सड़क बह गई. इसमें एक ट्रक पलट गया. मूसलाधार बारिश के चलते डिम्ब्रूचेरा नदी का बहाव काफी तेज हो गया और ट्रक बह गया.
सामने आया है कि रेमल तूफान से चार लोगों की मृत्यु हो गई. एक व्यक्ति की कोलकाता में दीवार गिरने के कारण मौत हुई और एक व्यक्ति की मृत्यु दक्षिण-24-परगना में पेड़ गिरने के कारण हो गई. दो लोगों की मौत पूर्व बर्धमान में हुई है. सामने आया है कि बिजली गिरने से दोनों की मौत हुई है.
चक्रवाती तूफान रेमल का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. मौसम विभाग की मानें तो ये तूफान आज आधी रात को पश्चिम बंगाल के तटों और बांग्लादेश से टकराएगा. फिलहाल इस तूफान का असर कोलकता में साफ दिखाई दे रहा है. बीती रात से ही शहर में तेज बारिश का दौर जारी है.बारिश की वजह से पार्क स्ट्रीट पर जलभराव भी देखने को मिल रहा है. देखिए VIDEO
साइक्लोन 'रेमल' रविवार रात बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के बीच तट से टकरा गया है. कोलकाता में तेज़ हवाओं और बारिश से दोहरी मुसीबत.
दिल्ली और राजस्थान में भीषण गर्मी अपना प्रकोप दिखा रही है तो वहीं पश्चिम बंगाल में चक्रवाती तूफान रेमल की वजह से तबाही का संकट छाया हुआ है. एक तरफ देश में जहां गर्मी की वजह से लोगों की मौत होने की खबरें सामने आ रही हैं वहीं साइक्लोन की वजह से करीब 8 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है.
साइक्लोन 'रेमल' का कहर पूरे बंगाल में देखने को मिला है. बंगाल के साथ इसका असर असम, बिहार और मिजोरम में भी देखने को मिलेगा. बंगाल में तो कई इलाकों में जलभराव हो गया है. प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. इसके साथ जगह जगह पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. देखें 100 शहर 100 खबर.
साइक्लोन 'रेमल' का कहर पूरे बंगाल में देखने को मिला है. कई घर तबाह हो गए, पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे भी गिर गए हैं. मौसम कार्यालय ने कहा, चक्रवाती तूफान रेमल ने रविवार रात पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप और बांग्लादेश के खेपुपारा के बीच 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दस्तक दी. देखें 9 बज गए.
साइक्लोन 'रेमल' रविवार रात बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के बीच तट से टकरा गया है. मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि तूफान सोमवार को कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा. इससे पहले 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं. कोलकाता में तेज आंधी और तूफान के साथ भारी बारिश शुरू हो गई है. शहर के बीचोबीच पानी घुस गया है.
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव अब चक्रवाती तूफान 'रेमल' में तब्दील हो गया है और तेजी से आगे बढ़ रहा है. तूफान के प्रहार से निपटने के लिए NDRF की 14 टीमे बंगाल के तटीय इलाकों में तैनात हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने तूफान से निपटने की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की है. देखें ये रिपोर्ट.
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात 'रेमल' आगे बढ रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, 'रेमल' आज आधी रात बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में सागर आइलैंड और बांग्लादेश के खेपुपाड़ा में लैंडफॉल करेगा. तूफान में 150 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल सकती है. तूफान का असर पश्चिम बंगाल के साथ-साथ त्रिपुरा और ओडिशा तक हो सकता है. देखें वीडियो.
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव अब चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ में तब्दील हो गया है. इसके आज आधी रात को पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप तथा बांग्लादेश के खेपुपारा के बीच समुद्र तट से टकराने की संभावना है. रेमल की वजह से बंगाल उडीसा जैसे राज्यों में अलर्ट जारी कर दिया गया है.
Cyclonic Storm Remal: चक्रवाती तूफान रेमल बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के बीच तट से टकरा चुका है. इस दौरान पश्चिम बंगाल, असम और पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई. इस दौरान हवा की रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रही.
चक्रवात रेमल ने अब अपने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक चक्रवात रेमल अब से कुछ देर बात पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों पर टकरा चुका है. तूफान के टकराने के बाद से तटीय इलाकों में लैंडफॉल जारी है. आईएमडी के अनुसार, चक्रवाती तूफान 'रेमल' कैनिंग (पश्चिम बंगाल) से लगभग 80 किमी दक्षिण की ओर है. बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटों को पार कर रहा है. NDRF की 14 टीमों को साउथ बंगाल में तैनात किया गया है.
NDRF के पूर्वी क्षेत्र के कमांडर गुरमिंदर सिंह ने कहा कि संभावना है कि चक्रवात रेमल आज आधी रात को लैंडफॉल करेगा. IMD के अनुसार लैंडफॉल के समय हवा की गति 120-130 किमी प्रतिघंटा होगी. NDRF की 14 टीमों को साउथ बंगाल में तैनात किया गया है.
Cyclone Remal: मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात 'रेमल' आज एक गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा. मौसम विभाग के कहा है कि 'रेमल' आधी रात तक बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के नजदीकी तटों के बीच गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में टकराएगा.
तटीय बांग्लादेश और निकटवर्ती तटीय पश्चिम बंगाल पर गंभीर चक्रवाती तूफान रेमल 27 मई की सुबह 0530 बजे कैनिंग से लगभग 70 किमी उत्तर पूर्व और मोंगला से 30 किमी पश्चिम दक्षिण पश्चिम में कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदल गया. अब सिस्टम के धीरे-धीरे और कमजोर होने की संभावना है.
रेमल तूफान की वजह से बंगाल के उत्तर एवं दक्षिण परगना और पूर्वी मेदिनीपुर जिलों में बारिश का रेड अलर्ट जारी है. तटवर्ती इलाकों को खासा नुकसान पहुंचा है. इन इलाकों में दर्जनभर से ज्यादा ट्रेनों के संचालन को रोक दिया गया है. वहीं, लंबी दूरी की ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है.
26 मई को देर रात पश्चिम बंगाल में तूफान रेमल का लैंडफाल हो चुका है. 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ, गंभीर चक्रवाती तूफान 'रेमल' बांग्लादेश और उससे सटे पश्चिम बंगाल के तटों से टकराया. इस दौरान भारी बारिश हुई, जिससे घरों और खेतों में पानी भर गया. चक्रवाती तूफान 'रेमल' तबाही के कई निशान छोड़ गया.
पश्चिम बंगाल में रेमल का असर दिखना शुरू हो गया है. कोलकाता सहित कई शहरों के इलाकों में तेज हवा के साथ भारी बारिश हो रही है. इसी बीच तेज हवा से ट्रेनों के फिसलने से बचाने के लिए रेलवे ने शालीमार रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन के पहियों को जंजीर और ताले से पटरी के साथ बांध दिया है.
चक्रवात रेमल के प्रभाव को देखते हुए रविवार दोपहर 12 बजे से सोमवार सुबह 9 बजे तक 21 घंटे के लिए कोलकाता एयरपोर्ट से उड़ानों का संचालन निलंबित रहेगा. कोलकाता एयरपोर्ट के अधिकारियों ने स्केट होल्डर्स के साथ बैठक के बाद संचालन को निलंबित करने की घोषणा की है.