दारा सिंह चौहान, राजनेता
दारा सिंह चौहान (Dara Singh Chauhan) एक भारतीय राजनेता और चौहान (लोनिया राजपूत) के प्रमुख नेता हैं. वह उत्तर प्रदेश में मधुबन विधानसभा ( Madhuban Assembly constituency) क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक रहे हैं (BJP MLA). वह, जनवरी 2022 में मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने तक योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्यरत थे. उन्होंने 15वीं लोकसभा में घोसी का भी प्रतिनिधित्व किया, जहां वे बहुजन समाज पार्टी के नेता थे. 16वीं लोकसभा में, वे हरिनारायण राजभर से हार गए. 2 फरवरी 2015 को, वह नई दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे (Dara Singh Chauhan Joined BJP).
चौहान का जन्म 25 जुलाई 1963 को आजमगढ़ जिले के गलवारा गांव में राम किशन चौहान के यहां हुआ था (Dara Singh Chauhan Age). उन्होंने दिशा चौहान से शादी की (Dara Singh Chauhan Wife), उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं (Dara Singh Chauhan Children).
2015 में, भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद, उन्हें भाजपा ओबीसी मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया और मधुबन निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया गया. उन्होंने मधुबन निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीता और इस निर्वाचन क्षेत्र में पहली बार भाजपा की उपस्थिति दर्ज कराई लिहाजा वह यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए. इससे पहले, उन्होंने भारत सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया. वह 1996-2000 तक राज्यसभा सदस्य रहे. 2000-2006 तक राज्यसभा में उनका दूसरा कार्यकाल रहा. 2009-2014 तक 15वीं लोकसभा में संसद सदस्य रहे. 2017 से उत्तर प्रदेश की 17वीं विधान सभा में मौजूदा विधायक हैं और 2017-2022 तक योगी आदित्यनाथ सरकार में वन और पर्यावरण मंत्री रहे (Dara Singh Chauhan Political Career).
घोसी विधानसभा उपचुनाव में ओपी राजभर के पूर्ण समर्थन के बाद भी दारासिंह चौहान अपनी परंपरागत सीट 42 हजार वोटों से हार गए. तो कैसे यह मान लिया जाए कि इन दोनों नेताओं को लाकर बीजेपी पूर्वी यूपी में अपनी स्थिति मजबूत कर सकेगी?
योगी सरकार 2.0 का आज मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है. इस कैबिनेट विस्तार में हाल ही में INDIA ब्लॉक छोड़कर NDA में शामिल हुई जयंत चौधरी की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल को भी वेलकम गिफ्ट मिलने की चर्चा है.
दारा सिंह चौहान की यूपी के उच्च सदन यानी विधानपरिषद के जरिए विधायिका में एंट्री हो ही गई. दिनेश शर्मा के इस्तीफे से रिक्त हुई सीट से दारा निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं. अब क्या दारा को योगी कैबिनेट में जगह मिलेगी?
उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ बीजेपी नेता डॉ. दिनेश शर्मा के राज्यसभा सांसद बनने के बाद विधान परिषद में एक सीट खाली हुई थी. इस सीट पर ही दारा सिंह चौहान ने नामांकन किया है. गुरुवार को उनके नामांकन प्रक्रिया के दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, केशव मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी मौजूद थे.
मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट के उपचुनाव में करारी हार के बाद दारा सिंह चौहान का बीजेपी से फिर टिकट कन्मर्म हो गया है. बीजेपी दारा को दूसरा मौका दे दिया है. बीजेपी ने दारा सिंह चौहान को उम्मीदवार बनाया है तो वहीं अब उनको योगी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं.
बीजेपी कभी जातीय जनगणना के विरोध में खड़ी नहीं दिखी, अब लगता है विपक्ष का दबाव महूसस करने लगी है. बिहार की जातिगत गणना के आंकड़ों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिएक्शन और अमित शाह के ताजा बयान में जो फर्क है, वो यही बता रहा है - फिर ये विपक्ष की जातीय राजनीति का दबाव नहीं तो क्या है?
दारा सिंह चौहान घोसी उपचुनाव में हार के बाद पहली बार दिल्ली दरबार पहुंचे. दारा ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा. क्या बीजेपी नेतृत्व दारा सिंह चौहान को थर्ड चांस देगा?
अगर इतिहास के पन्ने पलटेंगे तो पता चलेगा कि मार्च 2018 में बीजेपी उपचुनावों में तीन लोकसभा सीटें हार गई थी. बिहार की अररिया सीट पर आरजेडी जीती थी. लेकिन बीजेपी को सबसे बड़ा झटका यूपी की फूलपुर सीट से लगा था, जहां वह बुरी तरह हार गए थे. लेकिन इसी सीट पर 2014 में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जीते थे.
