दही हांडी (Dahi Handi) का त्योहार हर साल भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है. यह पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अगले दिन आता है. दही हांडी का त्योहार भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित है. इस त्योहार में दही की एक हांडी को ऊपर टांग दिया जाता है. फिर एक टोली में शामिल गोविंदा बारी-बारी एक दूसरे के कंधों पर चढ़कर ऊंचे स्थान पर बंधी दही हांडी को फोड़ने की कोशिश करते हैं. इस दही हांडी के ऊपर एक नारियल भी रखा जाता है. गोविंदा इसी नारियल से दही की हांडी फोड़ते हैं.
दही हांडी का पर्व द्वापर युग से मनाने की परंपरा चली आ रही है. यह त्योहार भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं की याद दिलाता है. जैसे भगवान श्रीकृष्ण अपने बाल स्वरूप में माखन चुराने के लिए मटकी फोड़ देते थे. उसी तरह उनके भक्त कन्हैया की चंचल लीलाओं को याद करते हुए दही की हांडी फोड़कर यह त्योहार मनाते हैं.
मुंबई के घाटकोपर में सबसे बड़ी दही हांडी उत्सव मनाई गई. कार्यक्रम में महाराष्ट्र सीएम एकनाथ शिंदे ने भी शिरकत की. मुंबई के दादर इलाके में दही हांडी महोत्सव को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला. इस दौरान महिलाएं भी करतब दिखाती नजर आईं. देखें 'मुंबई मेट्रो'.
जन्माष्टमी का पर्व देश में धूमधाम से मनाया गया. यशोदा के लाल ने जन्म लिया और इसी के साथ उत्सवों का दौर शुरू हो गया. श्री कृष्ण को माखन मिश्री का भोग लगाया जाता है क्योंकि उन्हें माखन बहुत प्रिय है. जन्माष्टमी के अगले दिन दही हांडी मनाई जाती है. आज 27 अगस्त को ये पावन पर्व भी कृष्ण भक्त धूमधाम से मनाते हैं.
Dahi Handi 2024: आज दही हांडी का त्योहार मनाया जाएगा. दही हांडी का त्योहार भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है. यह पर्व हर साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अगले दिन मनाया जाता है. यह त्योहार भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की याद में प्रतिवर्ष मनाया जाता है.