Ghosi Election Result: दारा सिंह चौहान को उनकी 'आया राम, गया राम' की पॉलिटिक्स ने भी खूब नुकसान पहुंचाया. घोसी में बहुत सारे लोगों ने आशंका जताई थी कि क्या पता दारा सिंह चुनाव जीतने के बाद फिर से सपा में चले जाएं, या कोई और पार्टी जॉइन कर लें. इसके पीछे लोगों ने उनके पुराने ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला दिया.
Bypoll results analysis: उपचुनावों के नतीजे कई तरह से देखे जा सकते हैं. सिर्फ घोसी का रिजल्ट नहीं, INDIA गठबंधन को ये मौका तो मिल ही गया है कि वो NDA को शिकस्त देने का दावा कर सके, लेकिन बीजेपी भी तो दावा कर सकती है कि उसने 7 में से अकेले तीन सीटें जीती है और बाकियों को एक एक मिला है.
Ghosi Bypoll Result: राजनीतिक पंडित घोसी उपचुनाव को यूपी में I.N.D.I.A गठबंधन का लिटमस टेस्ट भी बता रहे थे. तो आइए जानते हैं आखिर कौन हैं दारा सिंह चौहान, जिनके हारने से 'INDIA' को 2024 लोकसभा चुनाव से पहले मिली संजीवनी...?
घोसी विधानसभा उपचुनाव में INDIA गठबंधन के एक घटक दल समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच पहली चुनावी भिड़ंत होनी है. यहां बीजेपी से दारा सिंह चौहान और सपा से सुधाकर सिंह मैदान में हैं. जबकि झारखंड की डुमरी विधानसभा सीट पर INDIA गठबंधन की कैंडिडेट बेबी देवी का NDA की उम्मीदवार यशोदा देवी से सीधा मुकाबला है.
सीएम योगी ने कहा कि कोरोना के वक्त कांग्रेस ने इटली तो सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इंग्लैंड की टिकट कटा ली थी. साथ ही कहा कि सपा ने कांशीराम जी के नाम पर बने विश्वविद्यालय का नाम बदल दिया था. सपा महापुरुषों को अपमानित करने का कार्य करती है. सपा सरकार में सिर्फ एक ही परिवार का विकास हुआ था.
कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि समाजवादी पार्टी इंडियन नेशनल डेवलेपमेन्टल इंक्लूसिव एलाइंस (INDIA) का हिस्सा है, इसलिए उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के तहत 354-घोसी विधानसभा के उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी का समर्थन करती है.
मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी दारा सिंह चौहान पर स्याही फेंकने का मामला सामने आया है. ये घटना कोपागंज थाना क्षेत्र के अदरी मोहल्ले की है. इसको लेकर बीजेपी ने सपा पर हमला बोला है. दारा सिंह ने कहा कि बीजेपी को मिल रहे समर्थन से विपक्ष में बौखलाहट है. इसी वजह से इस तरह की हरकतें की जा रही हैं.
यूपी में मऊ की घोसी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 5 सितंबर को मतदान होगा और 8 सितंबर को काउंटिंग होगी. सपा छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए दारा सिंह चौहान ने इसको लेकर पूरी ताकत झोंक रखी है. रविवार को वो कई गाड़ियों के काफिले के साथ यहां पहुंचे.
समाजवादी पार्टी छोड़कर से बीजेपी में घर वापसी करने वाले दारा सिंह चौहान को भाजपा घोसी उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बनाएगी. पार्टी की कोर कमेटी ने चौहान के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी है और अब आलाकमान को फैसला लेना है.
पूर्वांचल के किले को अभेद्य बनाने की कोशिश में बीजेपी संगठन की खामियां दूर करने के साथ ही जातीय समीकरण सेट करने की कवायद में भी जुटी है. ऐसे में ओमप्रकाश राजभर और दारा सिंह चौहान, दोनों ही नेता बीजेपी की रणनीति में फिट बैठ रहे थे और इसी ने एनडीए-बीजेपी में इनकी वापसी का आधार तैयार किया.
यूपी सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान सोमवार को बीजेपी में शामिल हो गए हैं. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या और ब्रजेश पाठक की मौजूदगी में प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई है.
समाजवादी पार्टी से इस्तीफा देने के बाद आज दारा सिंह चौहान बीजेपी में शामिल हो गए हैं. माना जा रहा है कि योगी मंत्रिमंडल के पहले विस्तार में दारा सिंह चौहान कैबिनेट मंत्री की शपथ ले सकते हैं. साथ ही दोबारा खाली हुई घोसी विधानसभा से चुनाव भी लड़ सकते हैं. हालांकि दारा सिंह को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.
देश में अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं. उससे पहले सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं. सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्ष के बीच राजनीतिक ताकत जुटाने की प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है. 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है. सत्र से ठीक दो दिन पहले एनडीए और विपक्षी पार्टियों की बैठक को अहम माना जा रहा है. बीजेपी 2024 से पहले अपने बिछड़े दोस्तों को साथ लेकर आ रही है.